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Acute Gastritis kya hai or sarir ko kse asar karta hai?

Dr. Pradeep Kushwaha, M.D. schedule4 min read Playing…
Acute Gastritis kya hai or sarir ko kse asar karta hai?

एक्यूट गैस्ट्राइटिस (Acute Gastritis) क्या है?

एक्यूट गैस्ट्राइटिस (Acute Gastritis) एक ऐसी स्थिति है जिसमें आमाशय (Stomach) की अंदरूनी परत में अचानक सूजन या जलन हो जाती है। यह समस्या कुछ घंटों से लेकर कुछ दिनों तक रह सकती है। आमाशय की अंदरूनी परत सामान्य रूप से भोजन को पचाने के लिए बनने वाले अम्ल (Acid) और पाचक रसों से स्वयं की रक्षा करती है। लेकिन जब यह सुरक्षा परत किसी कारण से कमजोर या क्षतिग्रस्त हो जाती है, तब अम्ल सीधे आमाशय की सतह को प्रभावित करने लगता है और सूजन, दर्द तथा अन्य परेशानियाँ उत्पन्न हो जाती हैं।

एक्यूट गैस्ट्राइटिस किसी भी आयु के व्यक्ति को हो सकता है। कई मामलों में यह हल्का होता है और उचित देखभाल से कुछ दिनों में ठीक हो जाता है, लेकिन यदि समय पर ध्यान न दिया जाए तो यह गंभीर रूप भी ले सकता है। इसलिए इसके लक्षणों को समझना और समय पर चिकित्सकीय सलाह लेना आवश्यक होता है।

क्या एक्यूट गैस्ट्राइटिस (Acute Gastritis) के भी चरण (Stages) होते हैं?

एक्यूट गैस्ट्राइटिस के कोई आधिकारिक या निर्धारित चरण (Official Stages) नहीं होते। यह बीमारी सामान्यतः अचानक शुरू होती है और इसकी पहचान चरणों के बजाय गंभीरता (Severity) के आधार पर की जाती है।

1. हल्का स्तर (Mild)
इस स्थिति में व्यक्ति को पेट के ऊपरी हिस्से में हल्की जलन, भोजन के बाद असहजता, गैस या अपच जैसी शिकायत हो सकती है। आमतौर पर आमाशय की सूजन सीमित होती है।
2. मध्यम स्तर (Moderate)
इस स्तर पर पेट दर्द अधिक महसूस हो सकता है। मतली, उल्टी, भूख कम लगना और लगातार पेट में भारीपन जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। सूजन पहले की तुलना में अधिक होती है।
3. गंभीर स्तर (Severe)
गंभीर स्थिति में आमाशय की परत में गहरा नुकसान हो सकता है। कुछ मामलों में रक्तस्राव (Bleeding), खून की उल्टी, काले रंग का मल या अत्यधिक कमजोरी जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। ऐसी स्थिति में तुरंत चिकित्सकीय सहायता आवश्यक होती है।
 

एक्यूट गैस्ट्राइटिस  शरीर को कैसे असर करते है?

जब आमाशय की अंदरूनी परत में सूजन आती है, तब उसकी सामान्य कार्यप्रणाली प्रभावित होने लगती है। भोजन को पचाने के लिए बनने वाला अम्ल सीधे संवेदनशील परत के संपर्क में आने लगता है, जिससे जलन और दर्द बढ़ जाता है।

इसके कारण भोजन का पाचन प्रभावित हो सकता है और व्यक्ति को भोजन करने के बाद भारीपन, अपच तथा पेट में असुविधा महसूस होती है। यदि सूजन अधिक समय तक बनी रहे या गंभीर हो जाए, तो आमाशय की सतह पर छोटे घाव (Erosions) या अल्सर (Ulcers) बनने का खतरा भी बढ़ सकता है।

गंभीर मामलों में लगातार सूजन आमाशय से रक्तस्राव का कारण बन सकती है, जिससे शरीर में खून की कमी (Anemia) विकसित होने का जोखिम भी बढ़ जाता है।

लक्षण और कारण?

एक्यूट गैस्ट्राइटिस (Acute Gastritis) के लक्षण
एक्यूट गैस्ट्राइटिस के लक्षण व्यक्ति की स्थिति और सूजन की गंभीरता के अनुसार अलग-अलग हो सकते हैं। कुछ लोगों में हल्के लक्षण होते हैं, जबकि कुछ में यह काफी गंभीर हो सकते हैं।

मुख्य लक्षणों में शामिल हैं—
-सीने में जलन जैसी अनुभूति
-भोजन के बाद भारीपन महसूस होना
-मतली (Nausea)
-उल्टी होना
-भूख कम लगना
-पेट फूलना
-डकार अधिक आना
-अपच (Indigestion)
हर व्यक्ति में सभी लक्षण दिखाई देना आवश्यक नहीं है।

एक्यूट गैस्ट्राइटिस (Acute Gastritis) किस कारण होता है?

एक्यूट गैस्ट्राइटिस कई अलग-अलग कारणों से हो सकता है। सबसे सामान्य कारणों में शामिल हैं—

- दर्द निवारक दवाओं (विशेषकर कुछ गैर-स्टेरॉयड सूजनरोधी दवाओं) का लंबे समय तक या अधिक मात्रा में सेवन

- अत्यधिक शराब का सेवन

- जीवाणु (Helicobacter pylori) का संक्रमण

- गंभीर शारीरिक तनाव, जैसे बड़ी सर्जरी, गंभीर चोट या जलना

- भोजन विषाक्तता (Food Poisoning)

- अत्यधिक मसालेदार या पेट को परेशान करने वाले खाद्य पदार्थ

- लंबे समय तक मानसिक तनाव

- कुछ वायरल या फंगल संक्रमण, विशेषकर कमजोर प्रतिरक्षा वाले लोगों में

- कुछ स्व-प्रतिरक्षी (Autoimmune) स्थितियाँ, हालांकि यह अपेक्षाकृत कम सामान्य कारण है
 

जोखिम (Risk Factors)?

कुछ परिस्थितियाँ एक्यूट गैस्ट्राइटिस होने की संभावना बढ़ा सकती हैं।
- बढ़ती आयु
- लंबे समय तक दर्द निवारक दवाओं का उपयोग
- अत्यधिक शराब का सेवन
- धूम्रपान
- हेलिकोबैक्टर पाइलोरी (Helicobacter pylori) संक्रमण
- अत्यधिक मानसिक या शारीरिक तनाव

(Disclaimer)
यह लेख केवल सामान्य स्वास्थ्य जागरूकता और जानकारी प्रदान करने के उद्देश्य से लिखा गया है। इसका उद्देश्य किसी भी प्रकार का चिकित्सकीय परामर्श, निदान (Diagnosis) या उपचार (Treatment) देना नहीं है। यदि आपको पेट में लगातार दर्द, जलन, उल्टी, खून की उल्टी, काला मल या एक्यूट गैस्ट्राइटिस से संबंधित कोई भी लक्षण दिखाई दें, तो बिना देर किए योग्य चिकित्सक से परामर्श अवश्य लें।
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