dementia bimari kya hai
डिमेंशिया
- डिमेंशिया (मनोभ्रंश) किसी बीमारी का नाम नहीं है, बल्कि यह लक्षणों के एक समूह को दर्शाता है, जो मस्तिष्क (Brain) की कार्यक्षमता में गिरावट आने के कारण पैदा होते हैं।
- यह गिरावट इतनी गंभीर होती है कि, व्यक्ति की रोज़मर्रा की जिंदगी और उसके कार्यों को करने की क्षमता पर बुरा असर डालती है।
- डिमेंशिया में आमतौर पर याददाश्त, सोचने की क्षमता, और निर्णय लेने की क्षमता, भाषा और व्यवहार प्रभावित होते हैं।
- यह समस्या 65 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों में देखी जाती है. और उम्र के साथ इसका खतरा बढ़ता जाता है।

२) डिमेंशिया बीमारी के कारण क्या है?
डिमेंशिया कई कारणों से हो सकता है, पर यह किसी एक जीवाणु, विषाणु (Virus) या कवक (Fungus) से होने वाला संक्रामक रोग नहीं है।
- यह मस्तिष्क की कोशिकाओं के क्षतिग्रस्त होने या उनके असामान्य रूप से काम करने के कारण होता है।
1. संक्रामक नहीं है. (जीवाणु/विषाणु/कवक):
- डिमेंशिया सीधे तौर पर किसी जीवाणु , विषाणु या कवक के संक्रमण से नहीं होता है।
- कुछ न्यूरोलॉजिकल बीमारियाँ, जैसे कि ::जो असामान्य प्रोटीन के कारण होती है, डिमेंशिया का एक दुर्लभ कारण बन सकती है।
2. जीवनशैली से जुड़ी है:
हाँ, जीवनशैली और पुरानी स्वास्थ्य संबंधी स्थितियाँ डिमेंशिया के जोखिम को बढ़ा सकती हैं।
- मोटापा और उच्च रक्तचाप :: ये स्थितियाँ वास्कुलर डिमेंशिया के जोखिम को बढ़ाती हैं, जो मस्तिष्क में रक्त के प्रवाह को कम होने या स्ट्रोक के कारण से होता है।
- असंतुलित खान-पान :: फल, सब्ज़ियाँ और साबुत अनाज से रहित आहार डिमेंशिया के जोखिम को बढ़ा सकता है।
- शारीरिक निष्क्रियता :: नियमित व्यायाम की कमी मस्तिष्क के स्वास्थ्य को नकारात्मक रूप से प्रभावित करती है।
- मधुमेह :: अनियंत्रित मधुमेह मस्तिष्क की रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचा सकता है।
- धूम्रपान और अत्यधिक शराब का सेवन :: ये आदतें डिमेंशिया सहित कई स्वास्थ्य समस्याओं के जोखिम को बढ़ाती हैं।
3. आनुवंशिक
- कुछ प्रकार के डिमेंशिया, जैसे की, अल्जाइमर रोग, में आनुवंशिक घटक शामिल हो सकते हैं।
- ज्यादातर मामलों में, डिमेंशिया पॉलीजेनिक होता है, जिसका अर्थ है कि, कई जीन और पर्यावरणीय कारक मिलकर इसके विकास में योगदान करते हैं।
- यदि परिवार में किसी करीबी सदस्य को डिमेंशिया हुआ है, तो व्यक्ति का जोखिम थोड़ा बढ़ जाता है, पर इसका मतलब यह नहीं है कि, उन्हें यह होगा ही।

३) डिमेंशिया के लक्षण क्या है?
- डिमेंशिया के लक्षण एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में भिन्न हो सकते हैं, और समय के साथ धीरे-धीरे बिगड़ते जाते हैं।
**मुख्य लक्षण **
- ये वो लक्षण हैं, जिन्हें आसानी से पहचाना जा सकता है और जो दैनिक जीवन को बाधित करते हैं:
- याददाश्त का कम होना :: हाल की घटनाओं या सीखी हुई नई जानकारी को भूल जाना। बार-बार एक ही सवाल को पूछना।
- योजना बनाने या समस्या हल करने में परेशानी :: जटिल कार्यों जैसे की, बिल भरना या खाना बनाना मुश्किल लगना।
- परिचित कार्यों को पूरा करने में कठिनाई :: उन कामों को करने में दिक्कत आना जो की व्यक्ति वर्षों से करता आ रहा है।
- समय या स्थान को लेकर भ्रम :: यह भूल जाना कि वे कहाँ हैं, क्या समय है, या कौन सा महीना/ और साल चल रहा है।
- बात करते समय सही शब्द न मिलना या दूसरों की बात समझने में मुश्किल होना।
- वस्तुओं को असामान्य जगहों पर रखना और फिर उन्हें ढूंढ न पाना।
- निर्णय लेने में कठिनाई :: साधारण निर्णय लेने में भी समस्या आना या गलत निर्णय लेना।
- मूड और व्यक्तित्व में बदलाव :: चिड़चिड़ापन, उदासी, चिंता, या अचानक मूड स्विंग होना।
**गंभीर लक्षण**
- यह लक्षण चेतावनी के संकेत हैं, जिन पर तुरंत डॉ. से सलाह लेनी चाहिए:
- दैनिक जरूरतों का ध्यान न रख पाना :: जैसे खुद नही खा पाना, नहाना या कपड़े पहनना भूल जाना।
- चलने-फिरने में गंभीर समस्या :: चलने में लड़खड़ाहट, बार-बार गिरना या मांसपेशियों में अकड़न होना।
- मूड और व्यवहार में अत्यधिक बदलाव :: गंभीर आक्रामकता, व्यामोह (Paranoia), या मतिभ्रम (Hallucinations) होना।
- निगलने में कठिनाई :: जिससे कुपोषण या निमोनिया का खतरा बढ़ जाता है।
- पूरी तरह से बातचीत करने में असमर्थ होना :: भाषा को समझना या खुद को व्यक्त करना पूरी तरह से बंद कर देना।
इलाज शुरू करने के लिए तैयार हैं?
डॉ. प्रदीप कुशवाहा से परामर्श बुक करें — ऑनलाइन या क्लीनिक पर।
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