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ca 19 9 kya hai

Dr. Pradeep Kushwaha, M.D. schedule3 min read Playing…

CA 19-9 क्या है और इसके बढ़ने से कैंसर का खतरा क्यों हो सकता है?


CA 19-9 (Cancer Antigen 19-9) एक प्रकार का प्रोटीन है, जिसे ट्यूमर मार्कर कहा जाता है। यह शरीर में उन कोशिकाओं द्वारा उत्पादित होता है, जो असामान्य रूप से बढ़ जाती हैं। सामान्यतः, यह प्रोटीन पाचन तंत्र के कुछ अंगों जैसे पैंक्रियाज, जिगर, गल मार्ग, और आंतों में पाया जाता है। जब इन अंगों में कैंसर होता है, तो CA 19-9 का स्तर शरीर में बढ़ सकता है।

यह मार्कर विशेष रूप से पैंक्रियाटिक कैंसर, कोलोन कैंसर, लिवर कैंसर, औरGall bladder (पित्ताशय की थैली) के कैंसर के साथ जुड़ा हुआ है। हालांकि, यह जरूरी नहीं कि CA 19-9 का स्तर बढ़ने का मतलब हमेशा कैंसर ही हो, क्योंकि कई बार यह संक्रमण, सूजन, या अन्य गैर-कैंसर बीमारियों में भी बढ़ सकता है।

 

CA 19-9 का परीक्षण क्यों किया जाता है?


डॉक्टर इस परीक्षण का उपयोग मुख्य रूप से निम्नलिखित उद्देश्यों के लिए करते हैं: -

 **कैंसर का निदान:**
कोई मरीज के लक्षण यदि कैंसर से मिलते-जुलते हैं, तो CA 19. 9 का जाँच कर पता लगाया जा सकता है कि मरीज को कैंसर या नहीं है।

 - **कैंसर का प्रगति ट्रैकिंग:**
यदि पहले से कैंसर का निदान हो चुका है, तो इस मार्कर का स्तर उसकी प्रगति या उपचार की प्रतिक्रिया को समझने में मदद करता है।

 - **रिसिडिव (पुनः उत्पन्न) कैंसर की जांच:** इलाज के बाद यदि CA 19-9 का स्तर फिर से बढ़ता है, तो इसका मतलब हो सकता है कि कैंसर वापस आ गया है।

CA 19-9 का स्तर कितना होना चाहिए?


CA 19-9 का नार्मल लेवल 37 Units per milliliter से नीचे माना जाता है। पर ये लेवल अगर ज्यादा बढ़ जाये तो ,कैंसर या कोई अन्य स्थिति भी हो सकती है।

 - **उच्च स्तर:**
कैंसर, सूजन, संक्रमण, या जिगर की बीमारी का संकेत हो सकता है।

 - **बहुत अधिक स्तर:** यह अधिक गंभीर कैंसर के हो सकते हैं, जैसे कि पैंक्रियाटिक कैंसर, विशेष रूप से जब यह बढ़ जाता है।

 

क्या CA 19-9 का स्तर बढ़ने का मतलब हमेशा कैंसर ही है?


- उत्तर है, नहीं।
यह कोई निश्चित निदान नहीं है। कई गैर-कैंसर स्थितियों में भी इसकी मात्रा बढ़ भी सकती है,

जैसे: - पैंक्रियाटिक सूजन (पैंक्रियाटाइटिस)
- जिगर की बीमारियाँ (जैसे हेपेटाइटिस)
- Gallstones (पित्ताशय की पथरी)
- संक्रमण या सूजन इसलिए, यदि CA 19-9 का स्तर बढ़ता है, तो इसका मतलब यह नहीं कि व्यक्ति के पास कैंसर है। यह केवल एक संकेत है, जिसके बाद और जांचें की जाती हैं, जैसे कि इमेजिंग (अल्ट्रासाउंड, सीटी स्कैन, MRI) और बायोप्सी, ताकि सही निदान किया जा सके।

CA 19-9 का उपयोग सीमित क्यों है?


क्योंकि बहुत से गैर-कैंसर मामलों में भी CA 19-9 का स्तर बढ़ सकता है, इसलिए यह मार्कर केवल एक सहायता उपकरण है, न कि अंतिम निदान। इसका प्रयोग मुख्य रूप से कैंसर का अनुमान लगाने, उसकी प्रगति का मूल्यांकन करने, और उपचार की प्रतिक्रिया देखने के लिए किया जाता है।

निष्कर्ष


- CA 19-9 एक ट्यूमर मार्कर है, जो मुख्य रूप से पैंक्रियाटिक और अन्य संबंधित अंगों के कैंसर की पहचान में मदद करता है।
** - **इसके स्तर का बढ़ना जरूरी नहीं कि कैंसर ही हो, बल्कि यह संक्रमण, सूजन, या जिगर की बीमारियों का भी संकेत हो सकता है।

** - यह मार्कर केवल निदान में मदद करता है, अंतिम पुष्टि के लिए अन्य टेस्ट जरूरी होते हैं।**
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