CAPTCHA  

Already register click here to Login

Dont have account click here for Register

Thank You
Ok
clinical_notesDisease

homeopathy Treatment for Impetigo | Impetigo treatment for babies

Dr. Pradeep Kushwaha, M.D. schedule3 min read Playing…
homeopathy Treatment for Impetigo | Impetigo treatment for babies

इम्पेटाइगो


इम्पेटाइगो एक अत्यधिक संक्रामक बैक्टीरियल त्वचा संक्रमण है, जो मुख्यतः छोटे बच्चों और नवजात शिशुओं को प्रभावित करता है। यह संक्रमण आमतौर पर चेहरे, खासकर नाक और मुंह के चारों ओर दिखाई देता है, लेकिन यह शरीर के अन्य हिस्सों जैसे हाथ, पैर और गर्दन पर भी फैल सकता है।यह संक्रमण गंभीर नहीं होता, लेकिन यदि समय पर इलाज न हो, तो यह तेजी से फैल सकता है और अन्य बच्चों में भी संक्रमण हो सकता है।

इम्पेटाइगो कैसे होता है?


इम्पेटाइगो का मुख्य कारण बैक्टीरिया होते हैं — Staphylococcus aureus या Streptococcus pyogenes।

 ये बैक्टीरिया तब त्वचा पर हमला करते हैं जब वहां किसी प्रकार की कट, खरोंच, कीड़े का काटा या एक्जिमा जैसी समस्या होती है। बच्चों की त्वचा कोमल होती है और उनमें प्रतिरक्षा प्रणाली पूरी तरह से विकसित नहीं होती, इसलिए वे अधिक संवेदनशील होते हैं।

यह रोग एक संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से, या उसके द्वारा उपयोग की गई वस्तुओं (जैसे तौलिया, खिलौने, कपड़े आदि) के माध्यम से फैल सकता है।


*इम्पेटाइगो के लक्षण?


इम्पेटाइगो के लक्षण शुरुआत में सामान्य से लग सकते हैं, लेकिन यह तेजी से फैलता है। इसके मुख्य लक्षण हैं:

-नाक और मुंह के आसपास लाल चकत्ते (rashes) बनना
 -चकत्तों का फफोले में बदलना जो पानी जैसा तरल छोड़ सकते हैं 
 -खुजली और जलन होना
 -कभी-कभी हल्का बुखार या ग्रंथियों में सूजन होना

 

#प्रकार


नॉन-बुलस इम्पेटाइगो (Non-bullous Impetigo) : यह इम्पेटाइगो का सबसे सामान्य प्रकार है, जो विशेष रूप से बच्चों में अधिक देखने को मिलता है। इसमें त्वचा पर पहले लाल रंग के छोटे दाने या चकत्ते बनते हैं, जो कुछ समय बाद फफोले का रूप ले लेते हैं। ये फफोले जल्दी ही फट जाते हैं और उनकी जगह पीले या सुनहरे रंग की सूखी पपड़ी जम जाती है। यह संक्रमण आमतौर पर खुजली और हल्की जलन के साथ होता है और जल्दी फैल सकता है।

 - बुलस इम्पेटाइगो (Bullous Impetigo): यह आमतौर पर नवजातों में होता है और इसमें बड़े, तरल से भरे फफोले बनते हैं।

 - एक्टिक इम्पेटाइगो (Ecthyma): यह इम्पेटाइगो का एक गहरा और गंभीर प्रकार होता है, जिसमें संक्रमण केवल ऊपरी सतह तक सीमित न रहकर त्वचा की अंदरूनी परतों तक पहुंच जाता है। इस स्थिति में प्रभावित हिस्सों पर घाव जैसे खुले हुए छाले बन सकते हैं, जो दर्द देने वाले होते हैं और ठीक होने में समय लगाते हैं। ये घाव अक्सर पपड़ी के नीचे छिपे होते हैं और ठीक होने के बाद त्वचा पर निशान भी छोड़ सकते हैं।

#इलाज कैसे किया जाता है?


- इम्पेटाइगो का इलाज आसान होता है और यह एंटीबायोटिक दवाओं से ठीक हो जाता है।
 -ओरल एंटीबायोटिक्स: यदि संक्रमण बहुत अधिक हो या शरीर के बड़े हिस्से पर फैल चुका हो तो डॉक्टर मुंह से लेने वाली दवाएं देते हैं।
 - साफ-सफाई: घाव को गुनगुने पानी और साबुन से धीरे-धीरे साफ करना चाहिए और फिर एंटीबायोटिक क्रीम लगानी चाहिए।

 

#बचाव के उपाय?


- संक्रमित बच्चे को स्कूल या डे केयर से कुछ दिनों के लिए दूर रखें।
 - बच्चे के नाखून छोटे और साफ रखें ताकि वह खुजली करके संक्रमण न फैलाए।
 - संक्रमित व्यक्ति की चीजें जैसे तौलिया, चादर, खिलौने आदि किसी और से साझा न करें।
 - नियमित रूप से हाथ धोने की आदत डालें, खासकर घाव को छूने के बाद। 
 - चोट या खरोंच होने पर तुरंत उसे साफ करके एंटीसेप्टिक लगाएं। 

  निष्कर्ष
इम्पेटाइगो संक्रामक त्वचा रोग है, जो ज्यादातर बच्चों में होता है। देखने में ये तो बहुत ही डरावना होता है, पर सही समय पर सही इलाज से थोड़ी सी सावधानी ठीक हो सकता है। 

 - बच्चों की त्वचा की नियमित साफ़ -सफाई करें और कोई भी तरह के लक्षण दिखाई देने पर डॉक्टर से संपर्क करें।
इलाज शुरू करने के लिए तैयार हैं?
डॉ. प्रदीप कुशवाहा से परामर्श बुक करें — ऑनलाइन या क्लीनिक पर।
event_availableBook Appointment

forumComments

अभी तक कोई कमेंट नहीं — पहला आप कीजिए।

अपना कमेंट लिखें
कमेंट जांच के बाद प्रकाशित किया जाएगा।
Brahm homeo Logo
Brahm Homeopathy
Typically replies within an hour
Brahm homeo
Hi there 👋

How can we help you?
NOW
×
Chat with Us