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Hypertension kya hai? or kis karan se hota hai?

Dr. Pradeep Kushwaha, M.D. schedule3 min read Playing…
Hypertension kya hai? or kis karan se hota hai?

उच्च रक्तचाप (Hypertension)

उच्च रक्तचाप को अक्सर “साइलेंट किलर” कहा जाता है — और यह नाम बिल्कुल सही है। इसमें अक्सर कोई लक्षण नज़र नहीं आते, लेकिन अंदर ही अंदर यह हृदय, गुर्दे, मस्तिष्क और आँखों को नुकसान पहुँचाता रहता है। भारत में हर तीसरा वयस्क उच्च रक्तचाप से पीड़ित है।

उच्च रक्तचाप क्या है?

रक्तचाप वह दबाव है जो हृदय द्वारा पंप किया गया रक्त धमनियों की दीवारों पर डालता है। इसे दो संख्याओं में मापा जाता है —

सिस्टोलिक (ऊपर का), जो हृदय के सिकुड़ने पर दबाव दर्शाता है;और डायस्टोलिक (नीचे का), जो हृदय के आराम करने पर दबाव दर्शाता है।

सामान्य रक्तचाप 120/80 mmHg होता है। यदि यह लगातार 130/80 से अधिक रहे, तो इसे उच्च रक्तचाप (Hypertension) कहा जाता है। 140/90 से अधिक को Stage 2 Hypertension माना जाता है, जो अधिक गंभीर स्थिति है।

उच्च रक्तचाप दो प्रकार का होता है —
- प्राथमिक (Primary/Essential), जिसका कोई एक निश्चित कारण नहीं होता और अधिकांश मामले इसी प्रकार के होते हैं;

- द्वितीयक (Secondary), जो किसी अन्य बीमारी जैसे गुर्दे की बीमारी के कारण होता है।

उच्च रक्तचाप शरीर को कैसे असर  करते है?
जब रक्तचाप लंबे समय तक अधिक रहता है, तो धमनियों की दीवारें मोटी और कठोर होने लगती हैं। इससे धमनियाँ सँकरी हो जाती हैं और रक्त का प्रवाह बाधित होता है। हृदय को अधिक मेहनत करनी पड़ती है, जिससे वह धीरे-धीरे कमज़ोर पड़ने लगता है।

- मस्तिष्क में रक्त वाहिनियों पर अधिक दबाव से वे फट सकती हैं, जिससे Brain Hemorrhage (मस्तिष्क में रक्तस्राव) या Stroke हो सकता है। गुर्दों की छोटी रक्त वाहिनियाँ क्षतिग्रस्त होने से किडनी फेलियर हो सकता है। आँखों की रक्त वाहिनियाँ भी प्रभावित होती हैं, जिससे दृष्टि कमज़ोर हो सकती है।

यह पूरी प्रक्रिया बिना किसी दर्द या स्पष्ट लक्षण के चलती रहती है — इसीलिए इसे “साइलेंट किलर” कहा जाता है।
 

उच्च रक्तचाप के कारण?

उच्च रक्तचाप के लिए कई कारक जिम्मेदार होते हैं।

अधिक नमक का सेवन:
नमक में सोडियम होता है, जो शरीर में पानी को बनाए रखता है और रक्तचाप बढ़ाता है।

मोटापा:
अधिक वजन में हृदय को अधिक काम करना पड़ता है, जिससे रक्तचाप बढ़ जाता है।

तनाव:
लंबे समय का मानसिक तनाव एड्रेनालिन जैसे हार्मोन बढ़ाता है, जो रक्तचाप को बढ़ाते हैं।

धूम्रपान:
निकोटीन रक्त वाहिनियों को सँकरा करता है और रक्तचाप बढ़ाता है।

शारीरिक गतिविधि की कमी:
व्यायाम न करने से हृदय और रक्त वाहिनियाँ कमज़ोर हो जाती हैं।

अनुवांशिकता:
यदि परिवार में उच्च रक्तचाप का इतिहास है, तो इसका खतरा बढ़ जाता है।
 

उच्च रक्तचाप के लक्षण?

अधिकांश मामलों में उच्च रक्तचाप के कोई स्पष्ट लक्षण नहीं होते। इसीलिए नियमित रूप से रक्तचाप मापना बहुत ज़रूरी है। हालाँकि कुछ लोगों में निम्नलिखित लक्षण दिखाई दे सकते हैं।

- सिरदर्द, विशेषतः सुबह उठने पर सिर के पिछले हिस्से में

- चक्कर आना और संतुलन बिगड़ना

- आँखों में धुंधलापन या दृष्टि में बदलाव

- हल्के काम में भी साँस फूलना

- सीने में भारीपन या दर्द — यह गंभीर स्थिति का संकेत हो सकता है

-कानों में आवाज़ आना (Tinnitus)
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