urinary bladder tumor kya hai
१) मूत्राशय का कैंसर क्या है?
शरीर का वह भाग है जहाँ पेशाब अस्थायी रूप से संग्रहित होता है. और फिर बाद में मूत्रमार्ग के माध्यम से बाहर निकलता है।
- जब मूत्राशय की परत की कोशिका असामान्य रूप से बढ़ने लग जाती हैं ,और कैंसर का रूप ले लेती हैं, तो इस स्थिति को मूत्राशय का कैंसर कहा जाता है।
- यह पुरुषों में सबसे से ज्यादा पाया जाता है। यदि शुरुआती चरण में ही इसकी पहचान की जाये तो, उपचार भी सफल रहता है। और दर्दी भी पूरी तरह से स्वस्थ जीवन जी सकता है।
२) मूत्राशय कैंसर के कितने प्रकार है?
मूत्राशय कैंसर कई तरह का होता है, जो की, कोशिका के आधार पर बांटा जाता है।
- ट्रांजिशनल सेल कार्सिनोमा सबसे नार्मल प्रकार का है। जो की ब्लैडर की अंदरूनी पर्त की कोशिका से उत्पन्न होता है।
- स्क्वैमस सेल कार्सिनोमा यह ज्यादा लम्बे समय तक मूत्राशय में संक्रमण या जलन होंने के कारण से होता है। धीरे-धीरे से इसकी सामान्य कोशिका भी कैंसर में बदल जाती है.
- एडेनोकार्सिनोमा
यह बहुत ही दुर्लभ तरह का होता है। यह कैंसर उन ग्रंथियों से होता है, जो की सामान्य म्यूकस से बनाने का काम करती हैं।

३) मूत्राशय कैंसर के कारण और जोखिम कारक?
मूत्राशय कैंसर का अभी तक तो, सही तरह से कारण अभी पूरी तरह से पता नहीं है, पर कुछ प्रमुख कारक विकास में भूमिका निभाते हैं:
- धूम्रपान सबसे बड़ा कारण माना गया है। जो की तंबाकू में रहने वाले हानिकारक रसायन खून में मिलकर मूत्राशय तक जाते हैं और कोशिका को हानि करते है।
- कुछ हानिकारक रसायनों के संपर्क में आने से भी यह हो सकता है। जैसे की , पेंट करते समय , टेक्सटाइल और केमिकल इंडस्ट्री में काम करने वाले लोगों में इसका जोखिम सबसे ज्यादा होता है.
- यह कैंसर ५० वर्ष से भी ज्यादा आयु के लोगों में पाया जाता है।जब की पुरुषों में इसका खतरा अधिक है।

३) मूत्राशय कैंसर के क्या लक्षण होते है ?
शुरुआती दिनों में तो , हल्के लक्षण हो सकते हैं, पर जैसे-जैसे बीमारी बढ़ती है, तब वो लक्षण स्पष्ट हो जाते हैं। प्रमुख लक्षण इस प्रकार हैं:
-पेशाब में से खून का आ जाना
- बार-बार पेशाब करने की प्रॉब्लम ।
-पेशाब करते समय बहुत ही ज्यादा जलन या दर्द का होना।
- अचानक से पेशाब की तीव्र इच्छा का होना। अगर ऐसे लक्षण लंबे समय तक बने रहें, तो तुरंत ही डॉ. से परामर्श करना जरूरी है।
४) मूत्राशय कैंसर का क्या निदान है?
मूत्राशय कैंसर का पता करने के लिए कई तरह की डॉक्टर. जांचें करते है.
मूत्र परीक्षण के माध्यम से रहे हुए मौजूद खून, संक्रमण कोशिका का पता लगाया जा सके।
- सिस्टोस्कोपी के जरिये से मूत्राशय के अंदर देखा जाता है।
- मूत्राशय की पर्त से ऊतक लेकर जांच की जाती है।
- अल्ट्रासाउंड, एक्स-रे का उपयोग करके मूत्राशय और उसके आसपास के अंगों की स्थिति की जानकारी प्राप्त करने के लिए किया जाता है।
५) मूत्राशय कैंसर का क्या उपचार है?
मूत्राशय कैंसर का उपचार कई प्रकार से किया जा सकता है। यह कैंसर के स्टेज और मरीज की स्थिति के ऊपर निर्भर करता है।
-प्रक्रिया शुरुआती स्टेज में ट्यूमर को बाहर निकालने के लिए प्रक्रिया होती है, जिसे (TURBT) भी कहा जाता है।
- कीमोथेरपी कैंसर की कोशिका को खत्म करने के लिए दवाएँ दी जाती हैं। कभी-कभी तो प्रक्रिया के पहले या बाद में दी जाती है।
- रेडिएशन थैरेपी तेज़ ऊर्जा वाले किरणों से कैंसर की कोशिकाओं को खतम किया जाता है।
- इम्यूनोथैरेपी यह तो शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को एक्टिव करके कैंसर से लड़ने में मदद करते है।
मूत्राशय कैंसर को पूरी तरह से रोका नहीं जा सकता है , पर जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है: जैसे की,
- धूम्रपान और तंबाकू के उत्पादों से दूर रहें।
- अधिक मात्रा में पानी पिएँ, ताकि हानिकारक पदार्थ मूत्र के जरिये से बाहर निकल जाएँ।
- रसायनों के संपर्क से बचें।
- नियमित स्वास्थ्य की जांच कराते रहें, अगर पारिवारिक इतिहास है, तो,
#इसके रोकथाम क्या है?
मूत्राशय कैंसर को पूरी तरह से रोका नहीं जा सकता है , पर जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है: जैसे की,
- धूम्रपान और तंबाकू के उत्पादों से दूर रहें।
- अधिक मात्रा में पानी पिएँ, ताकि हानिकारक पदार्थ मूत्र के जरिये से बाहर निकल जाएँ।
- रसायनों के संपर्क से बचें।
- नियमित स्वास्थ्य की जांच कराते रहें, अगर पारिवारिक इतिहास है, तो,
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