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kya baar baar khuni dast hona ulcerative colitis ho sakta hai?

Dr. Pradeep Kushwaha, M.D. schedule4 min read Playing…

१) क्या बार-बार खूनी दस्त होना अल्सरेटिव कोलाइटिस हो सकता है?


अगर बार-बार "खूनी दस्त " हो रहा है, तो यह पाचन की समस्या ही नहीं, बल्कि "अल्सरेटिव कोलाइटिस " नामक गंभीर आंतों की बीमारी का संकेत हो सकता है।

- यह रोग बड़ी आंत और मलाशय के अंदरूनी पर्त में सूजन , घाव पैदा करता है, जिस के कारण से बार-बार दस्त का होना , खून निकलने जैसी समस्याएँ होती हैं।


#अल्सरेटिव कोलाइटिस क्या है?


अल्सरेटिव कोलाइटिस "क्रॉनिक (दीर्घकालिक)" सूजन के संबंधी रोग है, जो की "इरिटेबल बाउल डिजीज" समूह का भाग है।

- इसमें शरीर की रोग प्रतिरोधक प्रणाली गलती से बड़ी आंत के कोशिका पर हमला करने लग जाती है, जिस से सूजन,और अल्सर बन जाते हैं।

- इस रोग मुख्य रूप से तीन प्रकार माने जाते हैं-

1. Ulcerative Proctitis :: – केवल मलाशय तक ही सीमित सूजन।

2. Left-sided Colitis :: बाईं ओर के बड़ी आंत तक फैली सूजन।

3. Pancolitis :: बड़ी आंत में सूजन और घाव।


२) अल्सरेटिव कोलाइटिस के प्रमुख क्या लक्षण है?


इसके लक्षण धीरे-धीरे से बढ़ते हैं ,और समय के साथ - साथ में गंभीर हो सकते हैं।

 - बार-बार "दस्त", जिसमें से **खून आता है।

 - पेट में "मरोड़" और बहुत ही तेज दर्द का होना।

 - वज़न का कम हो जाना। और भूख में भी कमी हो सकती है.

 - कुछ मामलों में तो, "जोड़ों में दर्द" भी हो सकता है.

अगर व्यक्ति कई हफ्तों से खूनी दस्त से जूझ रहा है, तो तुरंत ही डॉक्टर से मिलना चाहिए।


३) अल्सरेटिव कोलाइटिस के प्रमुख कारण क्या - क्या है?


इसका अभी तक सटीक कारण पूरी तरह से स्पष्ट नहीं हैं, पर कई कारक इसके लिए जिम्मेदार है,

 - 1. ऑटोइम्यून प्रतिक्रिया
शरीर के रोग-प्रतिरोधक प्रणाली गलती से आंत के कोशिक पर हमला करने लग जाती है.

2. आनुवंशिक कारण
अगर परिवार में यह रोग है, उनमें भी इसके होने की संभावना और भी ज्यादा होती है।

3. पर्यावरणीय कारण
प्रदूषण, और गलत खान-पान, या तो, तंबाकू इस रोग को ट्रिगर करते है.

4. आहार और जीवनशैली
ज्यादा मसालेदार भोजन, और फास्ट फूड, अधिक मात्रा में शराब का सेवन करने से स्थिति को बिगाड़ सकता है।

#जाँच (Diagnosis)?



अल्सरेटिव कोलाइटिस का पता करने के लिए डॉक्टर कुछ जाँचें करते हैं:-

*कोलोनोस्कोपी* ::- सबसे महत्वपूर्ण का जांच, है, जिस में कैमरे की मदद से आंत के अंदर को देख सकते है.

*बायोप्सी* :: आंत के पर्त से टिशू लेकर जांच को किया जाता है.

*ब्लड टेस्ट* :: संक्रमण, या सूजन का पता करने के लिए.

*CT स्कैन या तो MRI स्कैन के माध्यम से आंतों के पूरी स्थिति को जानने के लिए किया जाता है.

४) अल्सरेटिव कोलाइटिस के लिए सही उपचार क्या है?



अल्सरेटिव कोलाइटिस का "स्थायी इलाज" नहीं है, पर सही उपचार से इसे कण्ट्रोल कर सकते है. उपचार में मुख्य रूप से ये तरीके शामिल हैं: जैसे की,

"आहार और जीवनशैली"

 * हल्का और पौष्टिक तथा कम फाइबर वाला भोजन को लें।

 * उचित मात्रा में पानी को पीएं , जिस से की , डिहाइड्रेशन न हो।

 * दूध, कैफीन और ज्यादा मसालेदार भोजन करने से बचें।

 * कसरत करें। जिस से तनाव में कमी हो सके।

घरेलू और प्राकृतिक उपाय क्या है?


डॉक्टर के कहे अनुसार ही इन उपाय को कर सकते है.

 - एलोवेरा का जूस :: हल्की सूजन में बहुत ही मदद कर सकता है।

 - हल्दी :: इसमें मौजूद करक्यूमिन सूजन को कम करता है.

५) कब डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए?

यदि निचे बताये गए लक्षण में से कुछ भी हों, तो तुरंत डॉक्टर से मिलें:

 * १ हफ्ते से भी अधिक समय तक खूनी दस्त का होना

 * बहुत तेज़ पेट में दर्द का होना।

 * अचानक से वज़न भी कम हो जाना।

 * डिहाइड्रेशन जैसा होना * मल में से लगातार खून का आना।
इलाज शुरू करने के लिए तैयार हैं?
डॉ. प्रदीप कुशवाहा से परामर्श बुक करें — ऑनलाइन या क्लीनिक पर।
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