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ibs kyu hota hai? homeoapthy me kya ilaj hai?

Dr. Pradeep Kushwaha, M.D. schedule3 min read Playing…
ibs kyu hota hai? homeoapthy me kya ilaj hai?

Irritable Bowel Syndrome - IBS (इरिटेबल बाउल सिंड्रोम)बीमारी क्या है?


इरिटेबल बाउल सिंड्रोम (IBS) बड़ी आंत (Large Intestine) से जुड़ी एक सामान्य लेकिन परेशान करने वाली बीमारी है। इसमें आंतें बिना किसी स्पष्ट कारण के अत्यधिक संवेदनशील हो जाती हैं। यह बीमारी आंतों को कोई स्थायी नुकसान नहीं पहुंचाती, लेकिन इससे जीवन की गुणवत्ता बहुत प्रभावित होती है। यह एक Functional Disorder है यानी आंतें दिखने में सामान्य होती हैं लेकिन काम सही से नहीं करतीं।

 यह बीमारी कैसे होती है?


IBS में दिमाग और आंतों के बीच का संवाद (Gut-Brain Connection) बिगड़ जाता है। आंतों की मांसपेशियां या तो बहुत तेज या बहुत धीमी गति से काम करने लगती हैं। इससे खाना या तो बहुत जल्दी या बहुत धीमे आगे बढ़ता है जिससे दस्त या कब्ज की समस्या होती है। तनाव और चिंता इस बीमारी को और अधिक बढ़ा देते हैं।

 बीमारी के कारण (Causes)?


- मानसिक तनाव और चिंता — यह IBS का सबसे बड़ा ट्रिगर है
- आंतों में संक्रमण — किसी पुराने संक्रमण के बाद IBS हो सकता है
- खाने की गलत आदतें — अनियमित खान-पान
- हार्मोनल बदलाव — महिलाओं में मासिक धर्म के दौरान लक्षण बढ़ते हैं
- आंतों की अतिसंवेदनशीलता — आंतें सामान्य दबाव को भी दर्द की तरह महसूस करती हैं
- आंतों में बैक्टीरिया का असंतुलन (Gut Dysbiosis)
- अनुवांशिक कारण — परिवार में किसी को हो तो खतरा बढ़ता है
- खाद्य असहिष्णुता — जैसे Lactose या Gluten से एलर्जी

 लक्षण (Symptoms)?


- पेट में मरोड़ और दर्द जो मल त्याग के बाद कम हो जाए
- बार-बार दस्त लगना (IBS-D)
- लगातार कब्ज रहना (IBS-C)
- कभी दस्त कभी कब्ज (IBS-M)
- पेट फूलना और गैस बनना
- मल में सफेद बलगम आना
- अचानक शौच की तेज इच्छा होना
- थकान और कमजोरी
- तनाव बढ़ने पर लक्षण और बिगड़ना

 क्या खाएं?


- फाइबर युक्त भोजन — जैसे दलिया, ओट्स, सब्जियां
- मूंग दाल और मसूर दाल — हल्की और सुपाच्य
- केला — दस्त में बहुत फायदेमंद
- अदरक की चाय — पेट की ऐंठन में राहत देती है
- दही और छाछ — अच्छे बैक्टीरिया के लिए प्रोबायोटिक
- सेब (बिना छिलके के)
- छोटे-छोटे भोजन दिन में 5-6 बार
- पुदीने की चाय — आंतों की ऐंठन में राहत देती है

 क्या न खाएं?

- मसालेदार और तला-भुना खाना
- दूध और डेयरी उत्पाद — अगर Lactose Intolerance हो
- गेहूं और मैदा — Gluten संवेदनशीलता में
- गोभी, राजमा, छोले — गैस बनाने वाली सब्जियां
- कैफीन — चाय, कॉफी और कोल्ड ड्रिंक
- शराब पूरी तरह बंद करें
-च्युइंगम और आर्टिफिशियल मिठास
-एक बार में अधिक खाना
- जंक फूड और फास्ट फूड
इलाज शुरू करने के लिए तैयार हैं?
डॉ. प्रदीप कुशवाहा से परामर्श बुक करें — ऑनलाइन या क्लीनिक पर।
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