dengue fever kya hai? or kaise failta hai?
डेंगू बुखार (Dengue Fever)
- डेंगू बुखार पिछले कुछ दशकों में भारत और पूरी दुनिया में तेज़ी से फैली है। हर साल बरसात के मौसम में इसके मामले अचानक बढ़ जाते हैं और लाखों लोग इसकी चपेट में आते हैं। सही जानकारी होने पर इससे बचाव संभव है और समय पर उपचार से पूरी तरह ठीक भी हो सकता है।
डेंगू बुखार क्या है?
डेंगू बुखार एक वायरल संक्रामक बीमारी है जो डेंगू वायरस (DENV) के कारण होती है। यह वायरस चार प्रकार का होता है — DENV-1, DENV-2, DENV-3 और DENV-4। एक बार किसी एक प्रकार से संक्रमित होने के बाद उससे आजीवन प्रतिरोधक क्षमता मिलती है, लेकिन दूसरे प्रकार से दोबारा संक्रमण हो सकता है और दूसरा संक्रमण अधिक खतरनाक हो सकता है।डेंगू मच्छर से मनुष्य में फैलता है और एक इंसान से दूसरे में सीधे नहीं फैलता। यह उष्णकटिबंधीय और उपोष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में अधिक पाया जाता है। भारत में दिल्ली, मुंबई, केरल और अन्य बड़े शहरों में हर साल इसके हज़ारों मामले सामने आते हैं।
डेंगू तीन अवस्थाओं में हो सकता है —
- साधारण डेंगू बुखार,
- डेंगू हेमोरेजिक फीवर (जिसमें रक्तस्राव होता है), और डेंगू शॉक सिंड्रोम, जो सबसे गंभीर और जानलेवा है।
डेंगू शरीर में कैसे फैलता है?
डेंगू वायरस एडीज एजिप्टी (Aedes Aegypti) मच्छर के माध्यम से फैलता है। यह मच्छर दिन के समय काटता है, विशेषतः सुबह और शाम के समय। जब यह मच्छर किसी डेंगू के मरीज़ को काटता है, तो वायरस मच्छर के शरीर में प्रवेश कर जाता है।- संक्रमित मच्छर जब किसी स्वस्थ व्यक्ति को काटता है, तो वायरस उसके रक्त में प्रवेश कर जाता है। वायरस श्वेत रक्त कोशिकाओं (White Blood Cells) में तेज़ी से बढ़ने लगता है। 4 से 10 दिन की ऊष्मायन अवधि (Incubation Period) के बाद लक्षण प्रकट होने लगते हैं।
- गंभीर स्थिति में वायरस प्लेटलेट्स की संख्या को तेज़ी से कम कर देता है। प्लेटलेट्स रक्त को जमाने का काम करते हैं। इनकी कमी से रक्तस्राव की समस्या उत्पन्न होती है, जो जानलेवा बन सकती है।

डेंगू होने के मुख्य कारण और जोखिम?
डेंगू का एकमात्र वाहक एडीज मच्छर है, लेकिन कुछ परिस्थितियाँ इसके फैलाव को बढ़ाती हैं।
- घर के आसपास जमा पानी:
कूलर, गमले, टायर, बाल्टी या किसी भी बर्तन में जमा पानी एडीज मच्छर के पनपने का सबसे बड़ा स्थान है।
- घर के आसपास जमा पानी:
कूलर, गमले, टायर, बाल्टी या किसी भी बर्तन में जमा पानी एडीज मच्छर के पनपने का सबसे बड़ा स्थान है।
- बरसात का मौसम:
जुलाई से नवंबर तक डेंगू के मामले सबसे अधिक आते हैं क्योंकि पानी हर जगह जमा हो जाता है।
- घनी आबादी वाले क्षेत्र:
जुलाई से नवंबर तक डेंगू के मामले सबसे अधिक आते हैं क्योंकि पानी हर जगह जमा हो जाता है।
- घनी आबादी वाले क्षेत्र:
शहरी क्षेत्रों में मच्छर एक से दूसरे व्यक्ति तक आसानी से पहुँच सकता है।
- मच्छरदानी और सुरक्षात्मक कपड़ों का अभाव:
खुले शरीर से सोने या रहने पर मच्छर आसानी से काट सकता है।
-पहले डेंगू हो चुका होना:
जिन्हें पहले एक प्रकार का डेंगू हो चुका है, उन्हें दूसरे प्रकार से गंभीर डेंगू होने का खतरा अधिक होता है।
- मच्छरदानी और सुरक्षात्मक कपड़ों का अभाव:
खुले शरीर से सोने या रहने पर मच्छर आसानी से काट सकता है।
-पहले डेंगू हो चुका होना:
जिन्हें पहले एक प्रकार का डेंगू हो चुका है, उन्हें दूसरे प्रकार से गंभीर डेंगू होने का खतरा अधिक होता है।
डेंगू के लक्षण — कब सावधान हों?
डेंगू के लक्षण संक्रमण के 4 से 10 दिन बाद शुरू होते हैं। इन्हें पहचानना बहुत ज़रूरी है क्योंकि शुरुआती अवस्था में यह साधारण बुखार जैसा लगता है। - अचानक तेज़ बुखार — 102 से 104°F तक, जो 2 से 7 दिन रह सकता है.
- सिर में तेज़ दर्द, विशेषतः माथे पर
- आँखों के पीछे दर्द — आँख हिलाने पर दर्द बढ़ना
- जोड़ों और मांसपेशियों में असहनीय दर्द — इसीलिए इसे “हड्डी तोड़ बुखार” कहा जाता है
- त्वचा पर लाल चकत्ते, जो बुखार आने के 2–5 दिन बाद दिखते हैं
खतरे के संकेत:
पेट में तेज़ दर्द, उल्टी में खून, मसूड़ों से खून, बेचैनी — ये गंभीर डेंगू के संकेत हैं, तुरंत अस्पताल जाएँ।
पेट में तेज़ दर्द, उल्टी में खून, मसूड़ों से खून, बेचैनी — ये गंभीर डेंगू के संकेत हैं, तुरंत अस्पताल जाएँ।
इलाज शुरू करने के लिए तैयार हैं?
डॉ. प्रदीप कुशवाहा से परामर्श बुक करें — ऑनलाइन या क्लीनिक पर।
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