acute necrotizing pancreatic

१) एक्यूट नेक्रोटाइजिंग पैंक्रियास क्या है?
यह गंभीर प्रकार की अग्नाशय की सूजन है, जिसमें Pancreas का कुछ भाग सूजने या संक्रमित होने के साथ-साथ में ही मरने लग जाते है।
- नार्मल पैंक्रियास में मात्र सूजन ही होती है, पर इस प्रकार में ऊतक नष्ट होना एक गंभीर हो सकता है।
- यह बीमारी सही समय पर सही इलाज न हो तो जानलेवा जटिलताएं भी बन सकती है।

२) एक्यूट नेक्रोटाइजिंग पैंक्रियास होने क्या कारण है?
ANP के कई कारण हो सकते हैं, जो की प्रकार से हो सकता है , जैसे की
- पित्त की पथरी : – पित्त की नली में रुकावट से पैंक्रियास में एंजाइम जमा होने लग जाते हैं।
- बहुत ही ज्यादा शराब का सेवन लंबे समय तक पीना ये बहुत बडा कारण है।
- उच्च चर्बी का स्तर : खून में वसा की मात्र ज्यादा Pancreas को नुकसान पहुंचा सकती है।
- कुछ दवाओं का साइड इफेक्ट से भी पैंक्रियास हो सकता है।

३) एक्यूट नेक्रोटाइजिंग पैंक्रियास होने के लक्षण क्या हो सकते है?
ANP के लक्षण निचे बताये अनुसार हो सकते है, जैसे की,
- ऊपरी पेट में तेज़ दर्द का होना जो की पीठ तक फैल सकता है।
- बार-बार उल्टी या मितली
- पेट का फूल जाना
- तेज़ ह्रदय की धड़कन
- कुछ मामलों में तो सांस लेने में बहुत ही परेशानी
४) ANP संभव है?
हाँ, अगर सही समय में सही इलाज किया जाये तो ये बीमारी पूरी तरह संभव है, पर यह बात पर निर्भर करता है:
- अगर Pancreas का कम भाग ही असर हुआ है, तो रिकवरी जल्दी होती है।
- अगर बिना संक्रमण वाले केस का इलाज सरल है।
- जितनी जल्दी इलाज शुरू होगा, उतनी ही अच्छी रिकवरी की संभावना अच्छी होगी।
1. हॉस्पिटल में भर्ती
ज्यादातर केस में पेटेंट को ICU या निगरानी वार्ड में रखा जाता है.
2. शरीर से काफी तरल निकल जाता है, इस लिए IV fluids के द्वारा पूरा किया जाता है।
3. तेज़ दर्द को कण्ट्रोल करने के लिए पेनकिलर्स भी दिया जा सकता है.
4. अधिक केस में खाना मुँह से नहीं देते है, बल्कि नाक के माध्यम से ट्यूब या IV से दिया जाता है,
5.अगर Necrotic area में संक्रमण है ,तो प्रक्रिया/ड्रेनेज की ज़रूरत है।
- शराब को पूरी तरह से छोड़ना बहुत ही ज़रूरी है।
- लो-फैट डाइट :– ज्यादा मसालेदार और तना हुआ भोजन से दुरी रखना।
- अगर बिना संक्रमण वाले केस का इलाज सरल है।
- जितनी जल्दी इलाज शुरू होगा, उतनी ही अच्छी रिकवरी की संभावना अच्छी होगी।
५ ) ANP का इलाज ?
1. हॉस्पिटल में भर्ती
ज्यादातर केस में पेटेंट को ICU या निगरानी वार्ड में रखा जाता है.
2. शरीर से काफी तरल निकल जाता है, इस लिए IV fluids के द्वारा पूरा किया जाता है।
3. तेज़ दर्द को कण्ट्रोल करने के लिए पेनकिलर्स भी दिया जा सकता है.
4. अधिक केस में खाना मुँह से नहीं देते है, बल्कि नाक के माध्यम से ट्यूब या IV से दिया जाता है,
5.अगर Necrotic area में संक्रमण है ,तो प्रक्रिया/ड्रेनेज की ज़रूरत है।
#रिकवरी के बाद सावधानियां?
- शराब को पूरी तरह से छोड़ना बहुत ही ज़रूरी है।
- लो-फैट डाइट :– ज्यादा मसालेदार और तना हुआ भोजन से दुरी रखना।
- वजन को कंटोल में रखें और नियमित कसरत करें।
- समय-समय पर खून और अल्ट्रासाउंड की जांच डॉक्टर के माध्यम, से करवाएं।
- समय-समय पर खून और अल्ट्रासाउंड की जांच डॉक्टर के माध्यम, से करवाएं।
इलाज शुरू करने के लिए तैयार हैं?
डॉ. प्रदीप कुशवाहा से परामर्श बुक करें — ऑनलाइन या क्लीनिक पर।
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