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urticaria kya hai or kaise failta hai ?

Dr. Pradeep Kushwaha, M.D. schedule3 min read Playing…
urticaria kya hai or kaise failta hai ?

अर्टिकेरिया क्या है?


अर्टिकेरिया, जिसे आम भाषा में पित्ती या हाइव्स (Hives) कहा जाता है, एक प्रकार की त्वचा से संबंधित एलर्जिक समस्या है। इसमें त्वचा पर अचानक लाल या गुलाबी रंग के उभरे हुए चकत्ते, सूजन और तेज खुजली होने लगती है। ये चकत्ते शरीर के किसी भी हिस्से में हो सकते हैं जैसे—चेहरा, हाथ, पैर, पीठ या पेट।

अर्टिकेरिया कोई संक्रामक बीमारी नहीं है, यानी यह एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में नहीं फैलती। यह समस्या कुछ घंटों से लेकर कई हफ्तों या महीनों तक भी रह सकती है।

अर्टिकेरिया कैसे होता है?


अर्टिकेरिया तब होता है जब शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली (Immune System) किसी बाहरी या आंतरिक तत्व को गलत तरीके से खतरा समझ लेती है। इसके कारण शरीर में मौजूद मास्ट सेल्स (Mast Cells) से हिस्टामिन (Histamine) नामक रसायन निकलता है।

हिस्टामिन निकलने से: 

• त्वचा की रक्त वाहिकाएं फैल जाती हैं

 • त्वचा में सूजन आ जाती है

 • खुजली और जलन होने लगती है

 यही प्रक्रिया पित्ती के चकत्तों का कारण बनती है।

अर्टिकेरिया के प्रकार?


अर्टिकेरिया को मुख्य रूप से दो प्रकारों में बांटा जाता है:

1. तीव्र अर्टिकेरिया

 • 6 हफ्तों से कम समय तक रहता है
 • अक्सर एलर्जी के कारण होता है
 • दवाओं, भोजन या संक्रमण से जुड़ा होता है

 2. दीर्घकालिक अर्टिकेरिया

• बार-बार ठीक होकर फिर उभर आता है
 • कई बार कारण स्पष्ट नहीं होता


अर्टिकेरिया होने के कारण?


अर्टिकेरिया के कई कारण हो सकते हैं, जिनमें से कुछ प्रमुख हैं:

 1. खाद्य पदार्थ
• अंडा
 • मूंगफली
 • समुद्री भोजन
 • दूध
 • चॉकलेट
 • फूड कलर और प्रिज़रवेटिव्स 

 2 . संक्रमण
 • वायरल इंफेक्शन
 • बैक्टीरियल इंफेक्शन
 • सर्दी-जुकाम या बुखार

 3 . मौसम और वातावरण
• अधिक ठंड या गर्मी
 • पसीना
 • धूप
 • ठंडी हवा या पानी

 4 . तनाव (Stress) मानसिक तनाव और चिंता भी अर्टिकेरिया को बढ़ा सकते हैं।

 5 . कीड़े-मकोड़ों का काटना मच्छर, मधुमक्खी या अन्य कीड़ों के काटने से भी पित्ती हो सकती है।

 6 . ऑटोइम्यून कारण कई बार शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली खुद के ऊतकों पर हमला करने लगती है, जिससे क्रॉनिक अर्टिकेरिया होता है।


अर्टिकेरिया के लक्षण?


अर्टिकेरिया के लक्षण व्यक्ति के अनुसार अलग-अलग हो सकते हैं, लेकिन सामान्य लक्षण इस प्रकार हैं: 

 • त्वचा पर लाल या गुलाबी रंग के उभरे चकत्ते

 • तेज खुजली

 • चकत्तों का आकार बदलते रहना

 • चकत्तों का कुछ घंटों में गायब होकर फिर उभरना

 • त्वचा में जलन या चुभन

 • चेहरे, होंठ, आंखों या गले में सूजन (Angioedema)

 #गंभीर स्थिति में:

 • सांस लेने में दिक्कत

 • गले में सूजन

 • चक्कर आना

 अर्टिकेरिया की पहचान? 
 अर्टिकेरिया की पहचान मुख्य रूप से: 

• मरीज के लक्षणों 

 • मेडिकल हिस्ट्री

 • एलर्जी टेस्ट

 • ब्लड टेस्ट 

 के आधार पर की जाती है। कई बार क्रॉनिक अर्टिकेरिया में कारण पता नहीं चल पाता।

 निष्कर्ष
अर्टिकेरिया एक आम लेकिन परेशान करने वाली त्वचा समस्या है। सही समय पर पहचान और उचित इलाज से इसे नियंत्रित किया जा सकता है। यदि पित्ती बार-बार हो रही है या लंबे समय तक बनी रहती है, तो त्वचा रोग विशेषज्ञ से परामर्श लेना अत्यंत आवश्यक है। सही जीवनशैली और सावधानी से इस बीमारी को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।
इलाज शुरू करने के लिए तैयार हैं?
डॉ. प्रदीप कुशवाहा से परामर्श बुक करें — ऑनलाइन या क्लीनिक पर।
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