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Peripheral Vascular Disease ka homeopathic me ilaj

Dr. Pradeep Kushwaha, M.D. schedule3 min read Playing…
Peripheral Vascular Disease ka homeopathic me ilaj

परिधीय संवहनी रोग क्या है?


Peripheral Vascular Disease, जिसे हिंदी में परिधीय संवहनी रोग कहा जाता है, एक ऐसी बीमारी है जिसमें हृदय और मस्तिष्क के अलावा शरीर की अन्य रक्त वाहिकाओं (धमनियों और शिराओं) में रक्त प्रवाह बाधित हो जाता है। यह समस्या अधिकतर पैरों की धमनियों को प्रभावित करती है, लेकिन हाथों, पेट और किडनी की रक्त नलिकाओं में भी हो सकती है।

इस बीमारी में रक्त वाहिकाएं संकरी या अवरुद्ध हो जाती हैं, जिससे शरीर के अंगों तक पर्याप्त ऑक्सीजन और पोषक तत्व नहीं पहुंच पाते। यदि समय पर इलाज न हो, तो यह गंभीर जटिलताओं जैसे घाव न भरना, संक्रमण और अंगों को नुकसान पहुंचा सकती है।

परिधीय संवहनी रोग कैसे होता है?


PVD मुख्य रूप से तब होता है जब धमनियों की भीतरी दीवारों पर वसा, कोलेस्ट्रॉल और अन्य पदार्थ जमा होकर प्लाक (Plaque) बना लेते हैं। इस प्रक्रिया को एथेरोस्क्लेरोसिस (Atherosclerosis) कहा जाता है।

 प्लाक जमा होने से: 

• धमनियां संकरी हो जाती हैं 

 • अंगों को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिलती

 जब चलने या काम करने के दौरान मांसपेशियों को अधिक ऑक्सीजन की जरूरत होती है, तो रक्त की कमी के कारण दर्द होने लगता है।

  परिधीय संवहनी रोग के प्रकार?
PVD को मुख्य रूप से दो भागों में बांटा जा सकता है:

 1. परिधीय धमनी रोग
 यह सबसे आम प्रकार है और इसमें धमनियां प्रभावित होती हैं।

 2. परिधीय शिरा रोग
इसमें शिराओं में समस्या होती है, जैसे वैरिकोज़ वेन्स।

 

परिधीय संवहनी रोग होने के कारण?


इस बीमारी के कई कारण हो सकते हैं, जिनमें प्रमुख हैं:

 1. धूम्रपान
धूम्रपान PVD का सबसे बड़ा कारण माना जाता है, क्योंकि यह धमनियों को नुकसान पहुंचाता है। 

 2. मधुमेह
 ब्लड शुगर अधिक रहने से रक्त वाहिकाएं कमजोर हो जाती हैं।

 3. उच्च रक्तचाप
 लगातार उच्च दबाव से धमनियों की दीवारें क्षतिग्रस्त होती हैं।

 4. उच्च कोलेस्ट्रॉल
 खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL) प्लाक बनने में मदद करता है।

 5. मोटापा
अधिक वजन होने से हृदय और रक्त वाहिकाओं पर दबाव बढ़ता है।

 6. शारीरिक गतिविधि की कमी
निष्क्रिय जीवनशैली रक्त प्रवाह को प्रभावित करती है।

 7. बढ़ती उम्र
उम्र के साथ धमनियों की लचीलापन कम हो जाता है।

 8. पारिवारिक इतिहास
यदि परिवार में किसी को हृदय या रक्त वाहिका रोग रहा हो, तो जोखिम बढ़ जाता है।


परिधीय संवहनी रोग के लक्षण?


PVD के लक्षण धीरे-धीरे विकसित होते हैं और शुरुआत में हल्के हो सकते हैं। प्रमुख लक्षण इस प्रकार हैं:

 • आराम करने पर दर्द का कम हो जाना

 • पैरों में सुन्नता

 • पैरों में ठंडापन महसूस होना

 • त्वचा का रंग बदलना (पीला या नीला)

 • पैरों के बाल झड़ना

 • नाखूनों का मोटा होना

 • घाव का देर से भरना

 #गंभीर स्थिति में:

• आराम की अवस्था में भी दर्द

 • पैर में घाव या अल्सर

 • संक्रमण या गैंग्रीन

 • चलने में अत्यधिक कठिनाई

परिधीय संवहनी रोग की जांच?


PVD की पहचान के लिए निम्न जांच की जाती है:

 • एंकल-ब्रेकियल इंडेक्स (ABI)

 • डॉप्लर अल्ट्रासाउंड

 • CT एंजियोग्राफी या MR एंजियोग्राफी

 • ब्लड टेस्ट

 निष्कर्ष

 Peripheral Vascular Disease एक गंभीर लेकिन रोकथाम योग्य और नियंत्रित की जा सकने वाली बीमारी है। समय पर पहचान, सही इलाज और स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर इस बीमारी के दुष्परिणामों से बचा जा सकता है। पैरों में दर्द, सुन्नता या घाव जैसे लक्षणों को नजरअंदाज न करें और तुरंत डॉक्टर से परामर्श लें।
इलाज शुरू करने के लिए तैयार हैं?
डॉ. प्रदीप कुशवाहा से परामर्श बुक करें — ऑनलाइन या क्लीनिक पर।
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