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chronic calcification pancreas ka homeopathic upchar

Dr. Pradeep Kushwaha, M.D. schedule4 min read Playing…

होम्योपैथी में क्रोनिक कैल्सीफिकेशन अग्नाशयी का उपचार हिंदी में


क्रोनिक कैल्सीफिकेशन के बारे में आप क्या जानते हैं?


क्रोनिक कैल्सीफिकेशन भारी सूजन की स्थिति है जिसमें आप अग्न्याशय में सूजन, घाव और संभावित क्षति महसूस कर सकते हैं। पुरानी स्थिति में आपको अग्नाशयशोथ के विशेषज्ञ डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए आप सर्जरी के स्थान पर सही उपचार पा सकते हैं।


क्रोनिक अग्नाशयशोथ के मानक कारण:-


क्रोनिक कैल्सिफिकेशन पैंक्रियाटाइटिस के कारण यह दर्शाते हैं के आपको कोनसे कारण से यह बीमारी हो सकती हैं। इसे ध्यान से पढ़ना आपके लिए उचित साबित होगा। आप अपनी रिपोर्ट डॉक्टर को दिखा कर ही कोई निर्णय ले।

1. बार-बार होने वाला अग्नाशयशोथ
2. आनुवंशिक उत्परिवर्तन
3. शराब के दुरुपयोग पर
4. विषाक्त पदार्थ और औषधियाँ
5. अग्न्याशय के ट्यूमर (पत्थर)
 6. पुटीय तंतुशोथ
7. पित्ताशय की पथरी
8. स्व - प्रतिरक्षी रोग
 9. चिकित्सा का इतिहास
 

क्रोनिक अग्नाशयशोथ के सही लक्षण:-


क्रोनिक कैल्सिफिकेशन ऑफ़ पैंक्रियास के लक्षण के लिए आपको अपने नजदीकी डॉक्टर से सलाह ले लेनी चाहिए। ऐसे ही कोई भी निष्कर्ष पर मत पहुंचे।

1. भूख कम होना
 2. मधुमेह
 3. सूजन
4. लंबे समय तक रहने वाली सूजन
 5. खुजली और सूजन
6. चिड़चिड़ा स्वभाव
7. पेट में दर्द होना
 
"क्रोनिक कैल्सीफाइड पैन्क्रियाटाइटिस के लिए विशेषज्ञ चिकित्सक उपचार"


होम्योपैथी में अग्नाशयी कैल्सीफिकेशन की उपचारविधि :


होमियोपैथी में आपको पैंक्रियाटाइटिस के लिए एकदम बेजोड़ इलाज मिल जाता हैं। आपको अपने शरीर के लंबे स्वास्थ्य के लिए सर्जरी का तरीका टालना चाहिए। हम होमियोपैथी उपचार के द्वारा रोगी को कुदरती स्वस्थय देना पसंद करते हैं। हमारे हॉस्पिटल में कई क्रोनिक कैल्सिफिएड पैंक्रियाटाइटिस के मरीज ठीक हो चुके हैं। हम लोगो को यही सलाह देते हैं की आपको अपने शरीर की परहेज खुद करना चाहिए और बाकि का काम आपको डॉक्टर और ट्रीटमेंट पर छोड़ देना चाहिए। लोगो के विश्वास से और होमियोपैथी दवाई से हम पैंक्रियाटाइटिस को ठीक करने में सफलता हासिल करते हैं।

उपचार विधी :-


1) दवाईया :- दवाई का सेवन खूब ध्यान से करना चाहिए। होमियोपैथी में आपको दवाइया लेने से कोई भी अन्य दुख या पीड़ा नहीं होती हैं। आपको इसको लेने से कोई भी शारीरिक तकलीफ नहीं होगी। आपको अभी से डॉक्टर डाइट का निर्देशन कर देते हैं जिससे आपको अच्छी ट्रीटमेंट लागु हो पाए। नियमित दवाई का सेवन करना ही मरीज को आराम दे सकती हैं।
 2) शराब का कम सेवन :- शराब का सबसे बड़ा हाथ होता हैं बीमारी होने के पीछे। आपको शराब को लम्बे समय पे नुकशान पहुँचती हैं। यह कैंसर जैसी स्थिति पे मरीज को ला सकती हैं। यह बहुत हानिकारक साबित हो सकती हैं। पैंक्रिअटिटिस को ख़तम करना हैं तो आपको शराब को छोड़ना और कम करना आवश्यक हैं।
 3) नियमित आहार :- नियमित आहार सेवन एक स्वस्थ जीवन का पहला पहिया हैं। आपको आपने दैनिक जीवन में खाने पर पूरा ध्यान रखना चाहिए। आपको ज्यादा हानि दे वैसा आहार आपको छोड़ना चाहिए। पैंक्रियाटाइटिस में कम स्वाद या घर का स्वस्थ भोजन खाना आपके लिए उपुक्त होगा जिसमे कई विटामिन , कैल्सियम ,आयरन युक्त , ताजा और स्वाद होना आवश्यक होगा।
 4) तनाव और चिंता: तनाव को काम करने के लिए आपको रोजाना मस्तस्क की कसरत करनी आवश्यक रहेगी। आपको कोई भी तनाव को छुटकारा पाने के लिए आप को आपने परिवार जनो से सहयता लेनी चाहिए। होमियोपैथी में तनाव या अनिद्रा का उपचार मिल जाता हैं।
 5) बॉडी हायड्रेशन :- पैंक्रिअटिटिस की गंभीर स्थिति के पीछे कई बार पैंक्रियास में स्टोन होता हैं। यदि आपको पैंक्रियास में स्टोन या पथरी हैं तो आपको जायदा पानी पीना चाहिए जिससे आपकी बॉडी में पानी की कमी न हो। पैंक्रियास में स्टोन के कारण से आपको कई बीमारी होने का अनुमान हैं। आपको यही ध्यान रखना हैं की रोज कम से कम २.५ लीटर से ज्यादा पानी का सेवन करना हैं।
इलाज शुरू करने के लिए तैयार हैं?
डॉ. प्रदीप कुशवाहा से परामर्श बुक करें — ऑनलाइन या क्लीनिक पर।
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