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pancreatic pseudocysts treatment in homeopathic

Dr. Pradeep Kushwaha, M.D. schedule2 min read Playing…

१) पैंक्रियाटिक स्यूडोसिस्ट क्या है?


पैंक्रियाटिक स्यूडोसिस्ट एक नकली सिस्ट (थैली) होती है ,जिसमें सचमुच के सिस्ट की तरह कोशिकीय अस्तर नहीं होता।

- इसके अंदर पैंक्रियाज द्वारा उत्पन्न पाचक रस, मृत कोशिकाएं, और अन्य मलबा जमा हो जाता है। जब पैंक्रियाज में सूजन या हानि होती है, तब यह तरल पदार्थ पास की जगहों में इकट्ठा होकर स्यूडोसिस्ट बनाता है।


२) पैंक्रियाटिक स्यूडोसिस्ट होने के क्या कारण है?


पैंक्रियाटिक स्यूडोसिस्ट बनने के प्रमुख कारणों में निम्नलिखित हैं जैसे की ,

- तीव्र पैंक्रियाटाइटिस : पाचन एंजाइम्स के अचानक सक्रिय होने से पैंक्रियाज की सूजन हो जाती है, जिससे तरल पदार्थ इकट्ठा होकर स्यूडोसिस्ट बन सकता है।

- पुरानी पैंक्रियाटाइटिस : दीर्घकालिक सूजन और पैंक्रियाज की संरचना में बदलाव स्यूडोसिस्ट के निर्माण का कारण बनते हैं।

- पेट में चोट : विशेष रूप से बच्चों में, पेट पर जोरदार चोट स्यूडोसिस्ट का कारण बन सकती है।

- शराब का ज्यादा सेवन


३) पैंक्रियाटिक स्यूडोसिस्ट होने के क्या लक्षण होते है?


पैंक्रियाटिक स्यूडोसिस्ट होने के लक्षण निचे अनुसार हो सकते है , जैसे की ,

- सभी मरीजों में लक्षण एक जैसे नहीं होते है , पर जब स्यूडोसिस्ट बड़ा होता है, तो यह निम्नलिखित लक्षण उत्पन्न कर सकता है:

- ऊपरी पेट के भागो में दर्द का होना

- पेट में गांठ जैसा महसूस होना

- पाचन संबंधी समस्या (खासकर भारी भोजन के बाद)

- यदि सिस्ट संक्रमित हो जाए तो बूखार होना

- पीलिया

४) पैंक्रियाटिक स्यूडोसिस्ट के क्या जटिलताएं होती है ?


अगर पैंक्रियाटिक स्यूडोसिस्ट का समय पर इलाज न किया जाए, तो यह कई गंभीर समस्याओं का कारण बन सकता है:

- संक्रमण : सिस्ट में बैक्टीरिया का संक्रमण हो सकता है जिससे यह फोड़े में बदल सकता है।

- फटना : सिस्ट के फटने से पेट में खतरनाक रक्तस्राव या पेरिटोनाइटिस हो सकता है।

- आंत, पेट या रक्त नलिकाओं पर दबाव : जिससे मलत्याग में समस्या या खून की उल्टी हो सकती है।

५) पैंक्रियाटिक स्यूडोसिस्ट के लिए निदान?


स्यूडोसिस्ट का निदान आमतौर पर निम्न परीक्षणों द्वारा किया जाता है:

 - अल्ट्रासाउंड : सबसे पहले किया जाने वाला टेस्ट।

- सीटी स्कैन : सिस्ट की सही स्थिति और आकार जानने के लिए।

- एमआरआई या एमआरसीपी : पित्त और पैंक्रियाटिक नलियों की स्थिति देखने के लिए।
इलाज शुरू करने के लिए तैयार हैं?
डॉ. प्रदीप कुशवाहा से परामर्श बुक करें — ऑनलाइन या क्लीनिक पर।
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