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Fistula ka ilaaj | fistula treatment in homeopathy

Dr. Pradeep Kushwaha, M.D. schedule2 min read Playing…
Fistula ka ilaaj | fistula treatment in homeopathy

१) फिस्टुला क्या है?


फिस्टुला एक "एपिथीलियलाइज़्ड" मार्ग होता है, जो की , दो शरीर की सतहों को जोड़ता है – जैसे की, दो अंग, दो नसें, या किसी अंग और त्वचा को।

- यह मार्ग सामान्य रूप से मौजूद नहीं होता है, बल्कि किसी रोग, संक्रमण, चोट, या सर्जरी के बाद बन सकता है।

- यदि फिस्टुला एक बार बन जाए तो यह शरीर में मवाद, मल, मूत्र या अन्य द्रवों के रिसाव का कारण बन सकता है।

२) फिस्टुला क्यों होता है?


फिस्टुला पीछे आमतौर पर संक्रमण, सूजन, चोट या सर्जरी मुख्य कारण होते हैं।

- जब शरीर के अंदर कोई घाव पूरी तरह से ठीक नहीं होता है, तो वह एक नली के रूप में बाहर निकलने का रास्ता बना लेता है।

- शरीर प्राकृतिक रूप से उस संक्रमित सामग्री को बाहर निकालने की कोशिश करता है, जिससे यह मार्ग (फिस्टुला) बनता है।


#फिस्टुला के होने के कारण?

फिस्टुला बनने के पीछे कई कारण हो सकते हैं, जिनमें से कुछ हैं:
 - एनल फिस्टुला : मलद्वार के पास बनने वाला फिस्टुला, जो एनल गुदा ग्रंथियों में संक्रमण के कारण बनता है। यह सबसे आम प्रकार है।

 - क्रोहन रोग : यह क्रॉनिक आंतों की बीमारी है, जिसमें लंबे समय तक सूजन रहने के कारण आंतों के बीच या आंत और त्वचा के बीच फिस्टुला बन सकता है।

 - सर्जरी या चोट : किसी ऑपरेशन के बाद अगर घाव सही से नहीं भरता है ,या वहां संक्रमण हो जाता है, तो फिस्टुला बन सकता है।

 - टीबी या अन्य संक्रमण : फेफड़ों, आंतों या त्वचा में पुराना संक्रमण फिस्टुला का कारण बन सकता है।


३)फिस्टुला के लक्षण क्या है?


फिस्टुला के लक्षण इसके स्थान और कारण पर निर्भर करते हैं, लेकिन सामान्यतः निम्नलिखित लक्षण देखे जा सकते हैं:

 - मवाद या खून का लगातार रिसाव

 - फोड़े जैसा घाव जो बार-बार ठीक होने पर भी फिर से निकलता है

 - बुखार और कमजोरी

 - मल या मूत्र के रास्ते में गड़बड़ी

 - फिस्टुला क्षेत्र में दर्द, सूजन और जलन

४) फिस्टुला से बचाव के उपाय क्या है?

- साफ-सफाई का ध्यान रखें, खासकर एनल क्षेत्र की।

 - कब्ज से बचें और फाइबर युक्त आहार को लेना सही होता है.

 - किसी भी संक्रमण का समय पर इलाज कराएं।

 - क्रोहन रोग या अन्य पुरानी बीमारियों का सही प्रबंधन करें।

*निष्कर्ष*

   फिस्टुला गंभीर लेकिन पूरी तरह से इलाज की स्थिति है। इसके लक्षणों को नजरअंदाज नही करें और समय रहते डॉक्टर से संपर्क करें।
इलाज शुरू करने के लिए तैयार हैं?
डॉ. प्रदीप कुशवाहा से परामर्श बुक करें — ऑनलाइन या क्लीनिक पर।
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