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Testimonails

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pancreatitis attack ko kse rok sakte hai
पैंक्रियाटिक अटैक ( Pain attacks)को कैसे रोक सकते हैं ? पैंक्रियास में दर्द के हमले को कैसे नियंत्रित करे ? यदि आप बार बार आने वाले पैंक्रिअटिक अटैक्स से परेशान हैं तो यह वीडियो आपके लिए मार्गदर्शन प्रदान कर सकता हैं। इस वीडियो में बताया गया पेशेंट पैंक्रिअटिक अटैक्स से पीड़ित था। जिसे 2009 में पहली बार पैनक्रियाटिक अटैक आया। उस समय उसे नहीं पता था कि पैनक्रियाटाइटिस क्या होता है और यह उस पर कौन-सी मुसीबत ला रहा है। डॉक्टरों ने उसे सिर्फ कुछ दर्द निवारक दवाइयाँ दीं, लेकिन असल में उस बीमारी का कोई स्थायी समाधान नहीं मिला। समय बीतता गया, लेकिन वो उस दर्द को नजरअंदाज करते रहा। कुछ सालों बाद, 2019 में उसे फिर से वही समस्या हुई, लेकिन इस बार उसे बताया गया कि उसे "पैनक्रियाटिक डिविज़म" हो गया है। उसकी मुश्किलें और भी बढ़ गईं और उसने फैसला किया कि अब वह इस बीमारी को जड़ से समाप्त करना चाहता है। उसने पैनक्रियाटाइटिस का स्थायी समाधान खोजने की ठानी। इसी खोज में, उसने एक दिन YouTube पर एक वीडियो देखा, जिसमें एक डॉक्टर ने पैनक्रियाटाइटिस से संबंधित कई महत्वपूर्ण बातें साझा की थीं। उस वीडियो को देखने के बाद, उसके मन में एक नई उम्मीद जगी। उसने होम्योपैथी की दवाओं के बारे में और जानने की इच्छा प्रकट की। अगले दिन, वह ब्रह्म होम्योपैथी सेंटर गया और वहां डॉक्टर से मिला। डॉक्टर ने उसकी समस्याओं को सुनते हुए उसे एक भाई की तरह समझाया और मार्गदर्शन किया। उसने अपने दिल की हर बात डॉक्टर के सामने रखी, और डॉक्टर ने न सिर्फ एक मरीज की तरह उसे सुना, बल्कि उसका हौसला भी बढ़ाया। डॉक्टर के मार्गदर्शन में उसने होम्योपैथी का इलाज लेना शुरू किया। महज एक महीने में, उसे अपने स्वास्थ्य में सुधार देखने को मिला। उसने महसूस किया कि होम्योपैथी सिर्फ दवा नहीं देती, बल्कि यह मरीज के मन और शरीर को भी ठंडक और शांति प्रदान करती है। कुछ समय बाद, वह सामान्य भोजन करने लगा और उसकी जिंदगी में फिर से उम्मीद की किरण चमकने लगी। उसने महसूस किया कि अब वह फिर से एक सामान्य जीवन जी सकता है। रोग को मिला जड़ से आराम :- होम्योपैथी अनुसंधान आधारित विज्ञान है जिसमें हम रोगी को सर्वोत्तम दवा देते हैं। पैंक्रियाटिक अटैक का पुराना सही ऊर्जा आधारित उपचार है। मुझे समझ में आने लगा कि उपचार केवल मेरे द्वारा खाए गए भोजन के बारे में नहीं है, बल्कि मेरी आत्मा को पोषित करने के बारे में भी है। मैंने सीखा कि किसी भी बीमारी से ठीक होने के लिए, व्यक्ति को केवल शरीर ही नहीं, बल्कि मन और आत्मा को भी पोषित करना चाहिए। रोगी ने अपनी कहानी दूसरों के साथ साझा की, उन्हें याद दिलाया कि आशा और सद्भाव शरीर को फिर से स्वस्थ बना सकते हैं। उपचार के लिए होम्योपैथी की यात्रा एक सुंदर मार्ग है, और आशा आपका मार्ग रोशन करेगी। यदि आप खुद को रोगी की तरह चुनौतियों का सामना करते हुए पाते हैं, तो याद रखें कि आप अकेले नहीं हैं। पैंक्रियाटिक अटैक के लिए होम्योपैथी में क्या उपचार हैं ? होम्योपैथी वैकल्पिक चिकित्सा की एक प्रणाली है जो शरीर की स्व-उपचार प्रक्रियाओं को उत्तेजित करने के लिए अत्यधिक पतला पदार्थों का उपयोग करती है। यदि आप किसी भी स्थिति के लिए होम्योपैथी पर विचार कर रहे हैं, तो किसी योग्य होम्योपैथ या स्वास्थ्य सेवा पेशेवर से परामर्श करना महत्वपूर्ण है जो व्यक्तिगत सिफारिशें प्रदान कर सके। क्रोनिक अग्न्याशय में सूजन जैसी बीमारी है। होम्योपैथी बिना किसी सर्जरी के क्रोनिक पैन्क्रियाटाइटिस को ठीक कर सकती है। होम्योपैथी उपचार के माध्यम से अग्नाशयशोथ का सबसे अधिक इलाज किया जाता है और होम्योपैथी अपनी प्रभावी दवा और थैरेपी से अग्नाशयशोथ के जोखिम को हल कर सकती है। होम्योपैथी प्राकृतिक और जैविक उपचार विकल्प द्वारा आपकी बीमारी को नियंत्रित करने का सबसे अच्छा तरीका है। यदि आपको तीव्र अग्नाशयशोथ के लक्षण महसूस होते हैं तो आपको अपने स्वास्थ्य सेवा प्रदाता से परामर्श करना चाहिए और अग्नाशयशोथ की स्थिति में आपको जल्द से जल्द उपचार लेना चाहिए। होम्योपैथी अपने रोगी को कुछ दर्द निवारक उपचार सुझाती है।
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non hodgkins lymphoma ka safal ilaaj
कैंसरयुक्त " नॉन-हॉजकिन लिम्फोमा " का मिला असाधारण इलाज शरीर में बढे कैंसर को मिटाया होमियोपैथी दवाई से। पेशेंट को मिला नया जीवन। इस वीडियो में बताये पेशेंट को Non-Hodgkin lymphoma (NHL) की समस्या थी। एक बार की बात है, उसे गर्दन के पास एक ट्यूमर हो गया था। जब उसने पहली बार अपने घर के सरकारी अस्पताल में जांच करवाई, तो उसके शरीर में कई समस्याएँ थीं। दर्द और कमजोरी से परेशान होकर, उसने अपनी बीमारी का पता लगाने की कोशिश की। जाँच रिपोर्ट मिली, और उसे बताया गया कि उसे कैंसर है। इस सुनकर उसके सारे सपने बिखर गए; उसने अपनी उम्मीद और आत्मविश्वास खो दिया। कैंसर का नाम सुनते ही उसके मन में डर और तनाव भर गया। उस समय उसे जीवन में कोई समर्थन नहीं था। उसने सर्जरी के लिए कई सुझाव प्राप्त किए, लेकिन वह हिम्मत और सहयोग की कमी महसूस कर रहा था। उसकी फैमिली उस समय उसके साथ नहीं थी। उसका जीवन संघर्ष से भरा हुआ था क्योंकि उसकी नौकरी भी ख़राब हो रही थी और उसके पास कोई विकल्प नहीं था। मगर कुछ समय बाद, उसने इस समस्या का हल निकालने का निर्णय लिया। किस्मत से, एक दिन उसने इंटरनेट पर एक वीडियो देखा, जिसमें एक होमियोपैथी डॉक्टर " नॉन-हॉजकिन लिम्फोमा " के बारे में चर्चा कर रहे थे। उस वीडियो में डॉक्टर ने एक मामले का अध्ययन साझा किया था, जिसमें एक मरीज ने होमियोपैथिक उपचार के बाद सकारात्मक परिणाम प्राप्त किए थे। उस वीडियो को देखकर उसे नई उम्मीद मिली और उसने तय किया कि उसे भी होमियोपैथी से इलाज करवाना चाहिए। उसने Brahm Homeopathic Healing and Research Center से अपना उपचार शुरू करने का निर्णय लिया। वहाँ उसे एक विशेष और शोध-आधारित इलाज और दवाएं मिलीं। डॉक्टर प्रदीप ने उसे सलाह दी कि उसे तुरंत दवाएं लेनी चाहिए, भले ही बीमारी अभी पूरी तरह विकसित न हुई हो। अस्पताल के सभी डॉक्टर और स्टाफ ने जो समर्थन दिया, उसके लिए वह बहुत आभारी था।  जब वह अस्पताल नहीं जा पाता था, तो अस्पताल के प्रबंधन ने उसकी दवाएं उसके घर पर पहुंचाने का व्यवस्था किया। इस सभी से उसे आत्मविश्वास मिला और उसने धीरे-धीरे अपने स्वास्थ्य में सुधार देखा। उसने अप्रैल महीने से उपचार शुरू किया। कुछ महीनों के बाद, वह देखने लगा कि उसकी कैंसर की समस्या धीरे-धीरे समाप्त हो रही है। यह सबकुछ सही समय पर सही उपचार के कारण संभव हुआ। उसने अपनी कहानी से सीखा कि कष्ट और संघर्षों के बावजूद, उम्मीद कभी नहीं छोड़नी चाहिए। होमियोपैथी ने उसे फिर से जीवन जीने का मौका दिया। अब वह अपनी जिंदगी में आगे बढ़ रहा था, नए सपनों के साथ। उसकी इस यात्रा ने उसे यह सिखाया कि कठिनाइयों को पार करने का मार्ग हमेशा खुला होता है, बस विश्वास और सही उपचार का होना जरूरी है। रोग को जड़ से कैसे ठीक करें :- होम्योपैथी अनुसंधान आधारित विज्ञान है जिसमें हम रोगी को सर्वोत्तम दवा देते हैं। " नॉन-हॉजकिन लिम्फोमा " का पुराना सही ऊर्जा आधारित उपचार है। मुझे समझ में आने लगा कि उपचार केवल मेरे द्वारा खाए गए भोजन के बारे में नहीं है, बल्कि मेरी आत्मा को पोषित करने के बारे में भी है। मैंने सीखा कि किसी भी बीमारी से ठीक होने के लिए, व्यक्ति को केवल शरीर ही नहीं, बल्कि मन और आत्मा को भी पोषित करना चाहिए। रोगी ने अपनी कहानी दूसरों के साथ साझा की, उन्हें याद दिलाया कि आशा और सद्भाव शरीर को फिर से स्वस्थ बना सकते हैं। उपचार के लिए होम्योपैथी की यात्रा एक सुंदर मार्ग है, और आशा आपका मार्ग रोशन करेगी। यदि आप खुद को रोगी की तरह चुनौतियों का सामना करते हुए पाते हैं, तो याद रखें कि आप अकेले नहीं हैं।]  " नॉन-हॉजकिन लिम्फोमा " के लिए होम्योपैथी सर्वश्रेष्ठ इलाज :- होम्योपैथी वैकल्पिक चिकित्सा की एक प्रणाली है जो शरीर की स्व-उपचार प्रक्रियाओं को उत्तेजित करने के लिए अत्यधिक पतला पदार्थों का उपयोग करती है। यदि आप किसी भी स्थिति के लिए होम्योपैथी पर विचार कर रहे हैं, तो किसी योग्य होम्योपैथ या स्वास्थ्य सेवा पेशेवर से परामर्श करना महत्वपूर्ण है जो व्यक्तिगत सिफारिशें प्रदान कर सके। "नॉन-हॉजकिंस लिंफोमा" में सूजन जैसी बीमारी है। होम्योपैथी बिना किसी सर्जरी के "नॉन-हॉजकिंस लिंफोमा" को ठीक कर सकती है। होम्योपैथी उपचार के माध्यम से "नॉन-हॉजकिंस लिंफोमा" का सबसे अधिक इलाज किया जाता है, कुछ मामलों में - विशेष रूप से सरल अपेंडिसाइटिस - को तत्काल सर्जिकल हस्तक्षेप के बिना प्रबंधित किया जा सकता है। होम्योपैथी अपनी प्रभावी दवा और थैरेपी से एक्यूट के जोखिम को हल कर सकती है। होम्योपैथी प्राकृतिक और जैविक उपचार विकल्प द्वारा आपकी बीमारी को नियंत्रित करने का सबसे अच्छा तरीका है। यदि आपको "नॉन-हॉजकिंस लिंफोमा" के लक्षण महसूस होते हैं तो आपको अपने स्वास्थ्य सेवा प्रदाता से परामर्श करना चाहिए और "नॉन-हॉजकिंस लिंफोमा" की स्थिति में आपको जल्द से जल्द उपचार लेना चाहिए। होम्योपैथी अपने रोगी को कुछ दर्द निवारक उपचार सुझाती है।
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chronic calcific & pseudocyst pancreatitis treatment in homeopathic
कैल्किफिकेशन ऑफ़ पैंक्रियाटाइटिस का बिना सर्जरी के होमियोपैथी उपचार स्यूडोसिस्ट ऑफ़ पैंक्रियास के लिए अच्छा इलाज क्या हैं ? होमियोपैथी में पैंक्रियाटाइटिस के साथ स्यूडोसिस्ट और कैल्किफिकेशन का असरकारक इलाज हैं। इस वीडियो में बताये गए पेशेंट को पेट में तेज़ दर्द का सामना करना पड़ा। यह दर्द उसके लिए नया नहीं था, क्योंकि उसे अपने पेट में कई बार इसी तरह के दर्द का अनुभव हो चुका था। साल 2019 में, उसने एक जांच करवाई थी जिसमें उसे पता चला कि उसे पैंक्रियाटाइटिस (अग्नाशय की सूजन) के साथ स्यूडोसिस्ट (एक तरल भरा दाद) और कैल्किफिकेशन (पत्थरी का निर्माण) हो गया था। इस दर्द के कारण वो बहुत परेशान था। न केवल उसे दर्द हो रहा था, बल्कि उसे वजन घटने और उल्टी की भी समस्या थी। उसका पाचन तंत्र ठीक से काम नहीं कर रहा था और वो भारी भोजन का सहारा नहीं ले पा रहा था। वो हमेशा आशा करता था कि कहीं ना कहीं उसका ये रोग ठीक होगा, लेकिन असल में, उसका रोग धीरे-धीरे बढ़ रहा था। एक दिन, उसने इंटरनेट पर एक वीडियो देखा, जिसमें होम्योपैथी के डॉक्टर एक मरीज का केस स्टडी ले रहे थे। उस मरीज ने बताया कि किस तरह होम्योपैथी ने उसकी पैंक्रियाटाइटिस और प्सेडोसिस्‍ट को ठीक करने में मदद की। मरीज के अनुभवों ने उसे बहुत प्रभावित किया। उसने सोचा, "क्या होगा अगर मैं भी इस डॉक्टर से मिल कर अपना इलाज करवाऊं?" फोन उठाकर उसने डॉ. प्रदीप से अपॉइंटमेंट लिया और "ब्रह्म होम्योपैथी हीलिंग और रिसर्च सेंटर" में पहुँच गया। जब उसने डॉ. प्रदीप से मुलाकात की, तो वह महसूस करने लगा कि शायद यह उसकी बीमारी का समाधान हो सकता है।