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asthma bimari kya hai? or kaise failti hai?

Dr. Pradeep Kushwaha, M.D. schedule3 min read Playing…
asthma bimari kya hai? or kaise failti hai?

दमा (Asthma)

दमा एक ऐसी बीमारी है जिसके साथ लाखों लोग पूरी ज़िंदगी जीते हैं — और खुशी की बात यह है कि सही उपचार और सावधानी से दमे के मरीज़ भी सामान्य, सक्रिय जीवन जी सकते हैं। दमे को समझना और इसके ट्रिगर को पहचानना ही इसके प्रबंधन की पहली सीढ़ी है।

दमा क्या है?


दमा (Asthma) एक दीर्घकालीन श्वसन रोग है, जिसमें फेफड़ों की वायुनलिकाएँ (Airways) सूज जाती हैं और अत्यधिक संवेदनशील हो जाती हैं। किसी भी बाहरी उत्तेजक (Trigger) के संपर्क में आने पर ये नलिकाएँ अचानक सँकरी हो जाती हैं, जिससे साँस लेने में कठिनाई होती है।

दमा में तीन मुख्य बदलाव होते हैं —
- वायुनलिकाओं में सूजन (Inflammation),
- वायुनलिकाओं का सिकुड़ना (Bronchoconstriction),और अतिरिक्त बलगम का उत्पादन।

इन तीनों कारणों से वायुमार्ग बाधित होता है और दमे का दौरा पड़ता है।

दमा हर उम्र में हो सकता है — बच्चों में यह अधिक आम है, लेकिन वयस्कों में भी पहली बार हो सकता है।

Allergic Asthma सबसे आम प्रकार है, जो एलर्जी के कारण होता है, जबकि Exercise-Induced Asthma व्यायाम के दौरान होता है।

दमे में शरीर में क्या होता है?


जब कोई ट्रिगर (जैसे धूल या ठंडी हवा) वायुनलिकाओं में प्रवेश करता है, तो शरीर की रोग प्रतिरक्षा प्रणाली इसे खतरा मानकर प्रतिक्रिया करती है। वायुनलिकाओं की दीवारों में Mast Cells हिस्टामिन और अन्य रसायन छोड़ती हैं।

इन रसायनों के कारण वायुनलिकाओं की भीतरी परत में सूजन आ जाती है। इसके आसपास की मांसपेशियाँ सिकुड़ जाती हैं, जिससे नलिकाएँ और सँकरी हो जाती हैं। साथ ही अत्यधिक गाढ़ा बलगम बनने लगता है, जो वायुमार्ग को और अवरुद्ध करता है।

इन सबका परिणाम है — साँस लेते समय सीटी जैसी आवाज़, साँस फूलना और सीने में जकड़न। गंभीर दौरे में ऑक्सीजन की कमी हो सकती है, जो जानलेवा बन सकती है।
 

दमे के कारण और ट्रिगर?

एलर्जी:
धूल के कण, पराग तथा पालतू जानवरों के बाल भी एलर्जन हैं।

वायु प्रदूषण और धुआँ:
वाहनों का धुआँ, कारखानों का धुआँ और घर में खाना पकाने का धुआँ दमे को बढ़ा सकते हैं।

ठंडी और शुष्क हवा:
मौसम बदलने पर वायुनलिकाएँ अधिक संवेदनशील हो जाती हैं।

श्वसन संक्रमण:
सर्दी-ज़ुकाम या वायरल संक्रमण दमे का दौरा ट्रिगर कर सकता है।

तनाव और भावनात्मक उत्तेजना:
अत्यधिक हँसना, रोना या मानसिक तनाव भी दौरे को ट्रिगर कर सकता है।

अनुवांशिकता:
यदि परिवार में दमा है, तो इसका खतरा बढ़ जाता है।
 

दमे के लक्षण?


- साँस लेते समय सीटी जैसी आवाज़ (Wheezing) — यह दमे की प्रमुख पहचान है.

- साँस फूलना, विशेषतः रात को या सुबह जल्दी।

- सीने में जकड़न :— जैसे कोई दबाव महसूस होना।

- खाँसी का दौरा :— विशेषतः रात, व्यायाम या ठंड में.

- व्यायाम के दौरान अधिक साँस फूलना।

- नींद में खलल :— खाँसी या साँस की तकलीफ के कारण

गंभीर दौरे में:
बोलने में कठिनाई, होंठ नीले पड़ना यह आपातकालीन स्थिति है।
इलाज शुरू करने के लिए तैयार हैं?
डॉ. प्रदीप कुशवाहा से परामर्श बुक करें — ऑनलाइन या क्लीनिक पर।
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