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adhd bimari kya hai or kyu hota hai?

Dr. Pradeep Kushwaha, M.D. schedule5 min read Playing…
adhd bimari kya hai or kyu hota hai?

१)ADHD क्या बीमारी है ?


ADHD बीमारी का पूरा नाम 'अटेंशन डेफिसिट हाइपरएक्टिविटी डिसऑर्डर' है।

- सरल शब्दों में कहें तो, यह मस्तिष्क की ऐसी स्थिति है, जो के किसी व्यक्ति की ध्यान को केंद्रित करने, आवेगों को नियंत्रित करने और स्थिर बैठने की क्षमता को असर करती है।

- यह विकार आमतौर पर बचपन में (7 वर्ष की आयु से पहले) ही शुरू होता है, पर कई मामलों में यह किशोरावस्था और वयस्कता तक भी जारी रह सकता है।

- ADHD से ग्रस्त व्यक्ति का दिमाग "कार्यकारी कार्यों" को ठीक से प्रबंधित नहीं कर पाता।

- कार्यकारी कार्य वे मानसिक कौशल हैं, जो के हमें काम को पूरा करने में , और चीजों को याद रखने में भी तथा समय प्रबंधन करने में मदद करते हैं।

#ADHD तीन प्रकार का होता है:#


(१) असावधान प्रकार :: इसमें व्यक्ति का ध्यान बहुत ही जल्दी भटक जाता है।

 (२) अति-सक्रिय / आवेगी प्रकार :: इसमें व्यक्ति बहुत अधिक हिलता-डुलता है और बिना सोचे-समझे कार्य करता है।

(३) संयुक्त प्रकार ::
इसमें उपरोक्त दोनों प्रकार के लक्षण मिलते हैं। यह सबसे सामान्य रूप है।



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२) ADHD कैसे होता है?


ADHD कोई बीमारी नहीं है, जो के किसी वायरस या बैक्टीरिया से होती है, बल्कि मस्तिष्क की कार्यप्रणाली में अंतर के कारण होता है।

 - यह मस्तिष्क के उन हिस्सों में संचार की कमी के कारण से होता है, जो के ध्यान और गतिविधि को नियंत्रित करते हैं । हमारे मस्तिष्क में न्यूरॉन्स एक-दूसरे को संदेश भेजने के लिए न्यूरोट्रांसमीटर (Neurotransmitters) नामक रसायनों का उपयोग करते हैं।

#ADHD वाले दर्दी में, दो रसायनों का असंतुलन या कमी होती है.

- डोपामाइन ::
यह रसायन हमें खुशी महसूस कराता है। और ध्यान केंद्रित करने में भी मदद करता है।

- नॉरपेनेफ्रिन :: यह सतर्कता और प्रतिक्रिया से जुड़ा है।

जब यह रसायन कम होते हैं, या तो, ठीक से काम नहीं करते है, तो मस्तिष्क के संदेश सही ढंग से पास नहीं होते। इसी कारण व्यक्ति के लिए एक जगह ध्यान लगाना या अपने शरीर की हरकतों को रोकना मुश्किल हो जाता है।


३) ADHD बीमारी के कारण क्या हैं?


अभी तक ADHD के किसी "विशिष्ट" कारण को निश्चित नहीं कर पाए हैं, पर खोज से पता चला है कि, इसमें कई कारक शामिल होते हैं।

इसके मुख्य कारण निम्नलिखित हैं:

1. आनुवंशिकी (Genetics) :: ADHD का सबसे प्रबल कारण आनुवंशिक है। खोज बताते हैं कि, यह परिवारों में चलता है। यदि माता-पिता , भाई-बहन में से किसी को भी ADHD है, तो बच्चे को इसके होने की संभावना अधिक होती है।

2. मस्तिष्क की संरचना (Brain Anatomy) :: अध्ययनों में पाया गया है कि, ADHD वाले बच्चों के मस्तिष्क के कुछ हिस्से सामान्य बच्चों की तुलना में आकार में थोड़े छोटे हो सकते हैं, या विकसित होने में अधिक समय लेते हैं।

3. गर्भावस्था के दौरान समस्याएं :: माँ द्वारा धूम्रपान या शराब का सेवन।

4. जन्म संबंधी कारक :: समय से पहले जन्म। और जन्म के समय उसका वजन बहुत ही कम होना ।

5. पर्यावरण और चोट :: मस्तिष्क पर गंभीर चोट लगना।


४) ADHD के लक्षण क्या हैं?


ADHD के लक्षण हर व्यक्ति में अलग-अलग हो सकते हैं, पर इन्हें मुख्य रूप से दो श्रेणियों में बांटा जा सकता है : असावधानी (Inattention) और अति-सक्रियता/आवेग

1. असावधानी के लक्षण ::

- अक्सर यह उन बच्चों या वयस्कों में देखा जाता है, जो "सपनों में खोए" रहते हैं।

 - विवरण पर सही से ध्यान न देना :: स्कूल के काम या अन्य गतिविधियों में गलतियाँ करना।

 - फोकस बनाए रखने में कठिनाई :: खेल या बातचीत के दौरान भी ध्यान जल्दी भटक जाना।

 - सुनने में कमी :: ऐसा लगना कि, जब उन से सीधे बात की जा रही है, तो वे सुन नहीं रहे हैं।

 - काम को पूरा न कर पाना :: निर्देशों का पालन करने में कठिनाई और स्कूल का काम या ऑफिस का प्रोजेक्ट अधूरा छोड़ देना।

 - व्यवस्थित होने में समस्या : : चीजों को व्यवस्थित नहीं रख पाना, समय का प्रबंधन न कर पाना।

 - भुलक्कड़पन :: दैनिक गतिविधियों में (जैसे बिल भरना या होमवर्क करना) जैसे को भूल जाना।

2. अति-सक्रियता और आवेग के लक्षण

- स्थिर न बैठना :: हाथ-पैर हिलाते रहना, सीट पर कुलबुलाना।

 - अनुचित समय पर दौड़ना :: बच्चों का क्लासरूम में या ऐसी जगह दौड़ना-भागना जहाँ यह अनुचित है।

 - चुपचाप खेलने में असमर्थता :: किसी भी गतिविधि को शांतिपूर्वक नहीं कर पाना।

 - अत्यधिक बोलना :: बिना रुके बोलते ही रहना।

 - बारी का इंतजार नहीं कर पाना :: लाइन में खड़े होने या खेल में अपनी बारी आने का इंतजार करने में परेशानी होना।

 - बीच में टोकना :: दूसरों की बातों या खेलों में बाधा डालना ।

   #वयस्कों में लक्षण#

 वयस्कों में लक्षण थोड़े अलग दिख सकते हैं। उनमें अति-सक्रियता कम हो सकती है, पर वे आंतरिक बेचैनी महसूस कर सकते हैं।

 - खराब समय का प्रबंधन ।

 - रिश्तों में भी समस्या का आना ।

 - अचानक से गुस्सा का आना ।

 - तनाव को न झेल पाना।

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