डॉक्टर ने उसकी पूरी जांच की और उसे उपचार की प्रक्रिया शुरू करने का सुझाव दिया। पहले कुछ हफ्तों में उसने कुछ सकारात्मक बदलाव अनुभव किए। उसने डॉक्टर की सलाहों का पालन किया और अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहा। समय के साथ, उसका दर्द कम होता गया और उसकी सेहत में सुधार होने लगा। उपचार के अंत में, उसने महसूस किया कि अब उसे कोई समस्या नहीं थी। रोग को जड़ से ठीक कैसे करे :- होम्योपैथी अनुसंधान आधारित विज्ञान है जिसमें हम रोगी को सर्वोत्तम दवा देते हैं। अग्नाशयशोथ का पुराना सही ऊर्जा आधारित उपचार है। मुझे समझ में आने लगा कि उपचार केवल मेरे द्वारा खाए गए भोजन के बारे में नहीं है, बल्कि मेरी आत्मा को पोषित करने के बारे में भी है। मैंने सीखा कि किसी भी बीमारी से ठीक होने के लिए, व्यक्ति को केवल शरीर ही नहीं, बल्कि मन और आत्मा को भी पोषित करना चाहिए। रोगी ने अपनी कहानी दूसरों के साथ साझा की, उन्हें याद दिलाया कि आशा और सद्भाव शरीर को फिर से स्वस्थ बना सकते हैं। उपचार के लिए होम्योपैथी की यात्रा एक सुंदर मार्ग है, और आशा आपका मार्ग रोशन करेगी। यदि आप खुद को रोगी की तरह चुनौतियों का सामना करते हुए पाते हैं, तो याद रखें कि आप अकेले नहीं हैं। क्रोनिक कैल्सिफिकेशन ऑफ़ पैन्क्रियाटाइटिस के लिए होम्योपैथी उपचार होम्योपैथी वैकल्पिक चिकित्सा की एक प्रणाली है जो शरीर की स्व-उपचार प्रक्रियाओं को उत्तेजित करने के लिए अत्यधिक पतला पदार्थों का उपयोग करती है। यदि आप किसी भी स्थिति के लिए होम्योपैथी पर विचार कर रहे हैं, तो किसी योग्य होम्योपैथ या स्वास्थ्य सेवा पेशेवर से परामर्श करना महत्वपूर्ण है जो व्यक्तिगत सिफारिशें प्रदान कर सके। क्रोनिक कैल्सिफिकेशन जैसी बीमारी का होम्योपैथी में बिना किसी सर्जरी के असरकारक उपचार हैं । होम्योपैथी उपचार के माध्यम से अग्नाशयशोथ का सबसे अधिक इलाज किया जाता है, कुछ मामलों में - विशेष रूप से सरल अपेंडिसाइटिस - को तत्काल सर्जिकल हस्तक्षेप के बिना प्रबंधित किया जा सकता है। होम्योपैथी अपनी प्रभावी दवा और थैरेपी से एक्यूट के जोखिम को हल कर सकती है। होम्योपैथी प्राकृतिक और जैविक उपचार विकल्प द्वारा आपकी बीमारी को नियंत्रित करने का सबसे अच्छा तरीका है। यदि आपको कैल्सिफिकेशन ऑफ़ पैन्क्रियाटाइटिस के लक्षण महसूस होते हैं तो आपको अपने स्वास्थ्य सेवा प्रदाता से परामर्श करना चाहिए और अग्नाशयशोथ की स्थिति में आपको जल्द से जल्द उपचार लेना चाहिए। होम्योपैथी अपने रोगी को कुछ दर्द निवारक उपचार सुझाती है।
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pancreas me sujan ka kya ilaaj hai
अग्न्याशय (Pancreas)में सूजन का क्या इलाज हैं ? अग्न्याशय की सूजन को कैसे ठीक करे ? 4 महीने के अंदर अग्नाशयशोथ का इलाज- Patient case study जुलाई 2022 की बात है, इस वीडियो में बताये गए व्यक्ति को अचानक तेज दर्द का सामना करना पड़ा। उसे पता चला कि उसे पैंक्रियाटाइटिस यानी अग्नाशय सूजन की समस्या है। इस दर्द ने उसकी ज़िंदगी को मुश्किल बना दिया। पहले उसने पंजाब में इलाज कराया, फिर इलाज के लिए लखनऊ गया। हालांकि, उसे दर्द से थोड़ी राहत मिली, लेकिन सोचने लगा कि वास्तव में इस दर्द से स्थायी छुटकारा कैसे पाए।तब उसने ब्रह्म होमियोपैथी हीलिंग एंड रिसर्च सेंटर के बारे में सुना और डॉक्टर से अपॉइंटमेंट लिया। जब वह डॉक्टर से मिला, तो उसने अपनी स्थिति के बारे में सभी समस्याएँ बताई। उसने कहा कि वह बहुत सारी दवाइयाँ ले चुका है, लेकिन उसका दर्द समय के साथ बढ़ता ही गया। डॉक्टर प्रदीप ने उसकी पूरी जाँच की। उन्होंने सही से इसकी तहकीकात की और अंततः उसके शरीर में मुख्य समस्या को पहचाना। डॉक्टर प्रदीप ने उसका उपचार शुरू किया। थोड़े समय बाद, उस व्यक्ति ने अपने शरीर में कोई दर्द महसूस नहीं किया। चार महीने में, उसे इलाज से बड़ा सुधार मिला। अब वह सही भोजन कर सकता था और लंबी दूरी पर चल भी सकता था। साथ ही, उसने अपने मोटापे और पाचन समस्याओं को भी कम कर दिया।  उसने फिर से स्वास्थ्य रिपोर्ट करवाई, जिसमें उसकी अग्नाशय की सामान्य स्थिति देखने को मिली। हर डॉक्टर ने कहा कि उसके रोग का कोई निश्चित निदान नहीं है, लेकिन जब उसने डॉक्टर प्रदीप से परामर्श लिया, तो उसे पता चला कि होमियोपैथी ने उसके अग्नाशय के रोग का सबसे अच्छा समाधान दिया।उसने बिना किसी सर्जरी के अपनी बीमारी को ठीक कर लिया और सभी पैंक्रियाटाइटिस के मरीजों को सलाह दी कि जब और कोई विकल्प न हो, तो होमियोपैथी पर नज़र डाले। वह डॉक्टर प्रदीप के प्रति बहुत आभारी रहा।  उसने महसूस किया कि होमियोपैथी के उपचार की प्रक्रिया अद्वितीय थी और यह बीमारी को स्वाभाविक रूप से ठीक करने का एक विशेष तरीका था। फिर उसने अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखना शुरू कर दिया। उसने डॉक्टर प्रदीप के सभी वीडियो देखना शुरू किया, जो पैंक्रियाटाइटिस के विशेषज्ञ थे। डॉक्टर प्रदीप ने उसे बताया कि इस बीमारी से राहत पाने में समय लगता है, यह सब मरीज के शरीर पर निर्भर करता है। जब उसने इलाज शुरू किया, तो वह बहुत शांत और प्रेरित महसूस करता था। उसने अपनी व्यक्तिगत ज़िंदगी को संभालना शुरू किया और एक स्वस्थ जीवन जीने की कोशिश की। डॉक्टर का व्यवहार उनके प्रति बहुत अच्छा और शांतिपूर्ण था।  होम्योपैथी से अग्न्याशय (Pancreas)की सूजन को मिटाना संभव हैं ? होम्योपैथी एक प्रभावशाली और सुरक्षित उपचार पद्धति है, जो अग्न्याशय की सूजन और दर्द को मिटने के लिए सर्वश्रेष्ठ समाधान प्रदान कर सकती है। यह चिकित्सा बिना किसी सर्जिकल प्रक्रिया के दर्द से राहत दिलाने में सक्षम होती है। होम्योपैथी दवाएं शरीर की प्राकृतिक क्षमता को उत्तेजित करती हैं, जिससे रोगी जल्दी ठीक होता है। " अग्नाशयशोथ को होम्योपैथी से मिटाएं!" इस सिद्धांत के तहत, होम्योपैथी दर्द की मूल कारण को समझते हुए एक व्यक्तिगत उपचार योजना बनाती है। इसके माध्यम से ना केवल दर्द में कमी आती है, बल्कि संपूर्ण स्वास्थ्य में सुधार होता है। पेशेंट को ये साफ-सुथरी, नैतिक और सरल उपचार प्रणाली के फायदे मिलते हैं, जिससे वह बिना किसी भय के अपनी जिंदगी का आनंद ले सकता है। होम्योपैथी एक अद्भुत विकल्प है जो अग्न्याशय की सूजन और दर्द को दूर करने के लिए सभी के लिए खुला है।
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lichen planus ka homeopathic ilaaj
लाइकेन प्लानस ( Lichen planus)के लिए होम्योपैथी इलाज ! ओरल लाइकेन प्लेनस का परमेनन्ट इलाज क्या हैं ? इस वीडियो में बताये गया मरीज ऑस्ट्रेलिया में रहता था, जो मौखिक लाइकेन प्लानस (Lichen planus) की बीमारी से परेशान था। लाइकेन प्लानस की बीमारी में रोगी अत्यधिक खुजली और जलन का अहसास होता है, जो न केवल शारीरिक discomfort पैदा करता है, बल्कि मानसिक तनाव भी उत्पन्न करता है।उसकी बेचैनी दिन-प्रतिदिन बढ़ती जाती है। यह बीमारी मुंह के अंदर दर्दनाक घावों और जलन का कारण बनती है। जिससे पेशेंट खाना खाने, बातें करने और सामान्य जीवन जीने में भी कठिनाई महसूस करता है। उसकी बीमारी के कारण उसे भारत आकर इलाज करवाना पड़ा। जब उसने देखा कि पूर्व में किए गए उपचारों से उसे कोई राहत नहीं मिली, तो उसने निर्णय लिया कि वह अपने रोग को जड़ से ठीक करना चाहता है। जब वह एक डॉक्टर के पास गया, तो डॉक्टर ने उसे कई प्रकार की दवाएँ और टैबलेट्स दी। उसने कई डॉक्टरों से सलाह ली, लेकिन हर बार राहत की जगह निराशा ही मिली। एक बार फिर वह डॉक्टर से मिला, जिसने उसे अस्पताल में भर्ती होने की सलाह दी। हर 2 से 3 महीने में उसे मौखिक लाइकेन प्लानस के दौरे पड़ते रहते थे। फिर उसे होम्योपैथी का एक अनोखा इलाज मिला। उसने सोचा कि यह एक सुरक्षित और प्राकृतिक उपाय है, और उसे यकीन था कि वह अपनी बीमारी का समाधान पा सकेगा। सबसे अच्छी बात यह थी कि वह ऑस्ट्रेलिया में रहते हुए भारत से दवाई मंगा सकता था। अस्पताल ने उसकी दवाई उसके पते पर भेज दी, जिसके कारण वह बहुत सहज और शांत महसूस करने लगा। सबसे पहले, डॉक्टर प्रदीप ने मरीज की चिकित्सा इतिहास, लक्षण, और जीवनशैली का गहराई से अध्ययन किया । इसके बाद, मरीज की विशेष स्थिति के अनुसार व्यक्तिगत दवा का चयन किया  जब भी उसे डॉक्टर से बात करनी होती, तो वह वीडियो कॉल के माध्यम से बातचीत करता। डॉ. प्रदीप, जो पैंक्रियाटाइटिस के विशेषज्ञ थे, अपने व्यस्त शेड्यूल के बावजूद, अपने मरीजों के लिए समय निकालते थे। उनका व्यवहार बहुत अच्छा था, और वे बहुत प्यारे स्वर में मरीज से बात करते थे। उन्होंने मरीज को कई समाधान और डाइट की सलाह भी दी। डॉ. प्रदीप ने कहा, "बीमारी आपके शरीर का एक हिस्सा है। हम आपकी बीमारी को ठीक कर सकते हैं, लेकिन आपका शरीर तब बेहतर हो सकता है जब आप अपने शरीर को  ध्यान देंगे। आपको अपनी सेहत का ख्याल रखना चाहिए।" जब उन्होंने इस डॉक्टर से मुलाकात की, तो उन्हें लगा कि वे सही विकल्प चुन रहे हैं। जब उन्होंने ब्रह्म होम्योपैथी हीलिंग एंड रिसर्च सेंटर में अपना उपचार शुरू किया, तो उन्हें धीरे-धीरे सुधार दिखने लगा। आखिरकार, इलाज के बाद वह सामान्य जीवन जीने लगा, और सबसे अच्छी बात यह थी कि वह बिना किसी सर्जरी के अपनी बीमारी को ठीक करने में सफल हुआ। लाइकेन प्लानस के लिए होमियोपैथी सर्वश्रेष्ठ उपचार ! होम्योपैथी एक अद्वितीय और प्रभावी उपचार प्रणाली है, जो मौखिक लाइकेन प्लानस जैसी जटिल बीमारियों के उपचार में विशेष रूप से सहायक साबित होती है। इसका सबसे बड़ा लाभ यह है कि इसमें कोई साइड इफेक्ट्स नहीं होते और इसके लिए सर्जिकल इंटरवेंशन की आवश्यकता नहीं होती। होम्योपैथी का उपचार पूरी तरह से प्राकृतिक और वैज्ञानिक रूप से सिद्ध है, जिससे यह रोगियों के लिए एक सुरक्षित विकल्प बनता है। यह न केवल रोग के लक्षणों को कम करता है, बल्कि इसके जड़ में जाकर बीमारी को समाप्त करने में भी मदद करता है। इसके द्वारा, मरीज को एक सम्पूर्ण और संतुलित स्वास्थ्य प्राप्त होता है, जिससे जीवन की गुणवत्ता में सुधार होता है। होम्योपैथी एक संतुलित और स्वस्थ जीवन जीने की ओर एक महत्वपूर्ण कदम है, जो शरीर की स्वाभाविक उपचार प्रक्रिया को प्रोत्साहित करती है।
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acute necrotizing pancreatic ka ilaaj
अक्यूट नेक्रोटाइजिंग पैंक्रियाटाइटिस को "बिना सर्जरी" परमानेंट मिटाये अक्यूट नेक्रोटाइजिंग पैंक्रियाटाइटिस के लिए नेचुरल इलाज कोनसा हैं ? इस वीडियो में बताये गए बच्चे को तीव्र अग्न्याशयशोथ (acute necrotizing pancreatitis) हो गया था। बच्चा रोज़ की दिनचर्या में दर्द से परेशान रहता था। उसका दिल टूट जाता जब उसे अस्पताल में भर्ती होना पड़ता। उसने कई प्रसिद्ध अस्पतालों का दौरा किया, लेकिन हर जगह सिर्फ दर्द निवारक दवाइयां ही दी जाती थीं, और जब दवा का असर खत्म होता, तो दर्द लौट आता। उसने महंगे अस्पतालों में जाकर उच्च मात्रा में दवाइयां लीं, लेकिन दर्द ठीक होने का नाम ही नहीं ले रहा था। एक अस्पताल में 15 दिनों तक भर्ती रहने के बाद बच्चों ने राहत की थोड़ी सी उम्मीद पाई । लेकिन एक हफ्ते बाद ही दर्द ने फिर से उसे जकड़ लिया। दर्द की वजह से उसकी शारीरिक शक्ति कम होती गई। माता-पिता पूरी तरह से चिंतित थे, क्योंकि डॉक्टरों ने बताया कि कोई स्थायी निदान नहीं है और बच्चे को सर्जरी की जरूरत पड़ सकती है। उन्होंने कई डॉक्टरों से सलाह ली, लेकिन हर बार यही बताया जाता था कि कोई निश्चित निदान नहीं है। कुछ डॉक्टरों ने कहा कि ऑपरेशन करना एकमात्र समाधान है। सर्जरी का विचार बच्चे के लिए बहुत डरावना था, और वह इसे लेने का साहस नहीं जुटा सका। उसके माता-पिता परेशान थे, क्योंकि दवाओं का सेवन भी उसके शरीर पर बुरा असर डाल रहा था। एक दिन, जब वे इंटरनेट पर बैठे थे, तब उन्हें एक वीडियो मिला, जिसमें डॉ. प्रदीप, एक होम्योपैथी के विशेषज्ञ, ने अग्न्याशय के विकारों के बिना सर्जरी के उपचार का चर्चा की थी। यह देखकर उन्होंने सोचा कि शायद यह उनकी समस्या का हल हो सकता है। उसके माता-पिता ने डॉ. प्रदीप से मिलने का निर्णय लिया। जब वे डॉ. प्रदीप के पास पहुंचे ।