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dementia kya hai? or kaise hota hai?

Dr. Pradeep Kushwaha, M.D. schedule3 min read Playing…
dementia kya hai?  or kaise hota hai?

डिमेंशिया क्या है?


डिमेंशिया कोई एक विशेष बीमारी नहीं है, बल्कि यह लक्षणों का एक समूह (Syndrome) है, जिसमें व्यक्ति की याददाश्त, सोचने-समझने की क्षमता, निर्णय लेने की शक्ति, भाषा और व्यवहार धीरे-धीरे कमजोर होने लगते हैं। यह समस्या सामान्यतः बुजुर्गों में अधिक देखी जाती है, लेकिन कुछ मामलों में यह कम उम्र में भी हो सकती है।

डिमेंशिया में व्यक्ति की दैनिक गतिविधियाँ जैसे बोलना, रास्ता पहचानना, चीज़ें याद रखना और सामाजिक व्यवहार प्रभावित होने लगते हैं। यह सामान्य भूलने की समस्या से अलग और अधिक गंभीर स्थिति होती है।

डिमेंशिया कैसे होता है?


डिमेंशिया तब होता है जब मस्तिष्क की कोशिकाएँ (Brain Cells) किसी कारण से क्षतिग्रस्त हो जाती हैं या धीरे-धीरे नष्ट होने लगती हैं। इससे मस्तिष्क के अलग-अलग हिस्सों के बीच संदेशों का आदान-प्रदान सही ढंग से नहीं हो पाता।

मस्तिष्क के जिस भाग को नुकसान पहुँचता है, उसी के अनुसार डिमेंशिया के लक्षण दिखाई देते हैं। यह प्रक्रिया आमतौर पर धीरे-धीरे होती है और समय के साथ लक्षण बढ़ते जाते हैं।


डिमेंशिया होने के कारण?


डिमेंशिया के कई कारण हो सकते हैं, जिनमें कुछ प्रमुख निम्नलिखित हैं:
 1. अल्ज़ाइमर रोग (Alzheimer’s Disease)
यह डिमेंशिया का सबसे आम कारण है। इसमें मस्तिष्क की कोशिकाएँ धीरे-धीरे नष्ट होती जाती हैं, जिससे याददाश्त और सोचने की क्षमता कम होती जाती है।

 2. वेस्कुलर डिमेंशिया (Vascular Dementia)
यह तब होता है जब मस्तिष्क में रक्त का प्रवाह कम हो जाता है, जैसे स्ट्रोक या ब्लड वेसल्स की बीमारी के कारण।

 3. लेवी बॉडी डिमेंशिया
 इसमें मस्तिष्क में असामान्य प्रोटीन जमा हो जाते हैं, जिससे सोच, ध्यान और मूवमेंट प्रभावित होते हैं। 

 4. फ्रंटोटेम्पोरल डिमेंशिया
इस प्रकार में मस्तिष्क के आगे और साइड के हिस्से प्रभावित होते हैं, जिससे व्यक्ति के व्यवहार और भाषा में बदलाव आने लगते हैं।

 5. अन्य कारण

 • सिर में गंभीर चोट

 • लंबे समय तक शराब का सेवन

 • पार्किंसन रोग 

 • विटामिन B12 की कमी

 • थायरॉइड से जुड़ी समस्याएँ 

 कुछ मामलों में डिमेंशिया रिवर्सिबल भी हो सकता है, यदि कारण का समय पर इलाज किया जाए।


डिमेंशिया के लक्षण?


डिमेंशिया के लक्षण धीरे-धीरे बढ़ते हैं और व्यक्ति की उम्र, कारण और स्वास्थ्य पर निर्भर करते हैं।

 #प्रारंभिक लक्षण#

• हाल की बातों को भूल जाना

 • बार-बार वही प्रश्न पूछना

 • चीज़ें रखकर भूल जाना

 • ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई

 #मध्यम स्तर के लक्षण#

 • समय और स्थान को लेकर भ्रम

 • परिचित लोगों को पहचानने में कठिनाई

 • बातचीत में शब्द खोजने में परेशानी

 • निर्णय लेने की क्षमता में कमी

 • व्यवहार और स्वभाव में बदलाव 

 #गंभीर अवस्था के लक्षण# 

• रोज़मर्रा के काम करने में असमर्थता 

 • बोलने और समझने में अत्यधिक कठिनाई

 • व्यक्तिगत देखभाल में परेशानी

 • पूरी तरह दूसरों पर निर्भर हो जाना

 

डिमेंशिया का निदान?


डिमेंशिया का पता लगाने के लिए डॉक्टर:

 • मानसिक क्षमता की जाँच 

 • स्मृति और सोच से जुड़े टेस्ट

 • रक्त जाँच

 • CT स्कैन या MRI

 जैसी जाँच कर सकते हैं। सही कारण जानना इलाज के लिए बहुत आवश्यक होता है।

 निष्कर्ष 
डिमेंशिया एक गंभीर लेकिन धीरे-धीरे बढ़ने वाली समस्या है, जो व्यक्ति और उसके परिवार दोनों को प्रभावित करती है। समय पर पहचान, सही चिकित्सा सलाह और पारिवारिक सहयोग से रोगी के जीवन की गुणवत्ता बेहतर बनाई जा सकती है। जागरूकता और धैर्य इस बीमारी से निपटने के सबसे महत्वपूर्ण साधन हैं।
इलाज शुरू करने के लिए तैयार हैं?
डॉ. प्रदीप कुशवाहा से परामर्श बुक करें — ऑनलाइन या क्लीनिक पर।
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