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Emotional eating ka ilaaj

Dr. Pradeep Kushwaha, M.D. schedule3 min read Playing…
Emotional eating ka ilaaj

१) Emotional eating?


आज के जीवन में, बहुत से लोग ऐसे हैं जो , चिंता, गुस्सा या अकेलेपन जैसे भावनाओं से निपटने के लिए भोजन का सहारा लेते हैं। इसे ही इमोशनल ईटिंग (Emotional Eating) भी  कहते है। यह आद धीरे-धीरे मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को असर करने लगती है।

- इमोशनल ईटिंग का अर्थ है की, जब हम भूख के लिए नहीं  बल्कि अपनी भावनाओं को शांत करने के लिए खाने को  खाते हैं।

- यह असली भूख नहीं , बल्कि असंतुलन का नतीजा होता है, जिसमें खाना एक अस्थायी राहत देता नहीं है।


२) इमोशनल ईटिंग क्यों होती है? (मुख्य कारण)


- तनाव और चिंता:
जब शरीर तनाव होता है, तो वह कोर्टिसोल नामक  हार्मोन को छोड़ता है, जो हमें ज्यादा खाने लिए प्रेरित करता है- मीठा, तला हुआ या ज्यादा कैलोरी वाला भोजन।

- अकेलापन: जब हमें कुछ करने को नहीं होता है ,तो   हम अकेला महसूस करते हैं, तो खाने का सहारा लेते हैं, जिससे मन को कुछ समय के लिए व्यस्त हो जाता है।

- बचपन की आदतें:
बचपन में माता-पिता हमें चॉकलेट ,टॉफी देकर मन को शांत कराते हैं। यही आदत बड़े होकर इमोशनल ईटिंग में परिवर्तन होता है।

- नकारात्मक भावनाएं: मन का उदास होना , शर्म, गुस्सा जैसी भावनाएँ भी हमें "कम्फर्ट फूड" की ओर खिचती है.

- सामाजिक दबाव:
कभी-कभी दूसरों के साथ होने पर भी हम ज्यादा खाना खा जाते है.

 

३) कैसे पहचानें कि यह इमोशनल ईटिंग है?


इमोशनल ईटिंग की पहचान करना थोड़ा मुश्किल हो सकता है, लेकिन नीचे दिए गए संकेतों से आपको समझने में मदद मिलेगी

 - खाने के बाद शर्म जैसा महसूस करना

 - तनाव या उदासी के दौरान बिना भूख के भी खाना

 - भले ही  हमारा पेट भरा हो पर बार-बार खाने की इच्छा जैसा होना।

 - भोजन के माध्यम से अच्छा महसूस करना

#४) इमोशनल ईटिंग के क्या दुष्परिणाम है?


इमोशनल ईटिंग शरीर और मन दोनों को असर करता है:

 - वजन का बढ़ना : बार-बार खाने से भी मोटापे का कारण बनता है।

 - तलीय और मीठा खाना लगातार लेने से ये बीमारियाँ हो सकती हैं।

-ज़्यादा खाने के बाद में व्यक्ति को शर्म महसूस होती है, जिससे आत्मसम्मान को असर होता है।

 - धीरे-धीरे व्यक्ति को भूख और खाने की आदतों नियंत्रण नहीं होता है.

 - डिप्रेशन और एंग्जायटी जैसी समस्याएँ भी और गहरी हो सकती हैं।

 

४) इमोशनल ईटिंग से कैसे निपटें? (उपाय और समाधान)


जब भी खाने का मन हो,तो पहले खुद से पूछें – क्या मुझे सही में भूख लगी है या मैं किसी भावना से भाग रहा हूँ? 

 - जब भी तनाव हो, किताब पढ़ें, टहलने जाएं।

 - हम क्या - क्या खा रहे हैं, यह आदतें समझने में मदद मिलेगी।

 - धीरे-धीरे खाएं, हर निवाले का स्वाद लें.

 - योग मानसिक संतुलन को बनाने में मदद करता है.

५) बचाव के उपाय?


- घर में हेल्दी स्नैक्स रखें, जैसे की फल, ड्राई फ्रूट्स, या स्प्राउट्स। 

 - भावनाओं को कण्ट्रोल करना

 - नियमित रूप से कसरत करना चाहिए।

 - भरपूर नींद लेना अच्छा होता
इलाज शुरू करने के लिए तैयार हैं?
डॉ. प्रदीप कुशवाहा से परामर्श बुक करें — ऑनलाइन या क्लीनिक पर।
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