उन्होंने बताया कि उनका बच्चा पिछले एक साल से दर्द में है और उन्हें सर्जरी से डर लगता है। डॉक्टर ने मुस्कुराते हुए कहा, "आपका डर समझ में आता है, लेकिन होम्योपैथी एक सुरक्षित और प्रभावी विकल्प है। उन्होंने बताया, "होम्योपैथी एक शोध आधारित विज्ञान है, जो पूरी तरह से प्राकृतिक है।डॉक्टर ने उन्हें बताया कि होम्योपैथी एक अनुसंधान पर आधारित विज्ञान है, और यह शरीर के लिए हानिकारक नहीं होती।डॉ. प्रदीप ने माता-पिता को एक विस्तृत उपचार योजना दी। "अगर आप कुछ महीनों तक उपचार पर ध्यान केंद्रित करें और आप सुधार महसूस करें, तो आप इसे जारी रख सकते हैं।" उनके शब्दों ने माता-पिता को आशा दी। डॉ. प्रदीप ने उन्हें एक विशेष उपचार योजना के बारे में जानकारी दी। बच्चा डॉक्टर की बात सुनकर बहुत आशावादी हो गया और उसने ब्रह्म होम्योपैथी हीलिंग और रिसर्च सेंटर में इलाज शुरू किया।आखिरकार, बच्चे ने होम्योपैथी उपचार शुरू किया। धीरे-धीरे उसे डॉक्टर की देखभाल और सही आहार से बहुत राहत मिलने लगी। उसकी हालत में सुधार होता गया, और उसे दर्द से राहत मिली। पहले की तरह दर्द नहीं हो रहा था, और वह आसानी से सामान्य खाना खा पा रहा था। उसका वजन भी बढ़ने लगा और उसकी सेहत में सुधार हो रहा था।डॉ. प्रदीप ने उसे पोषण संबंधी महत्वपूर्ण सुझाव दिए, जिससे उसका स्वास्थ्य और भी बेहतर होने लगा। जब बच्चा दोबारा स्वस्थ हुआ, तो उसने डॉ. प्रदीप को धन्यवाद दिया। उसके माता-पिता की आंखों में आंसू थे, लेकिन ये आंसू खुशी के थे। उन्होंने सोचा कि कैसे एक सही मार्गदर्शन और चिकित्सा ने उनके बच्चे को नए जीवन का दिशा दिखाई।जब बच्चा और उसके माता-पिता अपनी निराशा और दर्द से जूझ रहे थे। डॉक्टर प्रदीप ने होम्योपैथी उपचार को एक प्रभावी और सुरक्षित विकल्प के रूप में प्रस्तुत किया। उन्होंने अपने नियमित उपचार विधियों को समझाते हुए बताया कि कैसे प्राकृतिक दवाओं का प्रयोग न केवल बीमारी को ठीक कर सकता है बल्कि शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को भी मजबूत बनाने में मदद करता है। होम्योपैथी की विशेषता यह है कि यह व्यक्ति की समग्र स्वास्थ्य स्थिति को ध्यान में रखकर उपचार करती है, न कि सिर्फ बीमारी के लक्षणों को। डॉक्टर प्रदीप ने बच्चे के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य का पूरा ध्यान रखा, जिससे बच्चे ने जल्दी ही अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव महसूस करना शुरू किया। उपचार के माध्यम से बच्चे को न केवल दर्द में राहत मिली, बल्कि उसकी जीवनशैली भी सुधर गई। अक्यूट नेक्रोटाइजिंग पैनक्रिएटाइटिस के लिए संतुलित आहार योजना क्या हैं ? डॉक्टर प्रदीप, होम्योपैथी विशेषज्ञ, ने अक्यूट नेक्रोटाइजिंग पैनक्रिएटाइटिस से ग्रसित बच्चे के लिए एक विशेष आहार योजना बनाई, जो उसके स्वास्थ्य को तेजी से ठीक करने और पैनक्रियास पर किसी भी प्रकार के दबाव को कम करने में सहायक थी। उन्होंने सलाह दी कि रोगी को उच्च कैलोरी और पोषक तत्वों से भरपूर खाद्य पदार्थों का सेवन करना चाहिए, जिसमें कार्बोहाइड्रेट्स, स्वस्थ वसा और प्रोटीन शामिल हों, जिससे उसकी ऊर्जा स्तर बढ़ सके। उन्होंने यह भी कहा कि पालतू भोजन जैसे दही, दलिया, उबली सब्जियाँ और हल्का लिक्विड आहार जैसे सूप और जूस इसे पचाने में मदद करेंगे। डॉक्टर ने मसालेदार और तले हुए खाद्य पदार्थों, अल्कोहल, और उच्च चीनी वाले खाद्य पदार्थों से पूरी तरह बचने की सलाह दी, क्योंकि ये पैनक्रियास पर अतिरिक्त दबाव डाल सकते हैं। इसके अलावा, उन्होंने नियमित अंतराल पर छोटे-छोटे भोजन लेने, पर्याप्त पानी पीने और तनावमुक्त रहने की सलाह दी। Acute Necrotizing Pancreatitis का होमियोपैथी उपचार In Hindi रोगों का इलाज केवल औषधीय दृष्टिकोण से नहीं किया जाना चाहिए, बल्कि समग्र स्वास्थ्य पर ध्यान देना भी आवश्यक है। डॉक्टर प्रदीप का होम्योपैथी उपचार और उसके साथ एक संतुलित आहार योजना का समावेश दर्शाता है कि एक संयोजन दृष्टिकोण कैसे रोगियों की स्वास्थ्य स्थितियों में सुधार कर सकता है। इस केस का मुख्य सिद्धांत यह है कि अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहना और संतुलित आहार का सेवन करना सफल उपचार की कुंजी है। इसके माध्यम से यह स्पष्ट होता है कि सही उपचार विधियां और उचित आहार न केवल बीमारी को मिटा सकते हैं, बल्कि शरीर की ताकत को भी बढ़ा सकते हैं। उद्देश्य है कि पाठकों को यह प्रेरणा मिले कि वे स्वास्थ्य संबंधी मुद्दों को समझदारी से हल करें, और प्राकृतिक और चिकित्सीय प्रक्रियाओं के समुचित संतुलन से लाभ उठाएं।
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ulcerative colitis ka ilaaj
अल्‍सरेटिव कोलाइटिस का त्वरित और अच्छा "Homeopathy इलाज" अल्‍सरेटिव कोलाइटिस के लिए असरकारक इलाज क्या हैं ? एक मरीज को दो साल पहले उल्सरेटिव कोलाइटिस का पता चला था। लगातार पेट में दर्द, बार-बार दस्त और अकारण वजन में कमी के बाद, उसने कई डॉक्टरों से परामर्श किया। लेकिन उसे किसी भी डॉक्टर से राहत नहीं मिली, सभी ने उसे पहले से दी गई दवाओं के सेवन की सलाह दी। वह यह समझ नहीं पाया कि उसे कितनी बार दवा लेनी चाहिए। इन दवाओं को लेने से उसे शरीर में कई दुष्प्रभाव महसूस हुए। उसकी स्थिति बहुत असहज थी; जैसे ही वह नाश्ते के बाद बाथरूम जाने की अचानक इच्छा महसूस करता था, या जब वह दोपहर के भोजन के बाद फिर से असहजता का अनुभव करता था, इस बार यह दर्दनाक मरोड़ के साथ था।वह अपनी सेहत को लेकर बहुत चिंतित और परेशान था। एक दिन, उसने YouTube पर एक वीडियो देखा, जिसमें एक होम्योपैथी डॉक्टर ने बिना किसी हानिकारक दवा या सर्जिकल हस्तक्षेप के प्राकृतिक उपचार की चर्चा की। उसने निर्णय लिया कि वह इस डॉक्टर से मिलने के लिए अपॉइंटमेंट लेगा।जब उसने डॉक्टर से मिलने का समय तय किया, तो उसे पता चला कि डॉक्टर की व्यक्तित्व बहुत अच्छी थी। डॉक्टर ने अपनी पेशेवर बातें करने के बजाय साधारणता से पूछा कि आपकी स्थिति क्या है और कौन-सी बीमारी आपको इतना प्रभावित कर रही है। उनकी सामान्य प्रकृति ने उसे बहुत प्रभावित किया।जब मरीज ने अपनी असल समस्या डॉक्टर को बताई, तो डॉक्टर ने उसकी स्थिति और बीमारी की पुष्टि की और एक उपचार योजना बनाई जिसमें सही आहार योजना भी शामिल थी। डॉक्टर ने यह कहा, "आपको इस बीमारी के बारे में अधिक चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। मैंने अपने चिकित्सा करियर में कई उल्सरेटिव कोलाइटिस के मामलों का इलाज किया है। आपके स्वास्थ्य के लिए मेरे पास बेहतरीन उपचार है।" जब मरीज ने ये शब्द सुने, तो उसमें आत्मविश्वास जागृत हुआ और उसने ब्रह्म होम्योपैथी हीलिंग और रिसर्च सेंटर से अपना इलाज शुरू किया। उपचार के दौरान उसे अपने स्वास्थ्य में सकारात्मक बदलाव महसूस होने लगे। उसने मेडिकल स्टाफ के प्रयासों की सराहना की जो हमेशा उसकी मदद के लिए तैयार थे। छह महीने बाद जब उसने रिपोर्ट ली, तो उसकी रिपोर्ट सामान्य आई और उसे नाड़, सूजन और एसिडिटी की कोई समस्या नहीं रही। उसे यह भी लाभ मिला कि उसके शरीर की प्रतिकारक क्षमता बढ़ गई और वह एक स्थिर जीवन जीने लगा। जब उसने डॉक्टर प्रदीप से मुलाकात की, तो वह डॉक्टर के प्रति आभार व्यक्त करते हुए बोला, "जब मैंने सर्जरी के बिना इलाज का एक तरीका खोज लिया था, तब मैं डॉ. प्रदीप से मिला।"डॉक्टर की यह अनूठी उपचार पद्धति उसके लिए एक विशेष रास्ता बन गई। वह अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखने लगा और डॉ. प्रदीप के द्वारा दी गई हर सलाह का पालन करने लगा। उसने डॉ. प्रदीप द्वारा शेयर किए गए सभी वीडियो देखे। उसके अनुभव यादगार और महान रहे। जब उसने डॉ. प्रदीप से बातचीत की, तो उन्होंने कहा, "इस बीमारी में आराम पाने में समय लगेगा। यह सब मरीज के शरीर पर निर्भर करता है।" धीरे-धीरे उसके स्वास्थ्य में सुधार आने लगा। वह अब सामान्य और नियमित भोजन कर सकता था। वह दिल से डॉ. प्रदीप का आभार मानता था और कहता था, "मेरा होम्योपैथी के साथ अनुभव बहुत अच्छा रहा और मुझे प्राकृतिक उपचार का भी एक रास्ता मिला।" अल्‍सरेटिव कोलाइटिस का होमियोपैथी इलाज (Ulcerative colitis In Hindi ) अल्सरेटिव कोलाइटिस एक गंभीर पाचन तंत्र की समस्या है, जिसमें आंतों की सूजन और अल्सर का निर्माण होता है। होम्योपैथी एक प्राकृतिक चिकित्सा पद्धति है जो इस स्थिति का उपचार बिना किसी हानिकारक दवाओं के करती है। अल्सरेटिव कोलाइटिस के इलाज में पहला कदम एक उचित आहार योजना बनाना है। आपको अपने भोजन में ताजे फल और सब्जियाँ शामिल करनी चाहिए, और वसा और मसालेदार भोजन से बचना चाहिए। यह महत्वपूर्ण है कि आप छोटे और नियमित भोजन का सेवन करें ताकि आंतों पर दबाव कम हो सके।होम्योपैथी दवा दर्द और सूजन को कम करने में मदद करती है। होम्योपैथी दवा पुरानी सूजन को ठीक करने और शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने में सहायक होती है।अल्सरेटिव कोलाइटिस के साथ कई बार मानसिक तनाव भी बढ़ जाता है। होम्योपैथी में, मानसिक स्वास्थ्य प्रबंधन भी महत्वपूर्ण है। योग, ध्यान और प्राणायाम जैसी तकनीकें आपके मानसिक तनाव को कम कर सकती हैं और शरीर की प्रतिकृतियों को संतुलित कर सकती हैं। हालांकि होम्योपैथी के उपचार में समय लग सकता है, लेकिन ये दीर्घकालिक स्वास्थ्य और भलाई के लिए सहायक होते हैं। नियमित चिकित्सकीय जांच और प्रगति का मूल्यांकन भी आवश्यक है ताकि आपके उपचार को समय-समय पर समायोजित किया जा सके।
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chronic pancreatitis ka bina surgery homeopathic upchar
क्रोनिक कैल्सिफाइड पैंक्रियाटाइटिस (CCP)का "बिना सर्जरी" का होमियोपैथी उपचार क्रोनिक कैल्सिफाइड (Pancreatitis)के लिए मजबूत इलाज क्या हैं ? पुरानी कैल्सीफाइड पैंक्रियाटाइटिस किसे कहते हैं ? पुरानी कैल्सीफाइड पैंक्रियाटाइटिस एक गंभीर पाचन तंत्र की बीमारी है जिसमें रोगी की पैंक्रियास, जो अग्नाशय के रूप में भी जानी जाती है, अनियंत्रित रूप से सूज जाती है। यह सूजन समय के साथ पुरानी हो जाती है और अंततः रोगी की पैंक्रियास में कैल्शियम जमा होने लगते हैं, जिससे वह कठोर और कमजोर हो जाती है।जब दर्दी दर्द में होता हैं ,तब उसे महसूस होता हैं कि यह बीमारी केवल शारीरिक समस्या नहीं है, बल्कि यह अपनी गहरी भावनाओं और जीवनशैली को भी प्रभावित करती है। उसके शरीर में, अक्सर उसे अघातक पेट और पीठ के दर्द का सामना करना पड़ता था, साथ ही पाचन संबंधी परेशानियाँ भी। वह खा नहीं पाता था, और खाना और पानी पीने के बाद तुरंत दर्द शुरू हो जाता था। Patient case study:-इस वीडियो में बताये गए मरीज को पुरानी कैल्सीफाइड पैंक्रियाटाइटिस से समस्या थी , उसने देखा कि दवाइयाँ लेने के बावजूद उसे स्थायी राहत नहीं मिल रही थी। उसने कई बार दर्द को कम करने के लिए डॉक्टरों के पास गए, लेकिन हर बार उसे केवल अस्थायी राहत मिली। दर्द की अत्यधिक परेशानियों के दौरान, जब उसने अपने डॉक्टर से पूछा कि यह रोग उसे कितनी देर तक परेशान करेगा, तो डॉक्टर ने उसे सर्जरी कराने की सलाह दी।