psoriasis kaise hota hai or kyu failta hai?
सोरायसिस क्या है?
सोरायसिस एक दीर्घकालिक (Chronic) त्वचा रोग है, जो मुख्य रूप से शरीर की त्वचा को प्रभावित करता है। यह कोई संक्रामक बीमारी नहीं है, यानी यह छूने, साथ रहने या कपड़े साझा करने से नहीं फैलती। इस रोग में त्वचा की कोशिकाएँ सामान्य से बहुत तेज़ी से बनने लगती हैं, जिससे त्वचा पर लाल, सूखे और मोटे चकत्ते बन जाते हैं जिन पर सफेद या चांदी जैसी पपड़ी जम जाती है।
सोरायसिस केवल त्वचा तक सीमित नहीं रहता, बल्कि कुछ मामलों में यह नाखूनों, सिर की त्वचा (स्कैल्प) और यहाँ तक कि जोड़ों (Psoriatic Arthritis) को भी प्रभावित कर सकता है। यह बीमारी किसी भी उम्र में हो सकती है, लेकिन अधिकतर यह युवावस्था या मध्यम आयु में दिखाई देती है।
सोरायसिस कैसे होता है?
सोरायसिस मुख्य रूप से इम्यून सिस्टम (प्रतिरक्षा तंत्र) की गड़बड़ी के कारण होता है। सामान्य अवस्था में त्वचा की नई कोशिकाएँ बनने में लगभग 28–30 दिन का समय लेती हैं। लेकिन सोरायसिस में यह प्रक्रिया केवल 3–5 दिनों में पूरी हो जाती है।
जब नई कोशिकाएँ इतनी तेज़ी से बनती हैं, तो पुरानी कोशिकाओं को झड़ने का समय नहीं मिल पाता। परिणामस्वरूप ये कोशिकाएँ त्वचा की सतह पर जमा होने लगती हैं और मोटी, पपड़ीदार त्वचा का रूप ले लेती हैं।
इस पूरी प्रक्रिया में शरीर का इम्यून सिस्टम गलती से स्वस्थ त्वचा कोशिकाओं पर हमला करने लगता है, जिससे सूजन और लालिमा बढ़ जाती है।

सोरायसिस होने के कारण?
सोरायसिस का कोई एक निश्चित कारण नहीं है, लेकिन कुछ मुख्य कारण और जोखिम कारक माने जाते हैं:
1. आनुवंशिक कारण
यदि परिवार में किसी को सोरायसिस है, तो अगली पीढ़ी में इसके होने की संभावना बढ़ जाती है। हालांकि, यह जरूरी नहीं कि हर मामले में यह विरासत में ही मिले।
यदि परिवार में किसी को सोरायसिस है, तो अगली पीढ़ी में इसके होने की संभावना बढ़ जाती है। हालांकि, यह जरूरी नहीं कि हर मामले में यह विरासत में ही मिले।
2. इम्यून सिस्टम की गड़बड़ी
यह एक ऑटोइम्यून रोग है, जिसमें शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली त्वचा की स्वस्थ कोशिकाओं को नुकसान पहुँचाने लगती है।
यह एक ऑटोइम्यून रोग है, जिसमें शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली त्वचा की स्वस्थ कोशिकाओं को नुकसान पहुँचाने लगती है।
3. तनाव
अधिक मानसिक तनाव सोरायसिस को शुरू कर सकता है या पहले से मौजूद बीमारी को और गंभीर बना सकता है।
4. संक्रमण
गले का संक्रमण (Strep Throat) या अन्य बैक्टीरियल/वायरल संक्रमण सोरायसिस को ट्रिगर कर सकते हैं, खासकर बच्चों और युवाओं में।
गले का संक्रमण (Strep Throat) या अन्य बैक्टीरियल/वायरल संक्रमण सोरायसिस को ट्रिगर कर सकते हैं, खासकर बच्चों और युवाओं में।
5. त्वचा पर चोट
कट लगना, जलना, खरोंच या सर्जरी के निशान पर सोरायसिस के चकत्ते उभर सकते हैं, जिसे Koebner Phenomenon कहा जाता है।
कट लगना, जलना, खरोंच या सर्जरी के निशान पर सोरायसिस के चकत्ते उभर सकते हैं, जिसे Koebner Phenomenon कहा जाता है।
6. कुछ दवाइयाँ
कुछ दवाइयाँ जैसे—बीटा ब्लॉकर्स, लिथियम, या मलेरिया की दवाइयाँ—सोरायसिस को बढ़ा सकती हैं।
7. जीवनशैली से जुड़े कारण
कुछ दवाइयाँ जैसे—बीटा ब्लॉकर्स, लिथियम, या मलेरिया की दवाइयाँ—सोरायसिस को बढ़ा सकती हैं।
7. जीवनशैली से जुड़े कारण
• धूम्रपान
• अधिक शराब का सेवन
• मोटापा
ये सभी सोरायसिस के जोखिम को बढ़ा सकते हैं।

सोरायसिस के लक्षण व्यक्ति-व्यक्ति में अलग हो सकते हैं। इसके सामान्य लक्षण निम्नलिखित हैं:
• अधिक शराब का सेवन
• मोटापा
ये सभी सोरायसिस के जोखिम को बढ़ा सकते हैं।

सोरायसिस के लक्षण?
सोरायसिस के लक्षण व्यक्ति-व्यक्ति में अलग हो सकते हैं। इसके सामान्य लक्षण निम्नलिखित हैं:
1. त्वचा पर लाल चकत्ते
त्वचा पर लाल रंग के उभरे हुए पैच दिखाई देते हैं, जिन पर सफेद या चांदी जैसी पपड़ी होती है।
त्वचा पर लाल रंग के उभरे हुए पैच दिखाई देते हैं, जिन पर सफेद या चांदी जैसी पपड़ी होती है।
2. खुजली और जलन
प्रभावित जगह पर तेज़ खुजली, जलन या दर्द हो सकता है।
3. त्वचा का सूखना और फटना
त्वचा बहुत ज़्यादा सूखी हो जाती है और कभी-कभी उसमें से खून भी निकल सकता है।
त्वचा बहुत ज़्यादा सूखी हो जाती है और कभी-कभी उसमें से खून भी निकल सकता है।
4. स्कैल्प सोरायसिस
सिर की त्वचा पर रूसी जैसी मोटी पपड़ी जम जाती है, जो कंधों तक गिर सकती है।
5. नाखूनों में बदलाव
• नाखूनों पर गड्ढे पड़ना
• नाखूनों का मोटा या पीला होना
• नाखून का त्वचा से अलग होना
इलाज शुरू करने के लिए तैयार हैं?
डॉ. प्रदीप कुशवाहा से परामर्श बुक करें — ऑनलाइन या क्लीनिक पर।
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