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esophagitis treatment in homeopathy

Dr. Pradeep Kushwaha, M.D. schedule3 min read Playing…

१) इसोफैगाइटिस क्या है?


इसोफैगाइटिस ऐसी स्थिति है जिसमें अन्ननलिका की भीतरी परत में सूजन आ जाती है। यह सूजन अम्लीय रिफ्लक्स, एलर्जी, संक्रमण या कुछ दवाओं के कारण हो सकती है।

- यदि यह समस्या लंबे समय तक बनी रहती है, तो यह इसोफेगस की दीवार को नुकसान पहुंचा सकती है और अल्सर या स्ट्रिक्चर (सिकुड़न) का कारण बन सकती है।

#इसोफैगाइटिस के प्रकार


- रेफ्लक्स इसोफैगाइटिस : यह तब होता है जब पेट का एसिड बार-बार अन्ननलिका में वापस आ जाता है (GERD)। इससे म्यूकोसा में जलन होती है।

- ईओसिनोफिलिक इसोफैगाइटिस : यह एक प्रकार की एलर्जी संबंधी प्रतिक्रिया है, जो विशेष खाद्य पदार्थों के प्रति संवेदनशीलता के कारण से होती है।

- दवा प्रेरित इसोफैगाइटिस : कुछ दवाएं जैसे एंटीबायोटिक्स, पेनकिलर्स की गोलियां इसोफेगस की परत को नुकसान पहुंचा सकती हैं यदि वे लंबे समय तक अटक जाएं।

- संक्रमण से होने वाला इसोफैगाइटिस : यह वायरल, बैक्टीरियल या फंगल संक्रमण के कारण हो सकता है, विशेषकर कमजोर इम्यून सिस्टम वाले लोगों में।


२) इसोफैगाइटिस के कारण क्या है?


इसोफैगाइटिस के कारण निचे अनुसार हो सकते है , जैसे की,
 - खट्टे फल, चॉकलेट, कैफीन या मसालेदार भोजन का ज्यादा सेवन करना

 -धूम्रपान और शराब सबसे बडा कारण

 - लंबे समय तक दवाओं का सेवन

 - फूड एलर्जी 

 - इम्यून सिस्टम की कमजोरी से

   

३) इसोफैगाइटिस के लक्षण क्या है?


इसोफैगाइटिस के लक्षण निचे अनुसार होते है. जैसे की ,

 - खाने में परेशानी का होना 

 - सीने में जलन रहना

 - गले में खराश या जलन का होना

 - मतली या उल्टी

 

४) इसोफैगाइटिस की जाँच कैसे होती है?


- एंडोस्कोपी : एक कैमरा युक्त ट्यूब के जरिये से इसोफेगस की आंतरिक परत को देखा जाता है।

 - बायोप्सी : एंडोस्कोपी के दौरान ऊतक का सैंपल लेकर जांच की जाती है।

 - pH मॉनिटरिंग टेस्ट : पेट का एसिड कितनी बार और कितनी देर तक इसोफेगस में आता है।

 - ब्लड टेस्ट और एलर्जी टेस्ट

 

५) इसोफैगाइटिस का इलाज?


इलाज इस बात पर निर्भर करता है कि इसोफैगाइटिस किस कारण से हुआ है:

 1. रेफ्लक्स इसोफैगाइटिस का इलाज
 एसिड कम करने वाली दवाएं जैसे की ओमेप्राजोल, पैंटोप्राजोल

 - एंटासिड और H2 ब्लॉकर 

 - डाइट में बदलाव : तैलीय, खट्टे, चॉकलेटी पदार्थों से दुरी

 2. ईओसिनोफिलिक इसोफैगाइटिस
 - एलर्जी वाले फूड से परहेज़ करना
 - एलर्जी स्पेशलिस्ट डॉक्टर से परामर्श लेना

 3. संक्रमण जनित इसोफैगाइटिस
 
-एंटीफंगल, एंटीवायरल या एंटीबायोटिक दवाएं

 -इम्यून सिस्टम को मजबूत करने वाली चिकित्सा 

 4. दवा जनित इसोफैगाइटिस 
- लेटकर दवा लेने से बचना चाहिए

#इसोफैगाइटिस के घरेलू और जीवनशैली के उपाय


- एक बार में ज्यादा न खाएं, भोजन को छोटे हिस्सों में खाएं

 - तेज मसाले, खट्टे पदार्थ और कैफीन से दुरी बनाये रखना 

 - सोते समय अपना सिर ऊँचा रखें

 - धूम्रपान और शराब का सेवन छोड़ें

 -वजन को नियंत्रित रखें

 - स्ट्रेस मैनेजमेंट करें
इलाज शुरू करने के लिए तैयार हैं?
डॉ. प्रदीप कुशवाहा से परामर्श बुक करें — ऑनलाइन या क्लीनिक पर।
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