उसका जीवन कठिनाईयों से भरा हुआ था। कई रिपोर्टों और विशेषज्ञ डॉक्टरों के मत जानने के बाद, उसे पता चला कि उसकी पैंक्रियास में कुछ समस्याएँ थीं, लेकिन कोई भी डॉक्टर उसे सही Diagnoseनहीं कर पाया। वह न तो सही खान-पान कर पा रहा था और न ही लंबी दूरी तक चल सकता था। उसकी मोटापे और पाचन संबंधी समस्याएं भी उसकी स्थिति को और गंभीर बना रही थीं। मरीज को लगातार, अत्यधिक पेट में दर्द हो रहा था, जो कई बार उसके पीठ तक फैल जाता था। यह दर्द अक्सर भोजन के बाद और खासकर जब वह वसा से भरा खाना खाता, तब बढ़ जाता था। इसके अलावा, उसे मतली और कभी-कभी उल्टी भी महसूस होती थी। मरीज को अक्सर खाने के बाद शरीर में पाचन संबंधी समस्याएं उत्पन्न होती थीं, जिससे उसको बहुत असुविधा होती थी। उसने अपने वजन में कमी भी देखी, जो उसको चिंतित कर रहा था। एक दिन, उसने एक वीडियो देखा जिसमें एक होम्योपैथी डॉक्टर ने पैंक्रियास संबंधी विकारों के लिए सर्वश्रेष्ठ समाधान बताया। उसके मन में यह विचार आया कि क्यों न उस डॉक्टर से मिलने की कोशिश की जाए। डॉ. प्रदीप, जो पैंक्रियाटाइटिस के विशेषज्ञ थे, की वीडियो देखकर उसने उनके उपचार पद्धति के बारे में जानकारी प्राप्त की। उसने निश्चय किया कि उसे डॉ. प्रदीप से मिलना है।जब वह डॉ. प्रदीप से मिला, तो उसका अनुभव अद्वितीय और यादगार था। डॉक्टर ने उसे समझाया कि इस बीमारी से राहत पाने में समय लगता है और यह सभी मरीजों के शरीर पर निर्भर करता है। आपके लिए यह महत्वपूर्ण है कि आप उच्च वसा वाले खाद्य पदार्थों से बचें। मुख्य रूप से हरी सब्जियाँ, फल, साबुत अनाज, और कम वसा वाले दुग्ध उत्पाद शामिल करें।दिनभर में छोटे-छोटे भोजन लेना प्रभावी हो सकता है। यह आपके पाचन में मदद करेगा और दर्द की संभावना को कम करेगा। यह आपके पाचन तंत्र पर बोझ को कम करेगा। पानी का पर्याप्त सेवन करें, जिससे आपके शरीर में डिहाइड्रेशन न हो। उसने बताया कि उसने अपने उपचार की शुरुआत बहुत ही आराम से और सकारात्मकता के साथ की। इसे जारी रखते हुए, उसने अपने व्यक्तिगत जीवन को बेहतर बनाना शुरू किया और स्वस्थ जीवन जीने का प्रयास किया।डॉ. प्रदीप ने उसे नियमित रूप से मिलने के लिए कहा और बहुत सारे निर्देश और आहार की सलाह दी, जो उसकी स्थिति के लिए अत्यंत सहायक साबित हुए। डॉक्टर का व्यवहार शांत और सहानुभूतिपूर्ण था। समय के साथ, उसकी सेहत में धीरे-धीरे सुधार होने लगा। वह सामान्य भोजन लेने में सक्षम हुआ और उसके पेट से संबंधित समस्याएँ समाप्त हो गईं। सबसे बड़ा परिवर्तन जो उसने देखा, वह यह था कि उसे वजन बढ़ाने में सक्षम हुए। अब उसे दर्द और पाचन संबंधी कोई समस्या नहीं थी। उसकी गुणवत्ता में सुधार हुआ और उसने स्वाभाविक रूप से स्वस्थ जीवन जीना शुरू कर दिया।उसने डॉ. प्रदीप को अपने प्रयासों के लिए दिल से धन्यवाद दिया और होम्योपैथी के उपचार का अनुभव उसके लिए अद्भुत रहा। इस पूरी यात्रा ने उसे प्राकृतिक चिकित्सा के एक नए रास्ते से अवगत कराया, जो उसे स्थायी राहत दिलाने में सफल रहा। उसकी कहानी इस बात का प्रमाण है कि सही उपचार और सकारात्मक दृष्टिकोण से कठिनाइयों को पार किया जा सकता है। Chronic Pancreatitis के लिए होमियोपैथी इलाज क्या हैं ?मैं आपको यह भी बताना चाहूंगा कि होम्योपैथी एक प्रभावी उपचार विधि हो सकती है, जो आपकी स्थिति को प्राकृतिक तरीके से संभालने में सहायता कर सकती है। इसे उपचार के अन्य विकल्पों के रूप में गहनता से विचार करें। होम्योपैथिक दवाएं आपके शरीर की स्वाभाविक उपचार प्रक्रिया को स्टिम्युलेट करने में मदद कर सकती हैं और लंबे समय में आपके लक्षणों को कम कर सकती हैं।इस प्रकार, एक होम्योपैथिक डॉक्टर आपको व्यक्तिगत रूप से समझकर एक उपयुक्त भोजन और जीवनशैली के साथ-साथ दवाओं को निर्धारित करेगा।होम्योपैथिक दवाएं आपके शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करती हैं। यह आपके पैंक्रियास के कार्यों को सुधारने में मदद कर सकती हैं, जिससे कैल्सीफिकेशन और सूजन दोनों को नियंत्रित किया जा सकता है।होम्योपैथिक दवाएं ना केवल दर्द, मतली और अपच जैसे लक्षणों को कम करने में मदद करती हैं, बल्कि ये शरीर की आंतरिक संतुलन को भी बहाल करती हैं। इससे आपको अधिक आराम और बेहतर पाचन क्षमता प्राप्त होती है।होम्योपैथी में उपयोग की जाने वाली दवाएं अत्यधिक सूक्ष्म होती हैं और प्राकृतिक स्रोतों से तैयार की जाती हैं, जिससे इनके सेवन में आमतौर पर कोई गंभीर साइड इफेक्ट नहीं होते हैं। होम्योपैथी का उपयोग एक दीर्घकालिक समाधान प्रदान कर सकता है, जो आपकी पुरानी स्थिति को नियंत्रित करने में सहायक हो सकता है।
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chronic pancreatic ka bina operation ilaaj
क्रोनिक पैंक्रियाटाइटिस के लिए अंतिम इलाज (Final Cure)क्या हैं ? पुराने अग्नाशयशोथ का सबसे पुराना होम्योपैथी कारगर इलाज इस वीडियो में बताये गए पेशेंट को क्रोनिक पैंक्रियाटाइटिस की समस्या थी | जो जीने की खुशी को खो चुका था। उसे 2 नवंबर 2023 को अचानक पेट में तेज दर्द का अनुभव हुआ और वह कुछ भी खाया हुआ पचा नहीं पा रहा था। यह दर्द उसके लिए ऐसे था जैसे जीवन का सबसे खराब सपना, धीरे धीरे उसकी भूख भी कम होती चली गयी और इसके बाद से वह खाना खाने में कतराने लगा। उसका वजन घटने लगा और बीच-बीच में उसे पाचन में भी समस्या होने लगी। वह डॉक्टर के पास गया, जहां उसे कई दवाइयाँ दी गईं, लेकिन उसके दर्द में कोई विशेष कमी नहीं आई। धीरे-धीरे, उसकी भूख भी कम होने लगी। साधारण खाना भी उसे पचाने में कठिनाई होती थी। बार-बार दर्द के दौरे उसे परेशान करते रहे, और हर बार डॉक्टर से मिलने के बाद भी उसे सही निदान नहीं मिला। वह असमंजस में पड़ गया और उसकी मानसिक स्थिति बिगड़ने लगी। फिर एक दिन, उसने एक वीडियो देखा जिसमें एक होम्योपैथी डॉक्टर, डॉ. प्रदीप, ने क्रॉनिक पैंक्रियाटाइटिस के उपचार के बारे में बात की। उस वीडियो ने उसके अंदर फिर से उम्मीद जगा दी। उसने तय किया कि उसे इस डॉक्टर से मिलना चाहिए। उसने डॉ. प्रदीप की सभी वीडियो देखीं और अंत में, उन पर भरोसा करते हुए, वह ब्रह्म होम्योपैथी हीलिंग और रिसर्च सेंटर गया। डॉ. प्रदीप से मिलने का अनुभव उसके लिए बहुत खास था। उन्होंने उसे बताया, "यह बीमारी समय लेती है, लेकिन अगर आप मेरे साथ रहेंगे, तो हम इसे बेहतर बनाते हैं।" उस व्यक्ति ने डॉ. प्रदीप की सलाह और उपचार में उम्मीद देखी। उसने अपनी सेहत का ध्यान रखना शुरू किया। पहले तो धैर्य रखना आसान नहीं था, लेकिन धीरे-धीरे उसके स्वास्थ्य में सुधार होने लगा। वह फिर से सामान्य खाना खाने लगा, और उसके पाचन में भी सुधार हुआ। वह लंबे समय तक चलने और दौड़ने में सक्षम हो गया। सबसे अच्छी बात यह थी कि उसकी बढ़ती हुई भूख ने उसे धीरे-धीरे अपना वजन बढ़ाने में मदद की।इस प्रकार, उस व्यक्ति ने अपनी जिदंगी के कठिन चरण को पार किया। उसने सीखा कि बीमारी के पीछे केवल उपचार नहीं, बल्कि सही मानसिकता भी जरूरी है। उसके जीवन में एक नई आशा की किरण जग गई थी, और उसने अपने अनुभव से यह समझा कि कभी-कभी हमें सही समाधान के लिए थोड़ी देर इंतजार करना पड़ता है। उसने अब जीवन को पूरी तरह से अपनाया और हर एक दिन की महत्वपूर्णता को समझा। वह डॉ. प्रदीप का दिल से आभार मानता था, जिन्होंने न केवल उसकी बीमारी को ठीक किया, बल्कि उसे जीवन जीने का नया तरीका भी सिखाया। क्रोनिक पैंक्रियाटाइटिस के लिए सुरक्षित उपचार क्रॉनिक पैंक्रियाटाइटिस का उपचार एक समग्र दृष्टिकोण की आवश्यकता करता है, जिसमें आहार, चिकित्सा और जीवनशैली में बदलाव शामिल होते हैं। सबसे पहले, मरीज को एक संतुलित आहार अपनाना चाहिए जिसमें कम फैट वाले खाद्य पदार्थ शामिल हों, जैसे सब्जियाँ, फल, साबुत अनाज और नीचतम वसा वाले डेयरी उत्पाद। नियमित छोटे भोजन खाने से पाचन में सहायता मिलती है। इसके अलावा, डॉक्टर द्वारा निर्धारित होम्योपैथिक उपचार, जैसे कि डॉ. प्रदीप की सुझाई दवाएँ, इस रोग के दीर्घकालिक समाधान में मदद कर सकती हैं। तनाव प्रबंधन, योग, और ध्यान जैसी तकनीकें भी मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में सहायक होती हैं। शराब और धूम्रपान से परहेज करना अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि ये पैंक्रियास को अधिक नुकसान पहुँचा सकते हैं। नियमित व्यायाम और hydration यानी पानी पीना भी इसकी रोकथाम में सहायक होते हैं। इस प्रकार, एक सुसंगत उपचार कार्यक्रम अपनाकर और डॉक्टर के मार्गदर्शन में चलकर, मरीज अपनी स्थिति में सुधार कर सकता है। क्रोनिक पैंक्रियाटाइटिस में क्या नहीं खाना चाहिए ? क्रॉनिक पैंक्रियाटाइटिस के मरीजों को अपनी सेहत को बेहतर बनाए रखने के लिए कुछ विशेष चीज़ों से परहेज़ करना चाहिए। सबसे पहले, शराब का सेवन पूरी तरह से बंद कर देना चाहिए, क्योंकि यह पैंक्रियास पर भारी दबाव डालता है और सूजन को बढ़ा सकता है। इसके अलावा, उच्च फैट वाले खाद्य पदार्थों, जैसे तले-भुने चिप्स, फास्ट फूड, तथा प्रॉसेस्ड मीट से भी दूर रहना चाहिए, क्योंकि ये पाचन में कठिनाई पैदा कर सकते हैं। जीरो-फैट और शुगर-फ्री खाद्य उत्पाद भी स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद नहीं होते हैं। मिठाइयाँ और अत्यधिक चीनी वाले पेय पदार्थों का सेवन भी कम करना चाहिए, क्योंकि यह पाचन तंत्र पर अतिरिक्त बोझ डाल सकते हैं। धूम्रपान भी एक बड़ा जोखिम कारक है और इसे तुरंत छोड़ देना चाहिए। इस तरह के परहेज़ के साथ, मरीज अपनी स्थिति को सुधारने और दीर्घकालिक राहत पाने में सक्षम हो सकते हैं।
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अग्नाशयशोथ को  कैसे ठीक किया जाता हैं ? -PANCREATITIS(एक्यूट और क्रोनिक ) के लिए मिला सही इलाज | पेशेंट को मिले सर्वश्रेष्ठ परिणाम Patient case study :- जिसे अग्न्याशय (पैंक्रियास) के रोग से जूझना पड़ा। उसे बार-बार कमजोरी के कारण गिरने की समस्या थी और कई महीनों तक वह दर्द में रहा। जब उसने डॉक्टर सेconsult किया, तो डॉक्टर ने उसे दर्द निवारक चिकित्साएँ दीं, जिससे उसे तात्कालिक राहत मिली, लेकिन स्थायी राहत नहीं मिली। समय-समय पर उसे फिर से दर्द के दौरे होने लगे। अग्न्याशय की स्थिति को ठीक से पहचानने के लिए उसने कई डॉक्टरों से सलाह ली, लेकिन किसी को भी उसकी असली समस्या का पता नहीं चला। उसे यह भी नहीं पता था कि अग्न्याशय क्या है और यह कैसे काम करता है। उसकी मुश्किल बढ़ती गई, और वह लगातार दर्द के हमलों का सामना कर रहा था। इसके अलावा, उसके पास मोटापे और पाचन संबंधी समस्याएँ भी थीं। फिर, एक दिन उसने एक वीडियो देखा, जिसमें एक होम्योपैथी डॉक्टर ने अग्न्याशय के रोग के लिए बेहतरीन उपाय बताए। उसने यह तय किया कि वह इस डॉक्टर से मिलकर बिना सर्जरी के इलाज के विकल्प की तलाश करेगा। उसे पता चला कि डॉ. प्रदीप ने इस बीमारी का एक अनोखा उपचार और इलाज का विशेष तरीका अपनाया है। डॉ. प्रदीप से मिलने का अनुभव उसके लिए बहुत यादगार और अद्भुत था। जब वह डॉ. प्रदीप के पास गया, तो उसने पाया कि वह इलाज के लिए सबसे अच्छा विकल्प चुन चुका है। डॉक्टर ने उसे बताया कि इस बीमारी को ठीक होने में समय लग सकता है, और यह पूरी तरह से मरीज के शरीर के ऊपर निर्भर करता है।  उसने डॉ. प्रदीप के साथ नियमित रूप से अपॉइंटमेंट्स तय किए और डॉक्टर के द्वारा बताई गई कई निर्देशों और आहार का पालन करना शुरू किया। डॉक्टर का व्यवहार बहुत अच्छा और शांत था। धीरे-धीरे उसकी सेहत में सुधार आने लगा और उसने अपने स्वास्थ्य में कई सकारात्मक बदलाव देखे। वह सामान्य भोजन और दैनिक जीवन में सामान्य गतिविधियाँ करने लगा। उसे अब पेट से जुड़ी कोई समस्या नहीं थी और वह लंबे समय तक चलने और दौड़ने में सक्षम हो गया। उसके स्वास्थ्य का सबसे बड़ा परिवर्तन था उसका वजन बढ़ना, और वह अपने इलाज के दौरान धीरे-धीरे वजन बढ़ाने में सफल रहा। उसने डॉ. प्रदीप के प्रति आभार व्यक्त किया और सभी चिकित्सा स्टाफ और टीम का भी धन्यवाद किया, जो बहुत दयालु और सहायक थे। उसके लिए होम्योपैथी का अनुभव बहुत अच्छा रहा और उसने प्राकृतिक उपचार का मार्ग खोज लिया था।