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Chronic Atrophic Gastritis kya hai? or kaise hota hai?

Dr. Pradeep Kushwaha, M.D. schedule3 min read Playing…
Chronic Atrophic Gastritis kya hai? or kaise hota hai?

क्रॉनिक एट्रोफिक गैस्ट्राइटिस क्या है?

क्रॉनिक एट्रोफिक गैस्ट्राइटिस पेट से जुड़ी एक दीर्घकालिक (लंबे समय तक रहने वाली) बीमारी है, जिसमें पेट की अंदरूनी परत (Gastric mucosa) धीरे-धीरे पतली और कमजोर हो जाती है।

“एट्रोफिक” शब्द का अर्थ है ऊतकों का सिकुड़ना या क्षीण होना। इस बीमारी में पेट की परत में मौजूद एसिड और एंजाइम बनाने वाली ग्रंथियाँ नष्ट होने लगती हैं, जिससे पाचन प्रक्रिया प्रभावित होती है।

यह बीमारी धीरे-धीरे विकसित होती है और शुरुआती अवस्था में इसके लक्षण बहुत हल्के या दिखाई ही नहीं देते।

क्रॉनिक एट्रोफिक गैस्ट्राइटिस कैसे होता है?

हमारे पेट की अंदरूनी परत भोजन को पचाने के लिए हाइड्रोक्लोरिक एसिड, पेप्सिन और अन्य पाचक रस बनाती है।

जब किसी कारण से इस परत में लंबे समय तक सूजन (Inflammation) बनी रहती है, तो धीरे-धीरे पेट की ग्रंथियाँ नष्ट होने लगती हैं। इसी प्रक्रिया को क्रॉनिक एट्रोफिक गैस्ट्राइटिस कहा जाता है।

इस स्थिति में:
पेट का एसिड कम बनने लगता है

पाचन कमजोर हो जाता है

शरीर को आवश्यक पोषक तत्व ठीक से नहीं मिल पाते


क्रॉनिक एट्रोफिक गैस्ट्राइटिस के कारण?

इस बीमारी के पीछे कई कारण हो सकते हैं, जिनमें प्रमुख निम्नलिखित हैं:

1. हेलिकोबैक्टर पाइलोरी (H. pylori) संक्रमण
यह एक बैक्टीरिया है जो पेट की परत में संक्रमण करता है

लंबे समय तक रहने पर यह पेट की परत को नुकसान पहुँचाता है

यह इस बीमारी का सबसे आम कारण माना जाता है

2. ऑटोइम्यून कारण
शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली गलती से अपनी ही पेट की कोशिकाओं पर हमला करने लगती है

इससे विटामिन B12 का अवशोषण कम हो जाता है

3. लंबे समय तक दवाओं का सेवन
दर्द निवारक दवाएँ (जैसे NSAIDs)

कुछ एसिड कम करने वाली दवाओं का अत्यधिक उपयोग

4. अनियमित खान-पान
बहुत अधिक मसालेदार, तला-भुना और जंक फूड

समय पर भोजन न करना

5. धूम्रपान और शराब
पेट की परत को नुकसान पहुँचाते हैं

सूजन को बढ़ाते हैं

6. उम्र बढ़ना
यह बीमारी अधिकतर मध्यम और वृद्ध आयु के लोगों में पाई जाती है


 क्रॉनिक एट्रोफिक गैस्ट्राइटिस के लक्षण? 

इस बीमारी के लक्षण धीरे-धीरे सामने आते हैं और कई बार सामान्य गैस या अपच समझकर नजरअंदाज कर दिए जाते हैं।

#सामान्य लक्षण:
पेट में जलन या दर्द

बार-बार अपच

भोजन के बाद पेट भारी लगना

मतली या उल्टी

भूख कम लगना

पेट में गैस और सूजन

#गंभीर या लंबे समय के लक्षण:
वजन कम होना

लगातार थकान और कमजोरी

एनीमिया (खून की कमी)

चक्कर आना

त्वचा का पीला पड़ना

#विटामिन B12 की कमी से होने वाले लक्षण:?
हाथ-पैरों में झनझनाहट

याददाश्त कमजोर होना

ध्यान केंद्रित करने में परेशानी

क्रॉनिक एट्रोफिक गैस्ट्राइटिस का निदान? 

इस बीमारी की पुष्टि के लिए डॉक्टर कई तरह की जांच कर सकते हैं:
एंडोस्कोपी – पेट की अंदरूनी परत की जांच

बायोप्सी – ऊतक का नमूना लेकर जांच

H. pylori टेस्ट (ब्लड, स्टूल या ब्रीथ टेस्ट)

ब्लड टेस्ट – एनीमिया और विटामिन B12 की जांच

पीएच टेस्ट – पेट के एसिड स्तर की जांच
 

इलाज? 

इस बीमारी का इलाज उसके कारण और गंभीरता पर निर्भर करता है।
H. pylori संक्रमण के लिए एंटीबायोटिक्स

एसिड कम करने वाली दवाएँ

विटामिन B12 सप्लीमेंट या इंजेक्शन

आयरन सप्लीमेंट (यदि एनीमिया हो)

निष्कर्ष
क्रॉनिक एट्रोफिक गैस्ट्राइटिस एक धीरे बढ़ने वाली लेकिन गंभीर पेट की बीमारी है। यदि समय रहते इसका निदान और इलाज किया जाए, तो जटिलताओं से बचा जा सकता है।
 स्वस्थ जीवनशैली, संतुलित आहार और डॉक्टर की सलाह से इस बीमारी को नियंत्रित किया जा सकता है।
इलाज शुरू करने के लिए तैयार हैं?
डॉ. प्रदीप कुशवाहा से परामर्श बुक करें — ऑनलाइन या क्लीनिक पर।
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