homeopathic me acute necrotizing pancreratitis ka ilaj kya hai?

१) Acute necrotizing pancreatitis का सही इलाज क्या है?
Acute necrotizing pancreatitis गंभीर रूप है, जिस में अग्न्याशय के ऊतकों का कुछ भाग मर जाता है। यह स्थिति जानलेवा हो सकती है. अधिकतर दर्दी को ICU में भर्ती करके इलाज की जरुरत होती है।
#1. प्रारंभिक प्रबंधन
Acute necrotizing pancreatitis में शुरुआती ५० से ७० घंटे महत्वपूर्ण होते हैं।
(१ ) ICU में भर्ती तथा मॉनिटरिंग
- ब्लड प्रेशर, हार्ट का रेट, ऑक्सीजन, यूरिन के लगातार निगरानी।
- लिवर तथा फेफड़ों की कार्यक्षमता की जांच करना।
(२ ) IV Fluids
- पर्याप्त मात्रा में IV Fluids को दिया जाता है, ताकि डिहाइड्रेशन तथा शॉक से बचाव हो सके।
- फ्लूइड की मात्रा दर्दी की स्थिति के अनुसार ही की जाती है।
(३ ) दर्द नियंत्रण
- लिवर तथा फेफड़ों की कार्यक्षमता की जांच करना।
(२ ) IV Fluids
- पर्याप्त मात्रा में IV Fluids को दिया जाता है, ताकि डिहाइड्रेशन तथा शॉक से बचाव हो सके।
- फ्लूइड की मात्रा दर्दी की स्थिति के अनुसार ही की जाती है।
(३ ) दर्द नियंत्रण
- तेज पेट के दर्द के लिए ओपिऑइड एनाल्जेसिक दिए जा सकते हैं। दर्द को कण्ट्रोल से मरीज की सांस तथा हृदय की स्थिति सही रहती है।

#2. पोषण प्रबंधन

#2. पोषण प्रबंधन
ANP में दर्दी को लंबे समय तक भूखा रखा जाता था, पर अब नई गाइडलाइन्स के अनुसार:
- एंटरल न्यूट्रिशन जल्दी शुरू करना ही अच्छा माना जाता है।
- एंटरल न्यूट्रिशन जल्दी शुरू करना ही अच्छा माना जाता है।
- इससे आंत के कार्य करने के क्षमता बनी रहती है ,तथा संक्रमण का खतरा कम होता है।
- यदि मरीज एंटरल फीड सहन नहीं कर पाता है, तब IV पोषण को दिया जाता है।
# 3. संक्रमण का प्रबंधन
ANP में मृत ऊतक संक्रमित हो सकता है, जो सेप्सिस का भी कारण बनता है।
- यदि CT स्कैन या क्लिनिकल लक्षणों से भी संक्रमण हो, तो ब्रॉड-स्पेक्ट्रम एंटीबायोटिक्स दिए जाते हैं।
- ब्लड कल्चर तथा इमेजिंग की मदद से संक्रमण का पता करते है.
#4. इमेजिंग तथा मॉनिटरिंग
- बार-बार CT स्कैन केवल जरूरत पड़ने पर ही किया जाता है।
#5. इंटरवेंशनल तथा सर्जिकल उपचार
- यदि necrotic tissue संक्रमित हो जाए तो, हस्तक्षेप की जरुरत हो सकता है।
- यदि necrotic tissue संक्रमित हो जाए तो, हस्तक्षेप की जरुरत हो सकता है।
#6. कारण का उपचार
ANP के सामान्य कारण हैं, जो के इस तरह से है,
- पित्त की पथरी।
- पित्त की पथरी।
- ज्यादा शराब का सेवन करना।
- हाई ट्राइग्लिसराइड्स का स्तर
(1) गॉलब्लैडर स्टोन :: पित्त की पथरी का कारण हो, तो दर्दी की स्थिति सही होने पर गॉलब्लैडर को निकालने की जरुरत होती है।
(2) हाई ट्राइग्लिसराइड्स :: इंसुलिन इन्फ्यूजन के जरूरत पड़ सकती है।
(3) शराब को पूर्ण रूप से परहेज की जरुरत होती है।
#7. जटिलताओं का प्रबंधन
(1) गॉलब्लैडर स्टोन :: पित्त की पथरी का कारण हो, तो दर्दी की स्थिति सही होने पर गॉलब्लैडर को निकालने की जरुरत होती है।
(2) हाई ट्राइग्लिसराइड्स :: इंसुलिन इन्फ्यूजन के जरूरत पड़ सकती है।
(3) शराब को पूर्ण रूप से परहेज की जरुरत होती है।
#7. जटिलताओं का प्रबंधन
ANP में कई जटिलताएँ हो सकती हैं, जो की इस तरह से है,
- एक्यूट किडनी इंजरी
- सेप्सिस
- एक्यूट किडनी इंजरी
- सेप्सिस
- अग्न्याशय स्यूडोसिस्ट
इन स्थितियों के संबंधित विशेषज्ञ की मदद ली जाती है।
#8. रिकवरी तथा फॉलो-अप
- दर्दी को कई हफ्तों तक हॉस्पिटल में ही रहना पड़ सकता है।
- हॉस्पिटल से डिस्चार्ज के बाद में भी हल्का, कम वसा वाला भोजन दिया जाता है.
इन स्थितियों के संबंधित विशेषज्ञ की मदद ली जाती है।
#8. रिकवरी तथा फॉलो-अप
- दर्दी को कई हफ्तों तक हॉस्पिटल में ही रहना पड़ सकता है।
- हॉस्पिटल से डिस्चार्ज के बाद में भी हल्का, कम वसा वाला भोजन दिया जाता है.
- शराब तथा धूम्रपान से पूर्ण रूप से परहेज करना
- नियमित फॉलो-अप।
- कुछ दर्दी में अग्न्याशय के कार्यक्षमता कम हो जाती है, जिस से मधुमेह , पाचन एंजाइम की कमी हो सकती है.
इलाज शुरू करने के लिए तैयार हैं?
डॉ. प्रदीप कुशवाहा से परामर्श बुक करें — ऑनलाइन या क्लीनिक पर।
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