अग्नाशयशोथ के लिए कोनसा इलाज़ करवा सकते हैं ? अग्नाशयशोथ एक गंभीर स्थिति है जो प्रभावित लोगों के लिए बहुत दर्द और परेशानी का कारण बन सकती है। एक मरीज जो 1 से 1.5 साल से अग्नाशयशोथ से पीड़ित था, उसे पारंपरिक उपचारों से थोड़ी राहत मिली। हालाँकि, होम्योपैथी आज़माने के बाद, उसने अपने स्वास्थ्य में महत्वपूर्ण सुधार देखा। अग्नाशयशोथ के साथ रोगी की यात्रा कठिन थी, बार-बार अस्पताल जाना और दवाएँ लेना, जो केवल अस्थायी राहत प्रदान करती थीं। प्रगति की कमी से निराश होकर, उसने अंतिम उपाय के रूप में होम्योपैथी की ओर रुख किया।होम्योपैथिक उपचार शुरू करने के बाद, रोगी को अपने लक्षणों में उल्लेखनीय बदलाव का अनुभव होने लगा। उसके पेट में दर्द कम हो गया, और वह खुद को फिर से भड़कने के डर के बिना खाने में सक्षम पाया। धीरे-धीरे लेकिन निश्चित रूप से, वह फिर से खुद जैसा महसूस करने लगा। हालाँकि ठीक होने का रास्ता लंबा और चुनौतीपूर्ण हो सकता है, लेकिन सही उपचार खोजने के लिए रोगी की दृढ़ता और प्रतिबद्धता ने अंततः भुगतान किया। होम्योपैथी ने उसे वह राहत प्रदान की, जिसकी उसे सख्त तलाश थी, जिससे उसे आखिरकार अपने स्वास्थ्य और भलाई पर नियंत्रण पाने में मदद मिली।  पैन्क्रियाटाइटिस का होम्योपैथी उपचार कैसे होता हैं ? पैंक्रियाटाइटिस के इलाज के लिए विशेष होम्योपैथी उपचार में नियमित रूप से पेशेंट के लक्षणों और उनके शरीर की स्थिति के अनुसार दवाओं को दिया जाता हैं | इसके साथ ही, मरीज को एक संतुलित और पाचन में सहायक आहार अपनाने की सलाह दी जाती है, जिसमें अधिक फाइबर, ताजे फल व सब्जियाँ शामिल हों। पानी की उचित मात्रा लेना और नियमित रूप से हल्की एक्सरसाइज करना भी महत्वपूर्ण होता है। मनोवैज्ञानिक स्थिति का ध्यान रखते हुए होम्योपैथी दवा के साथ ही मानसिक संतुलन बनाए रखने वाली तकनीकें भी अपनाई जा सकती हैं। हर मरीज की स्थिति अलग होती है, इसलिए किसी योग्य होम्योपैथी चिकित्सक के मार्गदर्शन में ही उपचार शुरू करना सबसे अच्छा रहेगा।
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necrotizing pancreatitis treatment in hindi
नेक्रोटाइज़िंग पैंक्रियाटाइटिस के लिए कोनसा इलाज श्रेष्ठ हैं ? पैंक्रियाटाइटिस के लिए सबसे अच्छा उपचार वह होता है जो स्थायी राहत प्रदान करे। होम्योपैथी का एक प्रमुख लाभ यह है कि यह दवाएं प्राकृतिक होती हैं और इनके किसी भी प्रकार के दुष्प्रभाव नहीं होते हैं। इसलिए, यह एक सुरक्षित विकल्प है जो मरीज को धीरे-धीरे स्वस्थ बनाता है। ध्यान दें कि होम्योपैथी उपचार के साथ उचित आहार, नियमित व्यायाम, और अनुशासित जीवनशैली का पालन करना भी बहुत महत्वपूर्ण है। यह सब मिलकर व्यक्ति के स्वास्थ्य में सुधार लाने में मदद करते हैं।  क्या पैंक्रियाटाइटिस से वजन नहीं बढ़ रहा हैं ? Patient case study:- इस वीडियो में जो युवक हैं उसको हर महीने पैन्क्रिएटिस के हमलों का सामना करना पड़ रहा था। उसने कई डॉक्टरों से सलाह ली और असंख्य दवाइयाँ और इंजेक्शन लिए, लेकिन उसे राहत नहीं मिल रही थी। उसका पैंक्रियास सिकुड़ गया था और एन्जाइम सही ढंग से उत्पन्न नहीं हो रहे थे। जब उसने डॉक्टर को बताया तब डॉक्टर ने रिपोर्ट कराया जिसमे उनको Necrotizing pancreatitis हैं। डॉक्टर उनको हर बार अंग्रेजी दवाई और इन्सुलिन का डोज़ देते रहते थे क्योंकि उनका सुगर लेवल बढ़ा हुआ था।वह अपनी बीमारी का स्थायी इलाज ढूंढ रहा था और गंभीरता से अपनी बीमारी पर विचार करता रहा और एक दिन उसने यूट्यूब पर एक वीडियो देखा। वह वीडियो एक होम्योपैथिक डॉक्टर का था, जिसने अग्नाशयशोथ पर एक केस स्टडी प्रस्तुत की थी। वीडियो देखने के बाद, उसने निर्णय लिया कि वह इस डॉक्टर से मिलेगा और स्थायी समाधान पूछेगा। जब वह डॉक्टर से मिला, तो उसने अपनी गंभीर स्थिति को समझाया। उसने बताया कि उसे सामान्य भोजन नहीं मिल पाता और उसका पेट भारी भोजन को पचा नहीं पाता। उसे भोजन के बाद अत्यधिक दर्द होता था। उसने कई दवाएं ली, लेकिन कोई राहत नहीं मिली। डॉक्टर ने बताया कि यदि वह स्थायी राहत चाहता है, तो उसे सर्जरी करवानी होगी। यह सुनकर वह घबरा गया, क्योंकि उसने पहले कभी सर्जरी नहीं करवाई थी और वह बहुत निराश महसूस कर रहा था। इस स्थिति में, डॉक्टर ने उसे आश्वासन दिया कि वह उसका केस ले सकते हैं और होम्योपैथी उपचार के माध्यम से उसकी बीमारी का समाधान कर सकते हैं। डॉक्टर ने उसे बताया कि उसे भोजन धीरे-धीरे और अच्छे से चबाकर खाना चाहिए। इसके साथ ही उसने सही एक्सरसाइज करने और नियमित रूप से होम्योपैथी दवाइयाँ लेने की सलाह दी। डॉक्टर ने कहा कि दवाई, व्यायाम, और उचित आहार के साथ उसका स्वास्थ्य बेहतर होगा। इस चर्चा के बाद, मरीज ने न सिर्फ राहत महसूस की बल्कि उसने होम्योपैथी उपचार के साथ यात्रा शुरू की। कुछ महीनों के उपचार के बाद, उसे बदलाव दिखाई देने लगे। उसका वजन पहले 80 किलोग्राम से घटकर 35 किलोग्राम हो गया था, लेकिन अब वह 55 किलोग्राम बढ़ चुका था। वह बहुत खुश था। एक साल और दो महीने तक सही दवाएं लेने के बाद, उसने अपने शरीर की स्थिति की जांच करवाई। रिपोर्ट में पता चला कि उसके पैंक्रियास का कार्य सामान्य हो चुका था। उसने महसूस किया कि उसकी पाचन शक्ति में सुधार हुआ है और अब वह सामान्य भोजन कर पा रहा था। उसे पैंक्रियास में कोई समस्या नहीं रह गई थी। उसने डॉक्टर प्रदीप के प्रति आभार व्यक्त किया, जो उसके इलाज में महत्वपूर्ण थे।जब वह डॉक्टर प्रदीप से मिला, तो उसका अनुभव अद्भुत था। उसने बताया कि उसने पैन्क्रिएटिस के लिए सर्वोत्तम अस्पताल, ब्रह्महोम्योपैथी हीलिंग और रिसर्च सेंटर, को चुना। डॉक्टर प्रदीप ने उसे बताया कि इस बीमारी को ठीक होने में कुछ समय लगता है, लेकिन धैर्य रखने की आवश्यकता है। धीरे-धीरे, उसकी सेहत में सुधार होता गया।  कैसे होमियोपैथी से पैंक्रियाटाइटिस से मिला आराम ? पैन्क्रिएटिस (Pancreatitis) के लिए होम्योपैथी उपचार एक सुरक्षित और प्रभावी चिकित्सा पद्धति है। होम्योपैथी में उपचार हमेशा व्यक्ति की संपूर्ण स्वास्थ्य स्थिति और लक्षणों के आधार पर किया जाता है। इस उपचार का मुख्य तत्व यह है कि इसे प्राकृतिक सामग्री से बनाया जाता है, जो शरीर की प्राकृतिक उपचार क्षमता को जागरूक करता है। इसके अलावा, होम्योपैथी उपचार में संवैधानिक दृष्टिकोण अपनाना भी महत्वपूर्ण है, जिसका मतलब है कि डॉक्टर रोगी की सामान्य स्वास्थ्य स्थिति, मानसिक अवस्था, और जीवनशैली को ध्यान में रखते हुए उपाय करते हैं। यह ध्यान रखना आवश्यक है कि होम्योपैथी पूरी तरह से सुरक्षित है और इसके उपचार के दौरान आपको किसी अन्य चिकित्सा पद्धति का पालन करने की भी सलाह दी जाती है, ताकि आपकी स्वास्थ्य संबंधी स्थिति में सुधार हो सके। होम्योपैथी का एक महत्वपूर्ण कारक यह है कि यह शरीर पर कोई दुष्प्रभाव नहीं डालती, जिससे यह एक विश्वसनीय विकल्प बनती है।
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pancreas bimari kya hai?
अग्नाशयशोथ रोग का इलाज ! बिना सर्जरी केवल होम्योपैथिक दवाई का उपचार इस वीडियो में बताये गए वयक्ति को तेज पेट दर्द और उच्च रक्त शर्करा की समस्या थी , एक दिन अचानक महसूस करता है कि उसकी स्थिति बहुत अधिक खराब हो गई है। उसे दर्द के हमले हुए और उसकी चिंताएँ बढ़ने लगीं। डाक्टर से परामर्श करने पर, उसे कई दर्द निवारक इंजेक्शन और दवाईयां दी गईं। वह 21 दिन तक अस्पताल में भर्ती रहा, जहां उसकी सेहत पर काफी खर्च हुआ। जब उसे दर्द से राहत मिली, तो उसने थोड़ी बहुत सुधार देखा, लेकिन यह राहत स्थायी नहीं थी। कुछ समय के बाद, उसे फिर दर्द का दौरा पड़ा।  एक बार फिर, उसने डाक्टर से संपर्क किया, लेकिन कोई भी सही निदान नहीं कर पाया। उसे समझ नहीं आ रहा था कि वह अपने पैनक्रियास की समस्या के बारे में क्या करे। जैसे-जैसे उसकी बीमारी बढ़ने लगी, वह असुरक्षित महसूस करने लगा और उसे बार-बार दर्द के दौरे आने लगे। वह कई जांचें कराता है और विभिन्न डॉक्टरों के पास जाता है, लेकिन उसकी समस्या का समाधान नहीं मिल पाता। उसे डॉक्टरों द्वारा सुझाव दिया जाता है कि उसे सर्जरी करानी होगी। "सर्जरी" शब्द सुनकर वह टूट जाता है और चिंतित हो जाता है। एक दिन, उसने एक वीडियो देखी जिसमें एक होम्योपैथी डॉक्टर, डॉ. प्रदीप, ने पैनक्रियाटिक विकारों का समाधान दिया। डॉ. प्रदीप ने अपने मरीजों को कई सलाहें दीं और बताया कि होम्योपैथी में एक निश्चित उपचार है जो सर्जरी के बिना संभव है।  उसने तय किया कि उसे इस डॉक्टर से मिलना चाहिए। जब वह डॉ. प्रदीप से मिला, तो उसे एहसास हुआ कि यह उसके स्वास्थ्य के लिए एक बेहतरीन विकल्प हो सकता है। डॉ. प्रदीप का व्यवहार बहुत शांत और स्नेहपूर्ण था।  डॉक्टर ने उसे बताया, "यह बीमारी ठीक होने में समय ले सकती है, और यह सब आपके शरीर पर निर्भर करता है।" व्यक्ति ने बृह्म होम्योपैथी हीलिंग और रिसर्च सेंटर में अपना उपचार शुरू किया। धीरे-धीरे, उसने अपने स्वास्थ्य में सकारात्मक बदलाव देखना शुरू किया। उसके अंदर एक नई ऊर्जा भर गई। वह डॉ. प्रदीप के द्वारा दिए गए प्रत्येक उपचार की विधि का पालन करने लगा। उसने अपनी खान-पान की आदतों में सुधार किया और रोजाना टहलने लगा। अपने अनुभव के दौरान, उसने न केवल अपने स्वास्थ्य में सुधार देखा, बल्कि डॉक्टर और मेडिकल स्टाफ की देखभाल के लिए भी अपनी कृतज्ञता व्यक्त की।  "पैनक्रियाटाइटिस का होम्योपैथी में सुरक्षित और प्रभावी उपचार" पैनक्रियाटाइटिस एक गंभीर स्थिति है जिसमें अग्न्याशय में सूजन होती है, जिससे दर्द और अन्य स्वास्थ्य समस्याएँ उत्पन्न होती हैं। होम्योपैथी, जो एक वैकल्पिक चिकित्सा प्रणाली है, पैनक्रियाटाइटिस के उपचार में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। होम्योपैथी का मुख्य सिद्धांत है कि "समानता का उपचार "like is cured by like" - जिसका अर्थ है कि जो चीज़ एक स्वस्थ व्यक्ति को बीमार कर सकती है, वह एक बीमार व्यक्ति को ठीक कर सकती है। होम्योपैथी में कई महत्वपूर्ण घटक होते हैं, जैसे कि व्यक्तिगत आहार की आदतें, मानसिक स्थिति और समग्र स्वास्थ्य। होम्योपैथिक दवाएँ ऐसे तत्वों से बनी होती हैं जो शरीर के प्राकृतिक उपचार तंत्र को सक्रिय करती हैं और दीर्घकालिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देती हैं। पैनक्रियाटाइटिस के उपचार में लक्षणों के आधार पर, जैसे कि दर्द, सूजन और पाचन समस्याएँ, होम्योपैथिक दवाएँ चयनित की जाती हैं। यह महत्वपूर्ण है कि होम्योपैथी उपचार को अन्य पारंपरिक उपचारों के साथ समन्वयित किया जाए, ताकि मरीज की सेहत में सुधार हो सके। होम्योपैथी पूरी तरह से सुरक्षित है और इसके उपचार में कोई दुष्प्रभाव नहीं होते, जिससे मरीज को चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। इस प्रकार, यदि आप पैनक्रियाटाइटिस से पीड़ित हैं, तो होम्योपैथी आपके लिए एक सुरक्षित और प्रभावी विकल्प हो सकता है। निष्कर्ष :- इस प्रकार, होम्योपैथी पैनक्रियाटाइटिस के उपचार में एक प्रभावी और सुरक्षित विकल्प के रूप में उभरती है। इसकी अनूठी विधियों और प्राकृतिक घटकों के माध्यम से, यह न केवल लक्षणों को कम करती है, बल्कि शरीर के संपूर्ण स्वास्थ्य को भी बेहतर बनाती है। होम्योपैथी का सिद्धांत व्यक्तिगत स्वास्थ्य के प्रति एक समग्र दृष्टिकोण अपनाता है, जिससे मरीज के मानसिक और शारीरिक पहलुओं का ध्यान रखा जा सके। हालांकि, किसी भी उपचार से पहले चिकित्सक से परामर्श लेना आवश्यक है, ताकि उचित प्रबंधन और देखभाल सुनिश्चित की जा सके। इसलिए, पैनक्रियाटाइटिस जैसी जटिल स्थितियों में होम्योपैथी एक आशाजनक सहायक चिकित्सा हो सकती है, जो दुष्प्रभावों के बिना मरीज को निरंतर स्वास्थ्य और समर्पित निवारण प्रदान करती है।
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mastoiditis ka bina operation ilaaj kya hai?
