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gastric treatment in homeopathy | gas ka ilaj

Dr. Pradeep Kushwaha, M.D. schedule3 min read Playing…

गैस्ट्रिक क्या है और इसका सही इलाज?


*परिचय*
भारत में इस तरह की प्रॉब्लम अब बहुत ही ज्यादा देखने को मिलता है। गैस की समस्या ,आज के समय में बहुत ही आम बात हो गयी है।

-यह समस्या तब होती है, जब पेट में गैस का ज्यादा उत्पादन होता है. या तो सही तरह से गैस बाहर नहीं निकल पाती है ।

- यह एक सामान्य प्रॉब्लम है, पर इसका सही इलाज और ध्यान नही दिया जाए, तो यह *एसिडिटी, पेट में तेज दर्द, या अल्सर* जैसी गंभीर बीमारियों हो सकती है.
 

१ ) गैस्ट्रिक समस्या क्या है?


गैस्ट्रिक को हम दूसरे शब्दो में “पेट में गैस बनना” भी कहा जाता है।

 - जब भोजन सही ढंग से नहीं पचता है, तो उसमें मौजूद कार्बोहाइड्रेट और फैट्स आंतों में किण्वित होकर गैस उत्पन्न करते हैं। 

 - इस गैस से छाती या पेट के ऊपरी भाग में तेज दर्द या सीने में जलन , और भारीपन का कारण बनती है।

 

२) गैस्ट्रिक की मुख्य वजह क्या है?


- 1. **ख़राब तरह का खानपान** : – बहुत ही ज्यादा तला-भुना, और मसालेदार भोजन , या बाहर का खाना बहुत ही ज्यादा मात्रा में खाना या तो,देर से खाना खाना।

 - 2. **खाने की अनियमित दिनचर्या** :– बहुत ही लंबे समय तक रहना या बार-बार खाना। 

 - 3. मानसिक तनाव से पाचन को बहुत ही ज्यादा असर होता है।

 - 4. शरीर में से पानी की कमी का होना। 

 - 5. ज्यादा कैफीन और शराब का सेवन करने से पेट की अम्लता को बढ़ाता हैं।

 - 6. **धूम्रपान करने से पेट के म्यूकोसा को नुकसान होता है।


३) गैस्ट्रिक के क्या लक्षण हो सकते है?


गैस्ट्रिक के लक्षण निचे बताये अनुसार हो सकते है , जैसे की,

 - पेट में गैस बन जाना और सीने में बहुत ही तेज दर्द का होना

 - मुँह में से खट्टी डकारें का आना

 - सही तरह से भूख न लगना 

 * सिर में तेज दर्द और चिड़चिड़ापन लगना यदि इस तरह की स्थिति बार-बार हो, जाये तो *GERD** का संकेत हो सकता है।

 

४ ) गैस्ट्रिक होने पर क्या खाएँ और क्या नहीं खाएँ?


#क्या खाएँ# 
 * हल्का और कम मसाले वाला भोजन को खाना

 * केला, पपीता और सेब बहुत ही लाभदायक है
 
 * दही और छाछका सेवन करना
 
 * उचित मात्रा में पानी को पीना

 # क्या न खाएँ#
* ज्यादा तले-भुने और मसालेदार वाला भोजन नहीं करना

 * फास्ट फूड, और कोल्ड ड्रिंक से दुरी बनाये रखना

 * चाय और कॉफ़ी को कम पीना 

 * देर रात में खाना को नहीं खाना 

 # दैनिक आदतें# 

 * खाना को अच्छे से चबाकर और धीरे-धीरे खाएँ।

 * भोजन करने के बाद में तुरंत न लेटें।

 * डेली कसरत या मॉर्निंग में टहलना

५) गैस्ट्रिक से बचाव के प्रभावी उपाय क्या है?


निचे कुछ उपाय को बताया गया है, जैसे की, 

 - 1. दिन में ३ बार हल्का - हल्का करके भोजन करें,

 - 2. कम से कम 7 घंटे तक नींद लें।

 - 3. भोजन करने के बाद में तुरंत नहीं सोना चाहिए।

 - 4. धूम्रपान और शराब से पूरी तरह से दूरी को बनाएँ 

 - 5. तनाव को कम करने के लिए मॉर्निंग में योग करें। 

 - 6. ज्यादा मसालेदार, तैलीय और जंक फूड से परहेज़ करें।
इलाज शुरू करने के लिए तैयार हैं?
डॉ. प्रदीप कुशवाहा से परामर्श बुक करें — ऑनलाइन या क्लीनिक पर।
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