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thyroid treatment in homeopathic

Dr. Pradeep Kushwaha, M.D. schedule3 min read Playing…

१) थायरॉयड का क्या इलाज है?


- थायरॉयड महत्वपूर्ण ग्रंथि है, जो की गले के सामने तितली के आकार का होता है। यह ग्रंथि हमारें शरीर के मेटाबॉलिज़्म,हृदय की गति और हार्मोन का संतुलन को कण्ट्रोल करते है.

- भारत देश में भी लाखों मरीज इस समस्या का सामना कर रहे है.आज का आर्टिकल इसी बात पर चर्चा करने वाले है.

२) थायरॉयड कितने प्रकार का होता है?


- 1.हाइपोथायरॉयडिज़्म *
 जब थायरॉयड की ग्रंथि उचित मात्रा में हार्मोन (T3, T4) नहीं बना पाती है. इसी के कारण से शरीर में मेटाबॉलिज़्म भी धीमा हो जाता है। 

 - 2. हाइपरथायरॉयडिज़्म * जब भी थायरॉयड की ग्रंथि जरूरत से भी ज्यादा हार्मोन बनाने लग जाती है. इसके कारण से मेटाबॉलिज़्म बहुत ही तेज़ हो जाता है। 

 - 3. गलगंड * 
थायरॉयड ग्रंथि असामान्य रूप से भी बढ़ जाती है * यह आयोडीन की कमी से या हार्मोनल के असंतुलन से होता है।

 4. थायरॉयड नोड्यूल्स और कैंसर
*इस ग्रंथि में गांठें या कैंसर की स्थिति हो सकती है.


३) थायरॉयड के क्या लक्षण होते है?


**हाइपोथायरॉयडिज़्म के लक्षण निचे अनुसार हो सकते है.
 ** -थकान और कमजोरी जैसा लगना। 
 - ठंड ज्यादा लगना 
 - वजन का बढ़ जाना
 - त्वचा का रूखापन और बाल का टूटते रहना 

 **हाइपरथायरॉयडिज़्म के लक्षण निचे बताये अनुसार हो सकते है.**

 - वजन का कम होना 

 - धड़कन का तेज़ हो जाना

- पसीना बहुत ही अधिक मात्रा में आना

 - नींद भी नहीं आना

#थायरॉयड के क्या कारण है?


- आयोडीन की कमी हो जाने पर।

 - वायरल और बैक्टीरियल जैसा संक्रमण का होना

 - परिवार में किसी को भी है ,तो इसका होने पर जोखिम और भी बढ़ जाता है

. - कुछ दवा के प्रभाव से भी थायरॉयड को असर हो सकता है.

#थायरॉयड का क्या इलाज है?


- मरीज को किस तरह का थायरॉयड है,इसके ऊपर से ही इलाज करते है. 

 (1) हाइपोथायरॉयडिज़्म का इलाज 
 *TSH, T3, T4 टेस्ट का समय पर जाँच कराना बहुत ही ज़रूरी है। 

 * संतुलित आहार का उपयोग करना चाहिए.
 *ज्यादा चर्बी और तैलीय भोजन से दूर रहना चाहिए. 
 *डेली कसरत करना

 (2) हाइपरथायरॉयडिज़्म का इलाज 

 *रेडियोआयोडीन थेरेपी * :– आयोडीन विशेष रूप से देता है ,जो की, थायरॉयड ग्रंथि की ज्यादा सक्रिय कोशिका को नष्ट करता है। 

 * सर्जरी* :– अगर ग्रंथि बहुत बड़ी हो जाती है,तो सर्जरी करना हो सकता है.

 ३) थायरॉयड रोग में क्या आहार लेना चाहिए?

* हाइपोथायरॉयडिज़्म के लिए जरुरी खाद्य पदार्थ*

 - आयोडीन युक्त नमक

 - अंडे, दही, दूध

 - ताजे फल और सब्जियाँ

 * हाइपोथायरॉयडिज़्म में क्या परहेज़ करना

 -ज्यादा सोया प्रोडक्ट्स का उपयोग नहीं करना
 - ज्यादा तैलीय जंक फूड नहीं खाना

४) थायरॉयड को नियंत्रण के लिए घरेलू उपाय?


- ध्यान करने और नियमित कसरत करने से चिंता कम होता है.

 - डेली 7 से 8 घंटे की नींद करना शरीर के हार्मोन के लिए ज़रूरी है।

 -हर 3 से 6 महीने में थायरॉयड का टेस्ट कराएँ।

#कब डॉक्टर से संपर्क करें?


* अगर लंबे समय तक थकान, वजन कम , दिल की धड़कन का अनियमित होना 

 * गले में सूजन,और गांठ ,सांस लेने में परेशानी हो सकती है। 

 * डॉ के बताये हुए ही दवा को  खाना चाहिए.
इलाज शुरू करने के लिए तैयार हैं?
डॉ. प्रदीप कुशवाहा से परामर्श बुक करें — ऑनलाइन या क्लीनिक पर।
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