मैस्टोइडाइटिस(एक्यूट और क्रोनिक) का बिना सर्जरी इलाज होमियोपैथी में मैस्टोइडाइटिस एक संक्रमण है जो कान के पास के मैस्टॉइड हड्डी (mastoid bone) को प्रभावित करता है। यह आमतौर पर कान की भीतरी संक्रमण (Otitis media) के जटिल परिणाम के रूप में विकसित होता है। जब मध्य कान का संक्रमण फैलकर मैस्टॉइड हड्डी तक पहुँचता है, तो वह सूजन और संक्रमण का कारण बनता है, जिससे मैस्टोइडाइटिस होता है। Patient case study:- इस वीडियो में बताये गए वयक्ति को Mastoid air cells sclerosis की समस्या थी। जिससे उसको कान में दर्द, कमजोरी और सुनने में कठिनाई का सामना करना पड़ता था। उसे ये समस्याएं काफी लंबे समय से परेशान कर रही थीं। उसने कई डॉक्टरों से संपर्क किया, लेकिन दुख की बात यह थी कि कोई भी उसे राहत नहीं दे सका। अंततः एक डॉक्टर ने उसे सर्जरी की सलाह दी।युवक को सर्जरी से डर लग रहा था और वह प्राकृतिक चिकित्सा की तलाश में निकल पड़ा। वह स्वस्थ रहने और अपने कान के दर्द से छुटकारा पाने के लिए नए उपायों की खोज में जुट गया। इसी तलाश में, उसे होमियोपैथी के बारे में जानकारी मिली और डॉ. प्रदीप का नाम बार-बार सुनाई दिया। एक दिन, उसकी नजर एक वीडियो पर पड़ी, जिसमें डॉ. प्रदीप ने कान के दर्द के लिए एक प्रभावशाली होमियोपैथिक इलाज के बारे में बात की। युवक को यह सुनकर बेहद राहत मिली और उसने तय किया कि वह डॉ. प्रदीप से मिलकर अपने उपचार की प्रक्रिया शुरू करेगा।जब वह डॉ. प्रदीप के पास पहुंचा, तो उसके मन में उम्मीद की किरण जगमगा उठी। डॉ. प्रदीप ने उसे समझाया कि हर रोगी की स्थिति अलग होती है और सुधार में समय लग सकता है। युवक को महसूस हुआ कि यह सही निर्णय था। डॉ. प्रदीप ने उसे विशेष निर्देश दिए और एक विशेष आहार योजना का पालन करने के लिए कहा। युवक ने डॉक्टर की सलाह का पालन किया, और धीरे-धीरे उसकी स्थिति में सुधार होने लगा। उसके कान का दर्द खत्म होने लगा और उसका आत्मविश्वास वापस लौट आया। वक्त के साथ, उसने देखा कि उसे अब कान से संबंधित कोई समस्या नहीं थी। उसकी सेहत में बड़े बदलाव आए और वह जीवन की नई ऊर्जा के साथ आगे बढ़ने लगा। युवक को यह महसूस हुआ कि होमियोपैथी ने उसे न केवल शारीरिक स्वास्थ्य में सुधार दिया, बल्कि मानसिक रूप से भी मजबूत बनाया। मैस्टोइडाइटिस एक गंभीर स्थिति हो सकती है, लेकिन होमियोपैथी इसके उपचार में सहायक हो सकती है।होमियोपैथी दवाएं शरीर के इम्यून सिस्टम को मजबूत करने में मदद करती हैं, जिससे संक्रमण से लड़ने की क्षमता बढ़ती है।होमियोपैथी मरीज की पूरी स्थिति का ध्यान रखती है। डॉक्टर मरीज के लक्षणों और स्वास्थ्य स्थिति को ध्यान में रखते हुए व्यक्तिगत दवाइयां निर्धारित करते हैं।यदि कोई व्यक्ति नियमित रूप से कान के संक्रमण का शिकार होता है, तो होमियोपैथी द्वारा लंबे समय तक इलाज करना और इम्यून सिस्टम को मजबूत करना महत्वपूर्ण होता है। मैस्टोइडाइटिस को होमियोपैथी से कैसे मिटाये ? मैस्टोइडाइटिस के लिए होमियोपैथी उपचार एक सुरक्षित और प्राकृतिक विकल्प है, जो बिना किसी सर्जरी के लक्षणों को नियंत्रित और रोग को ठीक करने में मदद कर सकता है। होमियोपैथी में हर मरीज की लक्षणों के आधार पर दवा दी जाती है। चिकित्सक मरीज की पूरी मेडिकल हिस्ट्री लेते हैं।मरीज को पहले कुछ शुरुआती परीक्षणों और उचित एंटीबायोटिक्स का उपयोग करने की सलाह दी जा सकती है, विशेष तौर पर यदि संक्रमण गंभीर हो।: कान की स्वच्छता बनाए रखना, लेकिन ध्यान रखें कि कान में कोई सामग्री न जाए।
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chronic pancreas ka permanent ilaaj
क्रोनिक अग्नाशयशोथ के लिए दीर्घकालीन (Permanent)इलाज क्या हैं ? क्रॉनिक पैन्क्रियाटाइटिस एक ऐसी स्थिति है, जिसमें पैंक्रियास (अग्नाशय) धीरे-धीरे क्षतिग्रस्त होता है। प्रारंभिक चरणों में, इस बीमारी का अनुभव करने वाले मरीजों को कई प्रकार के लक्षण महसूस हो सकते हैं। शुरुआत में, मरीजों को अचानक पेट में तेज दर्द का अनुभव होता है, जो सामान्यत: ऊपरी पेट के मध्य में होता है। यह दर्द अक्सर समय-समय पर हो सकता है और कुछ समय के लिए स्थायी भी हो सकता है। इसके अलावा, मरीजों को पाचन में कठिनाई, जैसे खाने के बाद सूजन, गैस, और मतली की समस्या भी हो सकती है। Patient case study :- इस वीडियो में बातये गए मरीज को नियमित पेट दर्द और जलन की समस्या रहती थी | इस व्यक्ति को 2021 में तीव्र पेट दर्द के साथ अस्पताल जाना पड़ा। शुरुआती दिनों में दर्द इतना था कि उसने सोचा कि यह सामान्य दर्द है। लेकिन जब दर्द हर 2-3 महीने में लगातार बढ़ता गया, तो उसे समझ में आया कि कुछ गंभीर समस्या है। डॉक्टरों ने उसके दर्द को दूर करने के लिए कई बार दर्द निवारक इंजेक्शन दिए, लेकिन उसे नियमित भोजन करने में कठिनाई हो रही थी और उसका पाचन भी बिगड़ गया था। इस स्थिति ने उसे यह महसूस कराया कि उसे किसी गंभीर बीमारी का सामना करना पड़ रहा है। जब उसने अपनी बीमारी की जांच कराई और अपने पेट की रिपोर्ट करवाई तब उसे पता चला कि उसे “क्रॉनिक पैन्क्रियाटाइटिस” है। इस रिपोर्ट के बाद वह बेहद निराश हो गया क्योंकि उसे बहुत देर से अपनी बीमारी का पता चला। पहला आक्रमण होने पर उसने दवा ली और बीमारी को भुला दिया, लेकिन यह विकार केवल बढ़ता गया। उसने कई डॉक्टरों से संपर्क किया, लेकिन उसे दर्द से स्थायी राहत नहीं मिली। एक दिन, उसने एक वीडियो देखा जिसमें डॉ. प्रदीप नामक होम्योपैथी डॉक्टर ने पैन्क्रियास संबंधी समस्याओं के लिए बेहतरीन समाधान पेश किया। उसने बिना सर्जरी के इलाज की उम्मीद की और तुरंत डॉ. प्रदीप से मिलने का निर्णय लिया। जब वह डॉ. प्रदीप से मिला, तो उसे उनके अद्भुत उपचार पद्धति का पता चला। डॉ. प्रदीप ने उसे बताया कि इस बीमारी का उपचार करने में कुछ समय लग सकता है, जो मरीज के शरीर की प्रकृति पर निर्भर करता है। उपचार शुरू करने के बाद, वह बहुत ही शांति महसूस करने लगा। डॉ. प्रदीप ने उसे कई निर्देश दिए और एक उचित आहार योजना बनाई, जिसने उसकी बहुत मदद की। डॉक्टर की व्यवहारिकता और दयालुता ने उसे और भी अधिक प्रेरित किया। समय के साथ, उसने देखा कि उसे दर्द के हमले नहीं हो रहे थे। वह अपने स्वास्थ्य में धीरे-धीरे सुधार देखने लगा, उसकी वजन बढ़ने लगा और पाचन क्रिया ठीक होने लगी। अंत में, उसने डॉ. प्रदीप का धन्यवाद किया और अनुभव किया कि होम्योपैथी ने उसे प्राकृतिक उपचार का एक नया रास्ता दिखाया है। होमियोपैथी इलाज क्रोनिक पैंक्रिअटिटिस के लिए केसा हैं ? होम्योपैथी उपचार क्रॉनिक पैन्क्रियाटाइटिस जैसे जटिल रोग के लिए एक प्रभावी और समर्पित दृष्टिकोण प्रदान करता है। इस विधि में रोगी की संपूर्ण स्वास्थ्य स्थिति, लक्षणों और व्यक्तिगत आवश्यकताओं का गहन शोध किया जाता है। होम्योपैथिक दवाएं ऐसे प्राकृतिक तत्‍वों से तैयार की जाती हैं जो शरीर की प्राकृतिक रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ावा देती हैं और पैंक्रियास की कार्यप्रणाली को सुधारने में मदद करती हैं। सही लक्षणों के आधार पर चुनाव किए जाने वाले होम्योपैथिक उपचार, जैसे कि जलन, दर्द, और पाचन संबंधित समस्याओं का सटीक समाधान निकालने में सहायक होते हैं। उपचार के दौरान डॉक्टर रोगी को आवश्यक लाइफस्टाइल बदलाव और उचित आहार की भी सलाह देते हैं, जिससे रोगी को लंबे समय तक लाभ मिलता है। होम्योपैथी का यह समग्र दृष्टिकोण न केवल लक्षणों को ठीक करता है, बल्कि रोग के मूल कारणों पर भी ध्यान केंद्रित करता है, जिससे स्थायी स्वास्थ्य में सुधार संभव हो पाता है।   पैन्क्रियाटाइटिस का स्थायी होमियोपैथी इलाज ! होम्योपैथी वैकल्पिक चिकित्सा की एक प्रणाली है जो शरीर की स्व-उपचार प्रक्रियाओं को उत्तेजित करने के लिए अत्यधिक पतला पदार्थों का उपयोग करती है। यदि आप किसी भी स्थिति के लिए होम्योपैथी पर विचार कर रहे हैं, तो किसी योग्य होम्योपैथ या स्वास्थ्य सेवा पेशेवर से परामर्श करना महत्वपूर्ण है जो व्यक्तिगत सिफारिशें प्रदान कर सके। क्रोनिक अग्न्याशय में सूजन जैसी बीमारी है। होम्योपैथी बिना किसी सर्जरी के क्रोनिक पैन्क्रियाटाइटिस को ठीक कर सकती है। होम्योपैथी उपचार के माध्यम से क्रोनिक अग्नाशयशोथ का सबसे अधिक इलाज किया जाता है, कुछ मामलों में - विशेष रूप से सरल अपेंडिसाइटिस - को तत्काल सर्जिकल हस्तक्षेप के बिना प्रबंधित किया जा सकता है। होम्योपैथी अपनी प्रभावी दवा और थैरेपी से अग्नाशयशोथ के जोखिम को हल कर सकती है। होम्योपैथी प्राकृतिक और जैविक उपचार विकल्प द्वारा आपकी बीमारी को नियंत्रित करने का सबसे अच्छा तरीका है। यदि आपको तीव्र अग्नाशयशोथ के लक्षण महसूस होते हैं तो आपको अपने स्वास्थ्य सेवा प्रदाता से परामर्श करना चाहिए और अग्नाशयशोथ की स्थिति में आपको जल्द से जल्द उपचार लेना चाहिए। होम्योपैथी अपने रोगी को कुछ दर्द निवारक उपचार सुझाती है।
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bina surgery pancreas ka ilaaj kya hai?
कैसे बिना सर्जरी अग्नाशयशोथ (Pancreatitis)को मिटा सकते हैं ? अग्नाशयशोथ (Pancreatitis) में खाना कैसे बढ़ाये ? इस वीडियो में बताये गए आदमी को लगभग तीन साल से अग्न्याशय (पैंक्रियास) में समस्या थी। उसकी ज़िंदगी में दर्द और अकेलापन छाया हुआ था। वह रोज़-रोज़ महंगे दर्द निवारक दवाइयां लेता था, जो उसे 200 रुपये प्रति दिन की दर पर पड़ती थीं। लेकिन इन दवाइयों के बावजूद, उसकी पीड़ा कम होने का नाम नहीं ले रही थी।एक दिन, उसने होम्योपैथी इलाज के बारे में सुना। उसने एक विशेषज्ञ डॉक्टर, डॉ. प्रदीप, से परामर्श लेने का निर्णय लिया, जो अग्न्याशय की समस्याओं में माहिर थे। डॉक्टर से चर्चा करने के बाद, पुरुष ने अपने पुराने दवाइयों को जारी रखने का फैसला किया। डॉ. प्रदीप ने उसकी स्थिति को ध्यान से समझा और उसे अनुमति दी कि वह अपनी पहले की दवाइयों के साथ होम्योपैथी का इलाज शुरू कर सकता है। यही होम्योपैथी की एक खूबी है - इसे अन्य उपचारों के साथ लिया जा सकता है। हालाँकि, उसकी स्थिति में लगातार दर्द के हमले जारी रहे। समय बीतने के साथ, एक-दो महीने बाद, उसने अपने पुराने उपचार को बंद कर दिया और होम्योपैथी उपचार का पूरी तरह से पालन किया। उसे आश्चर्य हुआ कि वह अपनी पीड़ा और बीमारी के बारे में डर को पीछे छोड़ने में सक्षम हो गया। जब उसने फिर से डॉ. प्रदीप से परामर्श किया, तो वह उनकी मदद के लिए बहुत आभारी था। उसकी जिंदगी में नई रोशनी आई थी। पहले, जब उसकी बीमारी थी, तब वह न सही से खाना खा पाता था और न ही लम्बी दूरी तक चल पाता था। लेकिन होम्योपैथी के उपचार को अपनाने के बाद, उसकी स्थिति में धीरे-धीरे सुधार होने लगा। उसने महसूस किया कि होम्योपैथी उसके समस्याओं का एक सबसे बेहतरीन समाधान है। छह महीने बाद, जब उसने फिर से डॉ. प्रदीप से रिपोर्ट साझा की, तो वह खुश था। उसके 60% बीमारी में सुधार हो चुका था। बहुत से डॉक्टरों ने उसे कहा था कि उसकी बीमारी का कोई निश्चित निदान नहीं है और कई सर्जरी की सलाह भी दी थी, लेकिन उसने सर्जरी के बिना ही मानसिक रूप से अपने उपचार पर भरोसा किया।जब वह डॉ. प्रदीप से मिला, तो उसका अनुभव बहुत यादगार और महान था। डॉ. प्रदीप ने उसे बताया कि इस बीमारी से राहत पाने में समय लगेगा, क्योंकि यह सब मरीज की शारीरिक स्थिति पर निर्भर करता है। जब उसने अपना इलाज शुरू किया, तो वह बहुत ही आराम और उत्साह महसूस करता था। डॉक्टर का व्यवहार भी उसके प्रति बहुत अच्छा और शांति से भरा था। धीरे-धीरे, उसकी सेहत में सुधार होने लगा और उसने अपने स्वास्थ्य में उल्लेखनीय बदलाव पाया। अंत में, उसने डॉ. प्रदीप को धन्यवाद दिया और खुद पर गर्व किया कि उसने सर्जरी का सामना करने का साहस किया। अग्नाशयशोथ के लिए कोन-सा श्रेष्ठ  इलाज हैं ? होम्योपैथी एक प्रभावशाली उपचार पद्धति है, जो दीर्घकालिक रोगों जैसे पैंक्रियाटाइटिस के लिए गहन समाधान प्रदान करती है। यह रोग के सही लक्षणों का अवलोकन करके व्यक्तिगत और समग्र उपचार देती है, जिससे रोगी को उनकी समस्या का स्थायी समाधान मिल सके। होम्योपैथी का एक बड़ा लाभ यह है कि इसके उपचार में कोई गंभीर साइड इफेक्ट नहीं होते, और यह सर्जिकल हस्तक्षेप की आवश्यकता को समाप्त करती है। यह एक प्रकृति-आधारित उपचार है, जिसे वैज्ञानिक रूप से सिद्ध किया गया है, और यह शरीर की प्राकृतिक उपचार क्षमता को प्रोत्साहित करती है। इसलिए, होम्योपैथी एक सुरक्षित और प्रभावी विकल्प है, जो Pancreatitis जैसे क्रोनिक रोगों की बेहतर स्थिति के लिए आवश्यकताओं को पूरा करती है।
