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Allergic conjunctivitis treatment in homeopathy

Dr. Pradeep Kushwaha, M.D. schedule3 min read Playing…
Allergic conjunctivitis treatment in homeopathy

कंजंक्टिवाइटिस(आँख आना / पिंक आई): कारण, लक्षण और बचाव


*परिचय*

कंजंक्टिवाइटिस, जिसे आम भाषा में आँख आना भी कहा जाता है. आँखों की एक सामान्य लेकिन परेशान करने वाली समस्या है।

- इसमें आँख की कंजंक्टिवा यानी की आँख के सफेद हिस्से और पलक की अंदरूनी सतह को ढकने वाली पतली पारदर्शी झिल्ली में सूजन हो जाती है। इस के कारण से आँखें लाल हो जाती हैं,और खुजली आने लगती है.

- पानी या पीप जैसी स्त्राव निकलने लगता है। यह रोग बच्चों में और बड़ों दोनों में ही हो सकता है. और अक्सर संक्रमण की वजह से ही फैलता है।

१) कंजंक्टिवाइटिस के प्रकार कितने है?


कंजंक्टिवाइटिस के मुख्य रूप से ४ प्रकार का होता है:

(१) वायरल कंजंक्टिवाइटिस

- यह सबसे आम प्रकार है.
 - यह वायरस से होता है, और बहुत ही तेजी से एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलता है। और आँख में से पानी भी ज्यादा निकलता है।

 (२) बैक्टीरियल कंजंक्टिवाइटिस ::
यह बैक्टीरिया से होता है। 
 - इसमें आँख से पीले या हरे रंग का गाढ़ा स्त्राव निकलता है।

 (३) एलर्जिक कंजंक्टिवाइटिस ::
यह धूल, धुआँ, परागकण और , इत्र या पालतू जानवरों के बाल जैसी चीजों से एलर्जी के कारण से होता है।
 - इसमें आँखें लाल होने के साथ में बहुत खुजली भी आती है।

(४) केमिकल कंजंक्टिवाइटिस ::
यह किसी रसायन, या धुएँ, और प्रदूषण के दौरान क्लोरीन मिले पानी से आँख में जलन और सूजन के कारण से होता है।


३) कंजंक्टिवाइटिस के लक्षण?


कंजंक्टिवाइटिस के लक्षण निचे बताये अनुसार हो सकते है, जैसे की,

 - आँखों का लाल हो जाना।

 - आँखों में खुजली और जलन का होना।

 - पानी या गाढ़ा पीप जैसा डिस्चार्ज निकलना 

 - पलकों में सूजन

 - सुबह उठते समय पलकों का चिपक जाना

 - आँखों में किरकिराहट या भारीपन जैसा महसूस होना

 - रोशनी से चिढ़ होना


४) कंजंक्टिवाइटिस के कारण?


कंजंक्टिवाइटिस के कारण निचे बातये अनुसार होते है, जैसे की,

 - संक्रमण ::बैक्टीरिया और वायरस इसका मुख्य कारण हैं।

 - एलर्जी :: धूल-मिट्टी, या धुआँ, परागकण और कॉस्मेटिक्स से एलर्जी।

 - प्रदूषण और रसायन :: केमिकल वाले धुँआ और क्लोरीन युक्त पानी से ।

 - गलत आदतें :: गंदे हाथों से आँख मलना या संक्रमित व्यक्ति की वस्तुओं का उपयोग करना।

 

५) कंजंक्टिवाइटिस कैसे फैलता है?


- संक्रमित व्यक्ति के तौलिया, और रूमाल, तकिया का इस्तेमाल करने से फैलता है।

 - संक्रमित हाथों से आँखों को छूने से।

 - भीड़-भाड़ वाली जगहों और उसके संपर्क में आने से।

 - बच्चों में यह बहुत तेजी से फैलता है.क्योंकि वे बार-बार आँखों को छूते हैं और दूसरों के संपर्क में आते हैं।

 

#बचाव के उपाय?


- साफ-सफाई रखें :– आँखों को गंदे हाथों से नही छुएँ, और अपने हाथ को डेली धोएँ।

 - व्यक्तिगत सामान को अलग रखें : – तौलिया, रूमाल, और तकिया जैसे चीजे को दूसरों से साझा न करें।

 - संक्रमित व्यक्ति से दूरी : –स्कूल या ऑफिस जाने से बचें। ताकि संक्रमण नहीं फैले। 

 - धूप का चश्मा पहनें : – यह धूल ,मिट्टी और धुएँ से बचाव करता है। 

 - दिन में कई बार गुनगुने या साफ पानी से अपने आँख को धोना लाभकारी है।

 

६) घरेलू उपाय क्या है?


- गुलाब जल के कुछ बूँदें डालने से भी आराम मिल सकता है. (पर शुद्ध और डॉक्टर के द्वारा अनुमोदित गुलाब जल ही इस्तेमाल करें)। 

 - उचित आराम करें। और टीवी/मोबाइल का अधिक उपयोग नहीं करें।

 

#कब डॉक्टर से मिलें?


- अगर आँख में से ज्यादा पीप निकल रहा हो।

 - दृष्टि धुंधली हो रही हो।

 - तेज दर्द और सूजन हो।

- बार-बार कंजंक्टिवाइटिस हो रहा हो।
इलाज शुरू करने के लिए तैयार हैं?
डॉ. प्रदीप कुशवाहा से परामर्श बुक करें — ऑनलाइन या क्लीनिक पर।
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