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Acute Pancreatitis kis ke vajah se hota hai?

Dr. Pradeep Kushwaha, M.D. schedule2 min read Playing…
Acute Pancreatitis kis ke vajah se hota hai?

Acute Pancreatitis (एक्यूट पैन्क्रियाटाइटिस)

 यह बीमारी क्या है?

एक्यूट पैन्क्रियाटाइटिस अग्न्याशय (Pancreas) की अचानक आने वाली तीव्र सूजन है। यह एक आपातकालीन स्थिति है जो अचानक शुरू होती है और सही इलाज से कुछ दिनों में ठीक भी हो सकती है। अग्न्याशय वह ग्रंथि है जो पाचन एंजाइम और इंसुलिन बनाती है। जब यह एंजाइम अग्न्याशय के अंदर ही सक्रिय हो जाते हैं, तो वे उसी ग्रंथि को नुकसान पहुंचाने लगते हैं — यही एक्यूट पैन्क्रियाटाइटिस है।

यह बीमारी कैसे होती है?

सामान्यतः अग्न्याशय के एंजाइम छोटी आंत में जाकर सक्रिय होते हैं। लेकिन जब किसी कारण से ये एंजाइम अग्न्याशय के अंदर ही सक्रिय हो जाते हैं, तो वे अग्न्याशय की अपनी कोशिकाओं को ही पचाने लगते हैं। इससे तीव्र सूजन, दर्द और कभी-कभी अंदरूनी रक्तस्राव भी हो सकता है।


बीमारी के कारण (Causes)

  • पित्त की पथरी (Gallstones) — सबसे सामान्य कारण, पथरी डक्ट को बंद कर देती है
  • अत्यधिक शराब का सेवन — दूसरा सबसे बड़ा कारण
  • उच्च ट्राइग्लिसराइड स्तर — खून में अत्यधिक वसा
  • कुछ दवाओं का दुष्प्रभाव — जैसे स्टेरॉयड या एंटीबायोटिक
  • पेट पर चोट लगना
  • वायरल संक्रमण — जैसे Mumps वायरस
  • ERCP प्रक्रिया के बाद — एक विशेष जांच के दुष्प्रभाव के रूप में
  • अनुवांशिक कारण
  • अज्ञात कारण (Idiopathic)

लक्षण (Symptoms)

  • पेट के ऊपरी हिस्से में अचानक तेज और असहनीय दर्द
  • दर्द जो पीठ की तरफ फैले
  • जी मिचलाना और बार-बार उल्टी होना
  • बुखार आना
  • पेट को छूने पर तेज दर्द होना
  • पेट फूलना और कठोर हो जाना
  • हृदय गति तेज होना
  • कुछ गंभीर मामलों में पीलिया
  • कमजोरी और थकान
  • गंभीर मामलों में Blood Pressure कम हो जाना

 महत्वपूर्ण जानकारी

एक्यूट पैन्क्रियाटाइटिस के अधिकांश मामले (लगभग 80%) हल्के होते हैं और कुछ दिनों में ठीक हो जाते हैं। लेकिन 20% मामले गंभीर हो सकते हैं जिनमें अस्पताल में भर्ती होना जरूरी होता है। अगर बार-बार एक्यूट पैन्क्रियाटाइटिस हो तो यह क्रोनिक पैन्क्रियाटाइटिस में बदल सकती है।

 क्या खाएं

  • बीमारी के शुरुआती दिनों में केवल तरल पदार्थ — पानी, नारियल पानी, हल्का शोरबा
  • दलिया और खिचड़ी — जब डॉक्टर ठोस खाना शुरू करने की अनुमति दें
  • उबली हुई सब्जियां — लौकी, तोरई, पालक
  • मूंग दाल का पानी या हल्की दाल
  • केला और सेब — हल्के और सुपाच्य फल
  • पपीता — पाचन में सहायक
  • कम वसा वाला दही (थोड़ी मात्रा में)
  • दिन में कई बार थोड़ा-थोड़ा खाएं
  • पर्याप्त पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स


क्या न खाएं

  • शराब पूरी तरह बंद करें
  • तला-भुना और अधिक तेल वाला खाना
  • मसालेदार भोजन
  • डेयरी उत्पाद जैसे मक्खन, क्रीम, पनीर
  • रेड मीट और फैटी मीट
  • फास्ट फूड और जंक फूड
  • मीठे पेय और कोल्ड ड्रिंक
  • कैफीन — चाय और कॉफी
  • एक बार में अधिक खाना
  • धूम्रपान बिल्कुल बंद करें

इलाज शुरू करने के लिए तैयार हैं?
डॉ. प्रदीप कुशवाहा से परामर्श बुक करें — ऑनलाइन या क्लीनिक पर।
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