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chronic pancreas bimari kya hai
पुराने से पुराने क्रोनिक अग्नाशयशोथ को बिना सर्जरी कैसे मिटाये ? क्रोनिक पैंक्रियाटाइटिस बीमारी क्या हैं ? Chronic Pancreatitisएक दीर्घकालिक स्थिति है जिसमें अग्न्याशय (पैंक्रियास) धीरे-धीरे संक्रमित हो जाता है, जिससे पैंक्रियाज की कार्यक्षमता में कमी आती है। सही निदान के लिए डॉक्टर विभिन्न परीक्षण जैसे रक्त परीक्षण, इमेजिंग (जैसे अल्ट्रासाउंड या सीटी स्कैन) और लक्षणों की गहन जांच करते हैं। इसके मुख्य लक्षणों में पेट में लगातार दर्द, वजन घटाना, डायरिया (दस्त), और पाचन में कठिनाई शामिल हैं। होम्योपैथी उपचार इस स्थिति से विशेष रूप से लाभकारी हो सकता है, क्योंकि यह रोग के लक्षणों और व्यक्तिगत स्वास्थ्य पर ध्यान केंद्रित करके रोगी के समग्र स्वास्थ्य में सुधार करती है। होम्योपैथी न केवल दर्द को कम करती है, बल्कि पाचन प्रक्रिया को भी सुधारती है, जिससे मरीज खाना बेहतर तरीके से पचा पाते हैं। इसके उपचार में कोई साइड इफेक्ट नहीं होते और यह शरीर की स्वाभाविक चिकित्सा क्षमताओं को प्रोत्साहित करती है। इसके अलावा, होम्योपैथी की मदद से रोगी अपने जीवन को सामान्य बना सकते हैं और एक स्वस्थ जीवनशैली अपनाने में सक्षम होते हैं।  PATIENT CASE STUDY:-इस वीडियो में बताये गए वयक्ति को पुरानी पैंक्रियाटाइटिस का सामना करना पड़ रहा था। उसे हर महीने 2 से 3 बार तेज़ दर्द के दौरे पड़ते थे, जिससे उसका जीवन व्यथित था। उसने कई होम्योपैथी डॉक्टरों से परामर्श किया, लेकिन कोई भी उपचार उसकी बीमारी का जड़ से समाधान नहीं कर सका। निराश होकर, उसने घर पर एक वीडियो देखा, जिसमें एक होम्योपैथी डॉक्टर इस बीमारी के बारे में जानकारी दे रहे थे। उसे यकीन नहीं हुआ क्योंकि उसे बाजार में कई नकली इलाज और दवा मिलने की चिंता थी। लेकिन उसकी जिज्ञासा ने उसे डॉक्टर प्रदीप से मिलने के लिए प्रेरित किया। जब वह डॉक्टर प्रदीप से मिले, तो उन्हें एक हल मिला, जिससे उन्हें स्थायी राहत मिली। डॉक्टर प्रदीप ने उनकी जीवनशैली, भोजन की आदतों और उन समस्याओं पर चर्चा की, जो उन्हें परेशान कर रही थीं। उन्होंने बताया कि उनके पास एक अद्वितीय उपचार और विशिष्ट उपायों का संयोजन है, जो उनकी बीमारी को ठीक कर सकता है। डॉक्टर प्रदीप ने उन्हें समझाया कि यह बीमारी थोड़ा समय ले सकती है, और इसका संबंध मरीज के शरीर से होता है। उस दिन से, उन्होंने अपने स्वास्थ्य पर ध्यान केंद्रित करना शुरू किया। उन्होंने डॉक्टर प्रदीप की दी गई सलाह अनुसार नियमित अपॉइंटमेंट्स लेना शुरू कर दिया और अपने आहार को भी सुधार लिया। डॉक्टर का व्यवहार बहुत अच्छा, शांति और सहयोगी था, जिससे मरीज को आत्मविश्वास मिला। कुछ समय बाद, उनका स्वास्थ्य धीरे-धीरे बेहतर होने लगा। उन्होंने सामान्य भोजन खाना शुरू किया और पेट से संबंधित कोई समस्या नहीं रही। उनकी फिटनेस में भी सुधार हुआ, और उन्होंने लंबे समय तक चलने और दौड़ने में सक्षम हो गए। इससे भी बड़ी बात यह थी कि उनकी वजन में भी सुधार हुआ। क्रोनिक पैंक्रियाटाइटिस के लिए होमियोपैथी क्या इलाज हैं ? होम्योपैथी एक प्रभावशाली उपचार पद्धति है, जो दीर्घकालिक रोगों जैसे पैंक्रियाटाइटिस के लिए गहन समाधान प्रदान करती है। यह रोग के सही लक्षणों का अवलोकन करके व्यक्तिगत और समग्र उपचार देती है, जिससे रोगी को उनकी समस्या का स्थायी समाधान मिल सके। होम्योपैथी का एक बड़ा लाभ यह है कि इसके उपचार में कोई गंभीर साइड इफेक्ट नहीं होते, और यह सर्जिकल हस्तक्षेप की आवश्यकता को समाप्त करती है। यह एक प्रकृति-आधारित उपचार है, जिसे वैज्ञानिक रूप से सिद्ध किया गया है, और यह शरीर की प्राकृतिक उपचार क्षमता को प्रोत्साहित करती है। इसलिए, होम्योपैथी एक सुरक्षित और प्रभावी विकल्प है, जो Chronic Pancreatitis जैसे क्रोनिक रोगों की बेहतर स्थिति के लिए आवश्यकताओं को पूरा करती है। पुरानेअग्नाशयशोथ का सबसे सचोट इलाज " होमियोपैथी " पुराने अग्नाशयशोथ के लिए होमियोपैथी में सचोट इलाज प्रस्तुत है। इस दृष्टिकोण में रोगी के लक्षणों, व्यक्तिगत इतिहास और भावनात्मक स्थिति का गहन अवलोकन किया जाता है, जिससे एक सही और समग्र निदान संभव होता है। सही निदान के लिए, मरीज के दर्द का स्थान, लक्षणों की प्रकृति, आहार संबंधी आदतें, तनाव स्तर और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का संज्ञान लिया जाता है। होम्योपैथी में विभिन्न औषधियों का उपयोग किया जाता है, जो रोग के मूल कारणों पर काम करती हैं और शरीर की स्वाभाविक उपचार क्षमताओं को प्रोत्साहित करती हैं। इस प्रकार, होम्योपैथी न केवल लक्षणों को कम करने में मदद करती है, बल्कि रोग के जड़ तक पहुँचने और इसे स्थायी रूप से ठीक करने की दिशा में भी काम कर सकती है।
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pancreatic divism ka homeopathic ilaaj
पैंक्रिअटिक डिविसम (DIVISM)के लिए होमेओपथी उपचार ! बच्चे में हुए पैंक्रिअटिक डिविसम का क्या इलाज हैं ? वीडियो में बताये गए बच्चे को पेट में तेज दर्द का सामना करना पड़ता था। वह हर 2 से 3 महीने में तेज दर्द के आघात से पीड़ित रहता था । उस दर्द और सूजन से उसे अक्सर हॉस्पिटल में भर्ती करना पड़ता था और कमजोरी महसूस करता था। जब बच्चा डॉक्टर के पास गया, तो डॉक्टर ने उसे दर्द निवारक दवा दी और कुछ समय के लिए उसे राहत मिली। लेकिन, कुछ समय बाद, उसे फिर से दर्द का सामना करना पड़ा। हर बार जब ये दर्द attacks होते, बच्चे के माता-पिता बहुत चिंतित हो जाते और कई डॉक्टरों से सलाह लेते। कुछ डॉक्टरों ने सर्जरी का सुझाव दिया, जिसने उनके मन में और भी अधिक चिंता और तनाव भर दिया। बच्चा खेल नहीं पा रहा था और सही से भोजन भी नहीं कर पा रहा था। एक दिन, माता-पिता ने एक वीडियो देखी जिसमें एक होम्योपैथी डॉक्टर ने पैंक्रियाज से संबंधित बीमारियों का बेहतरीन समाधान बताया। उन्होंने निर्णय लिया कि वह इस डॉक्टर से मिलेंगे। जब वे डॉक्टर से मिले, तो उन्होंने पाया कि डॉ. प्रदीप ने एक अनोखा इलाज और एक विशेष विधि प्रदान की है जिससे उनके बच्चे की बीमारी का उपचार संभव है। डॉ. प्रदीप ने उन्हें बताया कि यह बीमारी ठीक होने में समय ले सकती है, और यह पूरी तरह से मरीज के शरीर पर निर्भर करता है। जब बच्चे ने उपचार शुरू किया, तो वह बहुत आरामदायक और प्रेरित महसूस करने लगा। वह नियमित दवा लेता रहा, और धीरे-धीरे, 6 महीने के बाद, उसे अपने पैंक्रियाज के विकार से राहत मिली। अब वह सामान्य जीवन जीने लगा। सबसे अच्छी बात यह थी कि उसने बिना किसी सर्जरी के ही अपनी बीमारी को ठीक किया। बच्चा और उसके माता-पिता, डॉ. प्रदीप के प्रयासों और समर्पण के लिए आभारी थे। उन्होंने मेडिकल स्टाफ और टीम का भी धन्यवाद किया, जो बहुत दयालु और सहायक थे। इस अनुभव ने माता-पिता को यह सिखाया कि होम्योपैथी के द्वारा बच्चे का स्वास्थ्य सुरक्षित किया जा सकता है। पैंक्रिअटिक डिविसम (Pancreatitis)के लिए होम्योपैथी सर्वश्रेष्ठ इलाज :- होम्योपैथी वैकल्पिक चिकित्सा की एक प्रणाली है जो शरीर की स्व-उपचार प्रक्रियाओं को उत्तेजित करने के लिए अत्यधिक पतला पदार्थों का उपयोग करती है। यदि आप किसी भी स्थिति के लिए होम्योपैथी पर विचार कर रहे हैं, तो किसी योग्य होम्योपैथ या स्वास्थ्य सेवा पेशेवर से परामर्श करना महत्वपूर्ण है जो व्यक्तिगत सिफारिशें प्रदान कर सके। पैंक्रिअटिक डिविसम जैसी बीमारी है तो होम्योपैथी बिना किसी सर्जरी के सूजन को ठीक कर सकती है। होम्योपैथी उपचार के माध्यम से पैंक्रिअटिक डिविसम का सबसे अधिक इलाज किया जाता है, कुछ मामलों में - विशेष रूप से सरल अपेंडिसाइटिस - को तत्काल सर्जिकल हस्तक्षेप के बिना प्रबंधित किया जा सकता है। होम्योपैथी अपनी प्रभावी दवा और थैरेपी से पैंक्रिअटिक डिविसम के जोखिम को हल कर सकती है। होम्योपैथी प्राकृतिक और जैविक उपचार विकल्प द्वारा आपकी बीमारी को नियंत्रित करने का सबसे अच्छा तरीका है। यदि आपको पैंक्रिअटिक डिविसम के लक्षण महसूस होते हैं तो आपको अपने स्वास्थ्य सेवा प्रदाता से परामर्श करना चाहिए और पैंक्रिअटिक डिविसम की स्थिति में आपको जल्द से जल्द उपचार लेना चाहिए। होम्योपैथी अपने रोगी को कुछ दर्द निवारक उपचार सुझाती है।
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acute pancreatic ka bina operation ilaaj
तीव्र अग्नाशयशोथ (Acute Pancreatitis)का सचोट इलाज होमियोपैथी में तीव्र अग्नाशयशोथ का बिना सर्जरी इलाज ? हा ,होमियोपैथी में एक्यूट पैंक्रियाटाइटिस का बिना सर्जरी इलाज संभव हैं | इस वीडियो में बताये गए मरीज को बार-बार तीव्र अग्न्याशयशोथ (Acute Pancreatitis)के दर्द की परेशानी थी । पिछले एक साल में, वह तीन बार अस्पताल में भर्ती हो चुका था। उसकी ज़िंदगी में कई समस्याएँ थीं, जैसे व्यक्तिगत जीवन में तनाव, नौकरी की चिंता, और वित्तीय मुश्किलें। वह दवाओं के बिना एक पल भी नहीं रह सकता था, क्योंकि जब भी वह दवा लेना भूल जाता, उसे फिर से तीव्र दर्द का सामना करना पड़ता। जब उसने डॉक्टर से सलाह ली, तो वो उसे दर्द निवारक दवाएं देते थे, जो उसे थोड़ी राहत देती थीं, लेकिन स्थायी समाधान नहीं मिल रहा था। वह बार-बार डॉक्टर से मिलता था, जब उसे फिर से दर्द होता। डॉक्टर ने उसे फिर से भर्ती होने की सलाह दी, लेकिन वह जानता था कि इसके पीछे की वजह क्या है। उसकी स्थिति इतनी गंभीर और असहनीय हो गई थी कि उसने कई डॉक्टरों से परामर्श किया और ढेर सारी टेस्ट करवाई। वह अपनी समस्या का एक प्राकृतिक समाधान चाहता था और एक स्थायी इलाज की तलाश में था। एक दिन, उसने इंटरनेट पर एक होम्योपैथी डॉक्टर की वीडियो देखी जो अग्न्याशयशोथ के मामलों में विशेषज्ञ थे। उसे विश्वास हुआ कि इस डॉक्टर की मदद से उसका इलाज संभव है और उसकी बीमारी ठीक हो सकती है। उसने डॉक्टर से मिलने का निर्णय लिया क्योंकि उसे कई सवाल थे। जैसे उसे सही भोजन का सेवन नहीं हो पाता था, लंबी दूरी पर चलने में कठिनाई होती थी, उसकी मोटापा और पाचन संबंधी समस्याएँ भी थीं। तीव्र अग्नाशयशोथ के लिए कोन-सा उपचार सही हैं ? तीव्र ग्नाशयशोथ का सबसे अच्छा बिना सर्जरी का होमेओपथी उपचार हैं। डॉक्टर से मिलने पर, उसके जांच रिपोर्ट में पाया गया कि उसे अग्न्याशयशोथ के साथ अग्न्याशय में एक नली की समस्या थी। उसने डॉक्टर से पूछा, “क्या अग्न्याशयशोथ का कोई निश्चित निदान नहीं है?” डॉक्टर ने उत्तर दिया, “होम्योपैथी में अग्न्याशयशोथ का समाधान है, लेकिन यह मरीज के शरीर पर निर्भर करता है कि दवा कितनी जल्दी काम करेगी। इसमें सुधार में 1 से 4 साल का समय लग सकता है। मैं आपका इलाज करूंगा, लेकिन आपको अपने स्वास्थ्य के लिए कुछ सावधानियाँ बरतनी होंगी। आपको उचित आहार और स्वास्थ्य के निर्देशों का पालन करना होगा।" डॉक्टर की विशेष चिकित्सा पद्धति और उसके प्रति समर्पण से व्यक्ति को अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक होने का प्रेरणा मिली। उसने डॉक्टर प्रवीण की सभी वीडियो देखी और पाया कि उन्हें अग्न्याशयशोथ के बारे में गहरी जानकारी है। धीरे-धीरे, वह ब्रह्म होम्योपैथी हीलिंग और रिसर्च सेंटर में अपने इलाज की शुरुआत करता है।