bawasir ka homeopathy me ilaaj
बवासीर का इलाज : कारण , लक्षण और प्रभावी उपाय
बवासीर, जिसे हम अंग्रेज़ी में piles भी कहते है, यह एक आम पर बहुत ही कष्टदायक बीमारी है, जो की गुदा और मलाशय की नसों में सूजन बनने के कारण होती है।
- यह स्थितिमें बहुत ही दर्द, खून बहना और असहजता का कारण बन सकती है।
- सही बात यह है कि, अब इसका इलाज घरेलू उपायों से लेकर मेडिकल और सर्जिकल तक भी संभव है।
#आइए जानते हैं की बवासीर के इलाज, कारण, लक्षण और रोकथाम के उपायों के बारे में विस्तार से।
#बवासीर के कितने प्रकार है?
बवासीर के ३ प्रकार है ,
- आंतरिक बवासीर : मलाशय के अंदर होती है और आमतौर पर दर्द रहित होती है, लेकिन इससे खून आ सकता है।
- बाहरी बवासीर : यह गुदा के बाहरी भाग में होती है और इनमें दर्द, सूजन जलन अधिक होती है।
- थ्रॉम्बोस्ड बवासीर : बवासीर की नसों में खून का थक्का जम जाता है, तब ज्यादा दर्द होता है।

#बवासीर के प्रमुख कारण कौन -कौन से है?
बवासीर के प्रमुख कारण निचे बताये अनुसार हो सकते है, जैसे की ,
- लगातार कब्ज का बने रहना
- अधिक मसालेदार और तली हुई चीजें को खाना
- शौच करते समय ज़ोर लगाना
- लंबे समय तक बैठे रहना
- वंशानुगत का कारण

बवासीर होने के लक्षण निचे अनुसार है, जो की इस प्रकार से है
- मल करते समय खून का आना
- गुदा के पास गांठ
- तेज़ खुजली और जलन
- बैठने या चलने में असहजता
- भारीपन का अहसास होना
- वंशानुगत का कारण

#बवासीर होने के लक्षण?
बवासीर होने के लक्षण निचे अनुसार है, जो की इस प्रकार से है
- मल करते समय खून का आना
- गुदा के पास गांठ
- तेज़ खुजली और जलन
- बैठने या चलने में असहजता
- भारीपन का अहसास होना
#बवासीर का इलाज#
1. घरेलू उपाय
1.1. फाइबर वाले आहार लेना बहुत ही करना अच्छा माना जाता है।
1.2. गरम पानी का Sitz Bath – गुन गुने पानी में बैठने पर गुदा क्षेत्र में आराम मिलता है
– हर दिन में 5 बार 10 के मिनट के लिए ही करना चाहिए.
1.3. नारियल तेल या एलोवेरा जैल का इस्तेमाल
– ये प्राकृतिक रूप से सूजन और जलन को कम करने में सहायक हैं।
2. एलोपैथिक इलाज
- क्रीम्स और ओइंटमेंट्स : हाइड्रोकॉर्टिसोन युक्त क्रीम, विच हेज़ल आदि का उपयोग किया जाता है।
- क्रीम्स और ओइंटमेंट्स : हाइड्रोकॉर्टिसोन युक्त क्रीम, विच हेज़ल आदि का उपयोग किया जाता है।
- दर्द निवारक दवाएं : पेरासिटामोल या इबुप्रोफेन जैसे पेनकिलर दिए जाते हैं।
बवासीर से बचाव के उपाय निचे अनुसार हो सकते है ,
#बवासीर से बचाव के क्या उपाय है?
बवासीर से बचाव के उपाय निचे अनुसार हो सकते है ,
- डेली रूप से कसरत करें
- कब्ज न हो इस लिए पानी पिएं
- टॉयलेट जाते समय देर न करें और ज़ोर न लगाएं
- लंबे समय एक ही जगह पर न बैठें
- टॉयलेट जाते समय देर न करें और ज़ोर न लगाएं
- लंबे समय एक ही जगह पर न बैठें
- अधिक मसालेदार या तली-भुनी चीजें को कम खाना चाहिए.
*निष्कर्ष*
बवासीर इसे नजर अंदाज करना आगे चलकर गंभीर हो सकता है। सही समय पर इलाज और जीवनशैली में बदलाव इसके उपचार में अत्यंत लाभकारी साबित हो सकते हैं।
-यदि घरेलू उपायों से राहत न मिले, तो किसी विशेषज्ञ डॉक्टर से सलाह अवश्य लें।
इलाज शुरू करने के लिए तैयार हैं?
डॉ. प्रदीप कुशवाहा से परामर्श बुक करें — ऑनलाइन या क्लीनिक पर।
forumComments
अभी तक कोई कमेंट नहीं — पहला आप कीजिए।