CAPTCHA  

Already register click here to Login

Dont have account click here for Register

Thank You
Ok
clinical_notesDisease

Sinusitis bimari

Dr. Pradeep Kushwaha, M.D. schedule4 min read Playing…
Sinusitis bimari
साइनुसाइटिस (Sinusitis), जिसे आमतौर पर 'साइनस' की समस्या भी कहा जाता है, एक बहुत ही सामान्य लेकिन तकलीफदेह स्थिति है। यह हमारे श्वसन तंत्र से जुड़ी बीमारी है जो दुनिया भर में लाखों लोगों को प्रभावित करती है।

साइनुसाइटिस (Sinusitis) क्या है?
हमारे चेहरे की हड्डियों के पीछे और नाक के आसपास हवा से भरे कुछ खाली स्थान होते हैं, जिन्हें 'साइनस' (Sinus) कहा जाता है। इनका मुख्य काम नाक के जरिए अंदर आने वाली हवा को फिल्टर करना, सिर को हल्का रखना और आवाज को गूँज (Resonance) प्रदान करना होता है।


जब इन साइनस के छिद्रों में सूजन आ जाती है या इनमें बलगम (Mucus) भर जाता है, तो उस स्थिति को साइनुसाइटिस कहते हैं। इस सूजन के कारण नाक बंद हो जाती है, चेहरे पर भारीपन महसूस होता है। और सांस लेने में दिक्कत आती है।

साइनुसाइटिस के प्रकार:


१. एक्यूट (Acute) :: यह अचानक होता है और आमतौर पर 2 से 4 सप्ताह तक रहता है।

२. सब-एक्यूट (Sub-acute) :: यह 4 से 12 सप्ताह तक बना रहता है।

३. क्रोनिक (Chronic) :: यदि लक्षण 12 सप्ताह से अधिक समय तक रहें, तो इसे क्रोनिक साइनुसाइटिस कहते हैं।

४. रिकरेंट (Recurrent): यह साल में कई बार बार-बार होता है।

Follow The Brahm Homeopathy Health Channel On WhatsApp:


साइनुसाइटिस कैसे होता है? 


स्वस्थ साइनस में हवा का संचार होता रहता है और बलगम आसानी से नाक के रास्ते बाहर निकल जाता है। लेकिन जब किसी कारणवश (जैसे सर्दी-जुकाम) साइनस के रास्ते में रुकावट आ जाती है, तो वहां तरल पदार्थ (Fluid) जमा होने लगता है।

जमा हुआ यह तरल कीटाणुओं (Germs) के पनपने के लिए एक आदर्श जगह बन जाता है। जैसे-जैसे संक्रमण बढ़ता है, साइनस की झिल्ली (Membrane) में सूजन आ जाती है.



साइनुसाइटिस के मुख्य कारण (Causes)?
साइनुसाइटिस होने के कई कारण हो सकते हैं, जिनमें से मुख्य निम्नलिखित हैं:

• वायरल इन्फेक्शन :: सामान्य सर्दी-जुकाम (Common Cold) साइनुसाइटिस का सबसे बड़ा कारण है।

• एलर्जी :: धूल, मिट्टी, परागकण (Pollen), या पालतू जानवरों के बालों से होने वाली एलर्जी नाक के मार्ग को अवरुद्ध कर देती है।

• बैक्टीरियल और फंगल इन्फेक्शन :: यदि वायरल जुकाम लंबे समय तक ठीक न हो, तो वहां बैक्टीरिया पनप सकते हैं। कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों में फंगल इन्फेक्शन भी देखा जाता है।

• नेजल पॉलिप्स (Nasal Polyps) :: नाक के अंदर ऊतकों की असामान्य वृद्धि (गांठ जैसा) होने से साइनस के रास्ते बंद हो सकते हैं।

• टेढ़ी नाक की हड्डी (Deviated Nasal Septum) :: यदि नाक के बीच की हड्डी एक तरफ झुकी हुई हो, तो वह साइनस के रास्ते को रोक सकती है।

• प्रदूषण :: धुआं, सिगरेट का धुआं और रासायनिक गंध भी साइनस में जलन पैदा कर सकते हैं।

 

साइनुसाइटिस के लक्षण (Symptoms)?

साइनुसाइटिस के लक्षण व्यक्ति की स्थिति और बीमारी की गंभीरता के आधार पर अलग-अलग हो सकते हैं:

1. चेहरे पर दर्द और दबाव :: माथे, आंखों के बीच, गालों और नाक के आसपास भारीपन और दर्द महसूस होना। झुकने पर यह दर्द बढ़ सकता है।

2 . नाक बंद होना (Nasal Congestion) :: नाक पूरी तरह से जाम महसूस होती है, जिससे सांस लेने में कठिनाई होती है।

3 . नाक से गाढ़ा स्राव :: नाक से पीले या हरे रंग का गाढ़ा बलगम निकलना।

4 . सिरदर्द :: साइनस में दबाव बढ़ने के कारण लगातार सिर के अगले हिस्से में दर्द रहना।

5 . गंध और स्वाद में कमी :: सूंघने की शक्ति कम हो जाती है और भोजन का स्वाद भी ठीक से नहीं मिलता।

6 . गले में खराश और खांसी :: बलगम के गले के पीछे गिरने (Post-nasal drip) के कारण खांसी और गले में चुभन महसूस होना।

7 . बुखार और थकान :: संक्रमण के कारण शरीर में हल्का बुखार और बहुत ज्यादा कमजोरी महसूस हो सकती है।

8 . दांतों में दर्द :: कभी-कभी ऊपरी जबड़े और दांतों में भी दर्द महसूस होता है।

 

Follow The Brahm Homeopathy Health Channel On WhatsApp:

उपचार और बचाव के उपाय?


साइनुसाइटिस को नियंत्रित करने के लिए कुछ घरेलू और चिकित्सकीय उपाय अपनाए जा सकते हैं:

• भाप लेना (Steam Inhalation):: यह बंद नाक खोलने का सबसे प्रभावी तरीका है।

• खूब पानी पिएं:: तरल पदार्थों के सेवन से बलगम पतला होता है और आसानी से बाहर निकल जाता है।

• नाक की सफाई (Saline Rinse):: नमक के पानी से नाक को साफ करने से संक्रमण कम होता है।

• गर्म सिकाई:: चेहरे के दर्द वाले हिस्सों पर गर्म तौलिये से सिकाई करने से आराम मिलता है।

• एलर्जी से बचें:: धूल और धुएं वाले स्थानों से दूर रहें और मास्क का प्रयोग करें।

महत्वपूर्ण नोट: यदि लक्षण 10 दिनों से अधिक समय तक बने रहें या सांस लेने में बहुत ज्यादा तकलीफ हो, तो तुरंत विशेषज्ञ से परामर्श करना चाहिए। डॉक्टर एंटीबायोटिक्स या नेजल स्प्रे की सलाह दे सकते हैं।

इलाज शुरू करने के लिए तैयार हैं?
डॉ. प्रदीप कुशवाहा से परामर्श बुक करें — ऑनलाइन या क्लीनिक पर।
event_availableBook Appointment

forumComments

अभी तक कोई कमेंट नहीं — पहला आप कीजिए।

अपना कमेंट लिखें
कमेंट जांच के बाद प्रकाशित किया जाएगा।
Brahm homeo Logo
Brahm Homeopathy
Typically replies within an hour
Brahm homeo
Hi there 👋

How can we help you?
NOW
×
Chat with Us