mastoiditis ka homeopathic upchar

१) मास्टोइडाइटिस का इलाज क्या है?
मास्टोइडाइटिस गंभीर संक्रमण है जो की कान के पीछे स्थित मास्टोइड हड्डी को असर करता है। यह हड्डी छोटे-छोटे वायुवीय कक्षों से बने होते है और इसका सीधा संबंध middle ear से होता है।
जब कान का संक्रमण समय रहते ठीक नहीं होता है तो , यह मास्टोइड हड्डी तक फैल सकता है, जिससे मास्टोइडाइटिस होता है। यह स्थिति बच्चों में होती है, पर कोई भी उम्र ये बीमारी हो सकता है।

२) मास्टोइडाइटिस के लक्षण क्या है?
मास्टोइडाइटिस के लक्षण निचे अनुसार हो सकते है ,जैसे की
- कान के पीछे सूजन का होना
-लालिमा
-तेजी से सिर में दर्द
- कान से मवाद का आना
-सुनने में कमी
-बुखार
- कान को छूने पर दर्द का तेजी से होना
-गर्दन की अकड़न
मास्टोइडाइटिस होने का कारण इस प्रकार से है ,
-सुनने में कमी
-बुखार
- कान को छूने पर दर्द का तेजी से होना
-गर्दन की अकड़न
३) मास्टोइडाइटिस के होने का कारण क्या है?
मास्टोइडाइटिस होने का कारण इस प्रकार से है ,
-मध्य कान में संक्रमण : सबसे आम कारण है। पर मध्य कान का संक्रमण सही से इलाज नहीं किया जाये तो संक्रमण मास्टॉयड हड्डी तक फैल सकता है
. -कोलेस्टीटोमा : मध्य कान में असामान्य त्वचा में वृद्धि होती है जो कान के अंदर पानी निकलने में असर डालती है और संक्रमण को बढ़ावा देती है, जिससे मास्टोइडाइटिस हो सकता है.
-अन्य संक्रमण : मास्टोइडाइटिस मस्तिष्क के फोड़े या अन्य संक्रमण से भी हो सकता है.
४) मास्टोइडाइटिस रोकथाम का उपाय क्या है?
- कान की साफ-सफाई करना और तैराकी के दौरान सावधानी भी जरूरी है। ताकि पानी कान में न जाये .
-शांत करने वाले उपकरणों का उपयोग मध्य कान में संक्रमण का खतरा बढ़ा सकता है.
-सर्दी और फ्लू से बचना
-अपने बच्चे को सभी टीकों लगाना चाहिए खासकर न्यूमोकोकल और फ्लू के टीके.
-एलर्जी के कारण से सूजन और बलगम हो सकता है उस से दूर रहना चाहिए
इलाज शुरू करने के लिए तैयार हैं?
डॉ. प्रदीप कुशवाहा से परामर्श बुक करें — ऑनलाइन या क्लीनिक पर।
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