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ibs kya hai ? or kaise hota hai?

Dr. Pradeep Kushwaha, M.D. schedule3 min read Playing…
ibs kya hai ? or kaise hota hai?

१) IBS क्या है?

इरिटेबल बाउल सिंड्रोम (IBS), जिसे हिंदी में चिड़चिड़ा आंत्र सिंड्रोम या संवेदनशील आंत की बीमारी भी कहा जाता है, पाचन तंत्र से जुड़ी एक कार्यात्मक विकार (Functional Disorder) है। इसका मतलब यह है कि आंतों की संरचना में कोई गहरी खराबी नहीं होती, लेकिन उनकी काम करने की क्षमता में गड़बड़ी हो जाती है। यह समस्या अधिकतर बड़ी आंत (Large Intestine) को प्रभावित करती है।

IBS कोई जानलेवा बीमारी नहीं है, लेकिन यह लंबे समय तक चलने वाली (क्रॉनिक) समस्या है, जो व्यक्ति की जीवनशैली और मानसिक स्वास्थ्य को काफी प्रभावित कर सकती है।

 २) इरिटेबल बाउल सिंड्रोम क्यों होता है?

IBS का सटीक कारण अभी तक पूरी तरह से ज्ञात नहीं है, लेकिन कई फैक्टर्स इसके पीछे जिम्मेदार माने जाते हैं:

- आंत की मांसपेशियों की असामान्य हरकत – आंतें या तो बहुत तेज सिकुड़ती हैं (जिससे दस्त होते हैं) या बहुत धीमी (जिससे कब्ज होता है)।

- दिमाग और आंत के बीच तालमेल की कमी – ब्रेन और आंत के बीच मौजूद नर्व सिग्नलिंग में गड़बड़ी IBS के लक्षण पैदा कर सकती है।

- संक्रमण के बाद की समस्या – कभी-कभी किसी गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल संक्रमण के बाद IBS हो सकता है।

- तनाव और मानसिक स्वास्थ्य – लंबे समय तक स्ट्रेस, एंग्जायटी या डिप्रेशन IBS को और खराब कर देते हैं।

- खाने-पीने की आदतें – कुछ खास खाद्य पदार्थ (जैसे तैलीय भोजन, दूध, मसालेदार खाना) IBS के ट्रिगर बन सकते हैं।


३) चिड़चिड़ा आंत्र सिंड्रोम (IBS) के क्या लक्षण हैं?

IBS के लक्षण अलग-अलग लोगों में भिन्न हो सकते हैं, लेकिन सबसे सामान्य लक्षण इस प्रकार हैं:

- पेट में बार-बार दर्द या ऐंठन

- पेट फूलना और गैस

- दस्त आना, कब्ज होना, या दोनों का बारी-बारी से होना

- मल त्याग के बाद अधूरा महसूस होना

- मल में बलगम (Mucus) आना

- खाने के बाद पेट में भारीपन और असहजता

४) संवेदनशील आंत की बीमारी (IBS) के क्या लक्षण हैं?

संवेदनशील आंत (Sensitive Bowel) के लक्षण चिड़चिड़ा आंत्र सिंड्रोम जैसे ही होते हैं। इनमें शामिल हैं:

- बार-बार टॉयलेट जाने की इच्छा

- पेट दर्द और असहजता

- गैस की समस्या

- मल त्याग के बाद भी पूरा साफ न होने का अहसास


५) IBS में क्या नहीं खाना चाहिए?

IBS के मरीजों को कुछ खाने-पीने की चीज़ों से परहेज करना चाहिए क्योंकि यह लक्षण बढ़ा सकती हैं:

- बहुत मसालेदार और तैलीय खाना

- कॉफी, चाय, एनर्जी ड्रिंक

- अल्कोहल और सॉफ्ट ड्रिंक्स

- फास्ट फूड और प्रोसेस्ड फूड

- डेयरी प्रोडक्ट्स (जैसे दूध) – कुछ मरीजों को इससे समस्या बढ़ सकती है

- गैस बनाने वाली चीज़ें (राजमा, छोले, पत्ता गोभी, फूलगोभी आदि)

निष्कर्ष

इरिटेबल बाउल सिंड्रोम (IBS) एक ऐसी स्थिति है जो व्यक्ति के पाचन तंत्र और जीवन की गुणवत्ता दोनों को प्रभावित कर सकती है। यह कोई जानलेवा बीमारी नहीं है, लेकिन सही खानपान, नियमित व्यायाम और तनाव कम करने की आदतें अपनाकर इसे काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है। डॉक्टर की सलाह के अनुसार दवाइयाँ और डाइट चार्ट फॉलो करना भी बहुत ज़रूरी है।
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डॉ. प्रदीप कुशवाहा से परामर्श बुक करें — ऑनलाइन या क्लीनिक पर।
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