कुछ समय बाद, उसने अपने व्यक्तिगत जीवन को संभालना शुरू किया और एक अच्छी नौकरी पाई। उसने कहा, “डॉक्टर प्रवीण मेरे लिए भगवान हैं। उनका आचरण रोगियों के प्रति बहुत अच्छा और शांति भरा है।” उनकी स्वास्थ्य में धीरे-धीरे सुधार हुआ। अब वह सामान्य खान-पान करने लगा और अपनी रोजमर्रा की ज़िंदगी को खुशहाल बनाने में लगा। होम्योपैथी के साथ उसका अनुभव बहुत अच्छा रहा और उसने प्राकृतिक चिकित्सा के रास्ते को खोज लिया। तीव्र अग्नाशयशोथ को जड़ से कैसे मिटाये ? होम्योपैथी अनुसंधान आधारित विज्ञान है जिसमें हम रोगी को सर्वोत्तम दवा देते हैं।तीव्र अग्नाशयशोथ का पुराना सही ऊर्जा आधारित उपचार है। मुझे समझ में आने लगा कि उपचार केवल मेरे द्वारा खाए गए भोजन के बारे में नहीं है, बल्कि मेरी आत्मा को पोषित करने के बारे में भी है। मैंने सीखा कि किसी भी बीमारी से ठीक होने के लिए, व्यक्ति को केवल शरीर ही नहीं, बल्कि मन और आत्मा को भी पोषित करना चाहिए। रोगी ने अपनी कहानी दूसरों के साथ साझा की, उन्हें याद दिलाया कि आशा और सद्भाव शरीर को फिर से स्वस्थ बना सकते हैं। उपचार के लिए होम्योपैथी की यात्रा एक सुंदर मार्ग है, और आशा आपका मार्ग रोशन करेगी। यदि आप खुद को रोगी की तरह चुनौतियों का सामना करते हुए पाते हैं, तो याद रखें कि आप अकेले नहीं हैं। तीव्र अग्नाशयशोथ के लिए कोनसी दवा खाये ? होम्योपैथी दवाएं शरीर की प्राकृतिक क्षमता को उत्तेजित करती हैं, जिससे रोगी जल्दी ठीक होता है । होम्योपैथी एक प्रभावशाली और सुरक्षित उपचार पद्धति है, जो तीव्र अग्नाशयशोथ और अन्य घुटने संबंधी विकारों के लिए सर्वश्रेष्ठ समाधान प्रदान कर सकती है। यह चिकित्सा बिना किसी सर्जिकल प्रक्रिया के दर्द से राहत दिलाने में सक्षम होती है। " तीव्र अग्नाशयशोथ के दर्द को होम्योपैथी से मिटाएं!" इस सिद्धांत के तहत, होम्योपैथी दर्द की मूल कारण को समझते हुए एक व्यक्तिगत उपचार योजना बनाती है। इसके माध्यम से ना केवल दर्द में कमी आती है, बल्कि संपूर्ण स्वास्थ्य में सुधार होता है। पेशेंट को ये साफ-सुथरी, नैतिक और सरल उपचार प्रणाली के फायदे मिलते हैं, जिससे वह बिना किसी भय के अपनी जिंदगी का आनंद ले सकता है। होम्योपैथी एक अद्भुत विकल्प है जो तीव्र अग्नाशयशोथ को दूर करने के लिए सभी के लिए खुला है।
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knee pain ka homeopathy ilaaj
घुटने दर्द (Knee Pain)के लिए होमियोपैथी उपचार घुटनो का दर्द कैसे मिटा सकते हैं ? Patient case study : वीडियो में बताये गए व्यक्ति को घुटने दर्द की तकलीफ थी । मरीज को अपने घुटने में जबर्दस्त दर्द की समस्या थी। पहले वह दौड़ने में माहिर था, लेकिन अचानक उसके घुटने में बहुत सारे समस्याएं आ गईं। जब उसने डॉक्टर से सलाह ली, तो डॉक्टर ने उसे दर्द निवारक दवाइयां दीं, जिससे उसे थोड़ी राहत मिली। लेकिन यह राहत स्थायी नहीं थी। जैसे ही वो चलने लगा या भारी सामान उठाने की कोशिश करने लगा, उसे फिर से दर्द महसूस होने लगा। कुछ समय बाद, उसने फिर से डॉक्टर से संपर्क किया, लेकिन इस बार भी डॉक्टर के पास कोई स्थायी समाधान नहीं था। मरीज थक गया था और अपने दर्द से परेशान था। जब वह फर्श पर बैठता, तो खुद से खड़ा होना उसके लिए मुश्किल हो जाता था। उसे दूसरों पर निर्भर रहना पड़ता था, और उसकी स्थिति बहुत असुरक्षित हो गई थी, क्योंकि दर्द की तीव्रता असहनीय थी। जब उसने कई रिपोर्ट्स कराई और कई डॉक्टरों से परामर्श किया, तब उसने अपने दर्द से स्थायी राहत पाने का एक रास्ता खोज लिया। उसने महसूस किया कि वह अपने पैरों को सही तरीके से नहीं चला पा रहा था और उसे कहीं से मदद की जरूरत थी। फिर उसने एक रिपोर्ट कराई जिससे उसे अपने पैरों के दर्द के मुख्य स्थान का पता चला। डॉक्टर ने उसे बताया कि उसके घुटने की कंडीशन बहुत कमजोर है और उसे सर्जरी की सलाह दी। जब मरीज ने सर्जरी के बारे में सोचा, तो उसे यह कदम उठाने में हिचकिचाहट महसूस हुई। वह एक जैविक तरीके से अपने दर्द का इलाज करना चाहता था। एक दिन उसने एक वीडियो देखा, जिसमें एक होम्योपैथी डॉक्टर ने घुटने की समस्याओं के लिए बेहतरीन समाधान बताया। उन्होंने बिना सर्जरी के इलाज का एक अनोखा तरीका बताया। मरीज ने इस डॉक्टर से मिलने की ठान ली। जब वह डॉ. प्रदीप से मिला, तो उसका अनुभव बहुत यादगार और अद्भुत रहा। उन्होंने बताया कि इस बीमारी से ठीक होने में समय लगेगा और यह पूरी तरह से मरीज के शरीर पर निर्भर करता है। जब उसने अपनी उपचार शुरू किया, तो उसे बहुत राहत महसूस होने लगा और वह अपने व्यक्तिगत जीवन को सही तरीके से संभालने में सक्षम हुआ। मरीज ने डॉ. प्रदीप के साथ नियमित अपॉइंटमेंट फिक्स किए और डॉक्टर ने उसे कई तरह के निर्देश और व्यायाम दिए, जो उसके लिए बहुत सहायक साबित हुए। डॉक्टर का व्यवहार अपने मरीजों के प्रति बहुत अच्छा और शांतिपूर्ण था। धीरे-धीरे उसके स्वास्थ्य में सुधार हुआ और दर्द में भी कमी आई। वह लंबे फासले तक चलने और दौड़ने में सक्षम हो गया। एक सबसे अच्छी बात जो उसने देखी, वह थी उसका वजन बढ़ना। उसने डॉ. प्रदीप का धन्यवाद किया और सभी मेडिकल स्टाफ का भी आभार प्रकट किया, जो बहुत दयालु और सहायक थे।उसका होम्योपैथी के साथ अनुभव बहुत अच्छा रहा और उसने प्राकृतिक उपचार का रास्ता खोज लिया। घुटने दर्द के लिए होम्योपैथिक दवा क्यों चुने ? होम्योपैथी दवाएं शरीर की प्राकृतिक क्षमता को उत्तेजित करती हैं, जिससे रोगी जल्दी ठीक होता है । होम्योपैथी एक प्रभावशाली और सुरक्षित उपचार पद्धति है, जो घुटने के दर्द और अन्य घुटने संबंधी विकारों के लिए सर्वश्रेष्ठ समाधान प्रदान कर सकती है। यह चिकित्सा बिना किसी सर्जिकल प्रक्रिया के दर्द से राहत दिलाने में सक्षम होती है। "जोड़ों के दर्द को होम्योपैथी से मिटाएं!" इस सिद्धांत के तहत, होम्योपैथी दर्द की मूल कारण को समझते हुए एक व्यक्तिगत उपचार योजना बनाती है। इसके माध्यम से ना केवल दर्द में कमी आती है, बल्कि संपूर्ण स्वास्थ्य में सुधार होता है। पेशेंट को ये साफ-सुथरी, नैतिक और सरल उपचार प्रणाली के फायदे मिलते हैं, जिससे वह बिना किसी भय के अपनी जिंदगी का आनंद ले सकता है। होम्योपैथी एक अद्भुत विकल्प है जो घुटने के दर्द को दूर करने के लिए सभी के लिए खुला है।
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chronic pancreatitis ka ilaaj
क्रोनिक एट्रोफिक अग्नाशयशोथ" का बिना सर्जरी इलाज क्या हैं ? क्रोनिक एट्रोफिक अग्नाशयशोथ से क्या समस्या होती हैं ? गॉलब्लेडर में पत्थऱ का क्या इलाज होता हैं ? Patient Case Study : 2016 में, पेशेंट एक भयानक दर्द के हमले से गुजरा। उस समय उसे ऐसा महसूस हुआ जैसे उसकी दुनिया खत्म हो गई हो। पिछले कुछ वर्षों से, उसे हर 6 से 8 महीने में जैसे खाद्य विषाक्तता ( Food poisoning) का हमला झेलना पड़ता था। जब उसने डॉक्टर से संपर्क किया, तो उसे कुछ दवाइयाँ मिलीं और उस दर्द से थोड़ी राहत मिली। लेकिन दो साल बाद, उसे फिर से तेज दर्द का सामना करना पड़ा, और यह इस बार अधिक गंभीर था—एक तीव्र अग्न्याशयशोथ (Acute Pancreatitis) का दौरा था। उसकी हालत अप्रत्याशित थी, और यह उसे बहुत परेशान कर रही थी। उसने डॉक्टरों से कई बार सलाह ली, लेकिन कोई सही निदान नहीं मिल पाया। उसे समझ नहीं आ रहा था कि क्या किया जाए। उसकी स्थिति दिन-प्रतिदिन बिगड़ती जा रही थी, और अंततः उसे एक वर्ष तक घर पर रहना पड़ा। इस दौरान, उसने न तो सही खाना खाया और न ही वह लंबे सफर पर जा सका। उसकी घटते वजन और पाचन संबंधी समस्याओं ने उसकी स्थिति को और भी गंभीर बना दिया। 2022 में, अचानक से उसे फिर से दर्द का सामना करना पड़ा। इस बार, तब उसे पता चला कि उसके पित्ताशय में तीन मिलीमीटर के छोटे-छोटे पत्थर (Stones) हैं, जो उसके अग्न्याशय को प्रभावित कर रहे थे। ।गॉलब्लेडर में पथरी होने के कारण डॉक्टर ने उनको सलाह दी के वह गॉलब्लेडर को निकलवा दें। नवंबर 2022 में, उसने पित्ताशय की सर्जरी करवाई।यह सर्जरी से उसको कई दर्द का सामना करना पड़ा। जब उसने ठाना के उसे बीमारी छुटकारा चाहिए तो उसने फिरसे रिपोर्ट्स करवाई। लेकिन सर्जरी के बाद, जब उसने अपनी अग्न्याशय की कार्यक्षमता की जांच करवाने के लिए रिपोर्टें करवाईं, तो उसे पता चला कि उसके अग्न्याशय में पुरानी पीड़ा का प्रभाव है। उसे यह जानकर सदमा लगा कि इसके लिए कोई फिक्स्ड इलाज नहीं है। निराशा में, उसने दिल्ली जाकर एक एमआरसीपी रिपोर्ट करवाई, जिसमें उसे पता चला कि उसका अग्न्याशय सिकुड़ गया है। फिर एक दिन उसने यूट्यूब पर एक वीडियो देखा, जिसमें एक होम्योपैथिक डॉक्टर का केस स्टडी पेश की गई थी। उस डॉक्टर ने पुरानी सिकुड़न वाले अग्न्याशय के रोगी के बारे में बात की। उसने यह वीडियो पूरा देखा और इस डॉक्टर, डॉ. प्रदीप से मिलने की इच्छा जताई।आखिरकार, उसने डॉ. प्रदीप से संपर्क किया, जो एक अनुभवी होम्योपैथी डॉक्टर थे और अग्न्याशय संबंधी समस्याओं का विशेषज्ञ थे। उनके साथ मिलने पर, उसने पाया कि उसे बेहतर विकल्प मिला है। डॉ. प्रदीप ने समझाया कि इस बीमारी का इलाज होने में समय लगेगा—एक साल, दो साल, या तीन साल, यह सब मरीज के शरीर पर निर्भर करेगा। जब उसने अपना इलाज शुरू किया, तो वह बहुत अधिक आरामदायक और प्रेरित महसूस कर रहा था। उसने अपनी दिनचर्या को संभाला और स्वस्थ जीवन के लिए प्रयास करने की ठानी। डॉ. प्रदीप ने उसे बहुत सी उपयोगी सलाह और आहार दिए, जो उसके लिए बेहद लाभकारी साबित हुए।धीरे-धीरे, उसकी सेहत में सुधार होने लगा। उसने अपनी सेहत में सकारात्मक परिवर्तन देखे। वह डॉ. प्रदीप के प्रयासों के लिए और पूरे चिकित्सा स्टाफ के प्रति आभार व्यक्त करता है, जिन्होंने उसे समर्थन और दया दिखाई। उसके अनुभव ने उसे होम्योपैथी के प्राकृतिक उपचार का महत्व समझने में मदद की। पैनक्रियाटाइटिस को जड़ से कैसे ठीक करें :- होम्योपैथी अनुसंधान आधारित विज्ञान है जिसमें हम रोगी को सर्वोत्तम दवा देते हैं। क्रोनिक एट्रोफिक अग्नाशयशोथ का पुराना सही ऊर्जा आधारित उपचार है। मुझे समझ में आने लगा कि उपचार केवल मेरे द्वारा खाए गए भोजन के बारे में नहीं है, बल्कि मेरी आत्मा को पोषित करने के बारे में भी है। मैंने सीखा कि किसी भी बीमारी से ठीक होने के लिए, व्यक्ति को केवल शरीर ही नहीं, बल्कि मन और आत्मा को भी पोषित करना चाहिए। रोगी ने अपनी कहानी दूसरों के साथ साझा की, उन्हें याद दिलाया कि आशा और सद्भाव शरीर को फिर से स्वस्थ बना सकते हैं। उपचार के लिए होम्योपैथी की यात्रा एक सुंदर मार्ग है, और आशा आपका मार्ग रोशन करेगी। यदि आप खुद को रोगी की तरह चुनौतियों का सामना करते हुए पाते हैं, तो याद रखें कि आप अकेले नहीं हैं। क्रोनिक एट्रोफिक पैनक्रियाटाइटिस के लिए कनौसी दवाई लेनी चाहिए ? होम्योपैथी वैकल्पिक चिकित्सा की एक प्रणाली है जो शरीर की स्व-उपचार प्रक्रियाओं को उत्तेजित करने के लिए अत्यधिक पतला पदार्थों का उपयोग करती है। यदि आप किसी भी स्थिति के लिए होम्योपैथी पर विचार कर रहे हैं, तो किसी योग्य होम्योपैथ या स्वास्थ्य सेवा पेशेवर से परामर्श करना महत्वपूर्ण है जो व्यक्तिगत सिफारिशें प्रदान कर सके। क्रोनिक एट्रोफिक पैनक्रियाटाइटिस जैसी बीमारी का एकमात्र होम्योपैथी बिना किसी सर्जरी का इलाज होता हैं । होम्योपैथी उपचार के माध्यम से क्रोनिक एट्रोफिक पैनक्रियाटाइटिस का सबसे अधिक इलाज किया जाता है, कुछ मामलों में - विशेष रूप से सरल अपेंडिसाइटिस - को तत्काल सर्जिकल हस्तक्षेप के बिना प्रबंधित किया जा सकता है। होम्योपैथी अपनी प्रभावी दवा और थैरेपी से क्रोनिक के जोखिम को हल कर सकती है। होम्योपैथी प्राकृतिक और जैविक उपचार विकल्प द्वारा आपकी बीमारी को नियंत्रित करने का सबसे अच्छा तरीका है। यदि आपको क्रोनिक एट्रोफिक पैनक्रियाटाइटिस के लक्षण महसूस होते हैं तो आपको अपने स्वास्थ्य सेवा प्रदाता से परामर्श करना चाहिए और क्रोनिक एट्रोफिक पैनक्रियाटाइटिस की स्थिति में आपको जल्द से जल्द उपचार लेना चाहिए। होम्योपैथी अपने रोगी को कुछ दर्द निवारक उपचार सुझाती है।
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