Alcoholic Liver Disease ka homeopathy me ilaj?
१) अल्कोहॉलिक लिवर डिज़ीज़ का इलाज?
अल्कोहॉलिक लिवर डिज़ीज़ ऐसी स्थिति है, जिस में ज्यादा शराब के सेवन से लिवर को हानि पहुँचता है।
- यह नुकसान धीरे-धीरे फैटी लिवर से शुरू हो कर के हेपेटाइटिस और अंत में सिरोसिस तक पहुँच जाता है।
- भारत में शराब के बढ़ती आदत के कारण से बीमारी तेजी से बढ़ रही है। पर अच्छी बात यह है कि, सही समय पर सही से इलाज और जीवनशैली में बदलाव से डॉक्टर की देखरेख से लिवर को काफी हद तक बचाया जा सकता है।

२) अल्कोहॉलिक लिवर डिज़ीज़ के कितने चरण है?
1. Alcoholic Fatty Liver :: लिवर में फैट का जमना।
2. Alcoholic Hepatitis :: सूजन का आना, पीलिया और भूख में भी कमी होना।
3. Alcoholic Cirrhosis :: लिवर कठोर होना और स्थायी रूप से नुकसान।
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इन तीनों चरणों में इलाज अलग-अलग तरह से हो सकता है, पर सबसे बड़ा और पहला कदम "शराब को पूरी तरह से छोड़ना" है।
३) अल्कोहॉलिक लिवर का मुख्य इलाज क्या है?
#1. शराब को पूरी तरह से बंद करना ही सबसे अच्छा है।
- यह सबसे आवश्यक और सबसे प्रभावी उपचार है।अगर दर्दी शराब को छोड़ देता है तो:
* फैटी लिवर कुछ हफ्तों में ठीक होने लग जाता है.
* हेपेटाइटिस में भी काफी हद तक सुधार होता है.
* सिरोसिस आगे बढ़ने से रुक जाता है.
- कुछ मरीजों को घबराहट,और चिड़चिड़ापन आता है। ऐसे मामलों में डॉ. दवाइयों की मदद से सुरक्षित तरीके से शराब छोड़ने में मदद करते हैं।
#2. दवाइयों से इलाज
#स्टेरॉइड्स
- गंभीर अल्कोहॉलिक हेपेटाइटिस में सूजन को कम करने के लिए स्टेरॉइड दिए जा सकते हैं।
# एंटी-ऑक्सीडेंट और सप्लीमेंट्स
- विटामिन - E
- बी कॉम्प्लेक्स
- कुछ मरीजों को घबराहट,और चिड़चिड़ापन आता है। ऐसे मामलों में डॉ. दवाइयों की मदद से सुरक्षित तरीके से शराब छोड़ने में मदद करते हैं।
#2. दवाइयों से इलाज
#स्टेरॉइड्स
- गंभीर अल्कोहॉलिक हेपेटाइटिस में सूजन को कम करने के लिए स्टेरॉइड दिए जा सकते हैं।
# एंटी-ऑक्सीडेंट और सप्लीमेंट्स
- विटामिन - E
- बी कॉम्प्लेक्स
- फोलिक एसिड
- जिंक सप्लीमेंट
ये लिवर की सूजन को कम करते हैं।
#3. पौष्टिक आहार और डाइट प्लान
अल्कोहॉलिक लिवर डिज़ीज़ में ज्यादातर दर्दी कुपोषित होते हैं, इसलिए डाइट सबसे महत्वपूर्ण भाग होता है।
#क्या खाना चाहिए?#
- हाई प्रोटीन डाइट:: जिस में दाल, पनीर, अंडे, मछली।
- ताज़े फल और सब्जियाँ।
- हेल्दी फैट :: बादाम, ऑलिव ऑयल.
- फैट-फ्री डेयरी प्रोडक्ट।
- ज्यादा पानी को पीना
- शराब को नहीं पीना।
#क्या नहीं खाना चाहिए?#
- शराब को नहीं पीना।
- ज्यादा तली-भुनी और मसालेदार भोजन।
- पैक्ड वाले फ़ूड और प्रोसेस्ड फूड.
अगर मरीज को हेपेटिक एन्सेफैलोपैथी है, तो डॉ. प्रोटीन की मात्रा भी कम कर सकते हैं।
#4. जीवनशैली में परिवर्तन
- पूरी तरह से शराब का त्याग करना.
अगर मरीज को हेपेटिक एन्सेफैलोपैथी है, तो डॉ. प्रोटीन की मात्रा भी कम कर सकते हैं।
#4. जीवनशैली में परिवर्तन
- पूरी तरह से शराब का त्याग करना.
- नियमित व्यायाम करना।
- वजन को कण्ट्रोल में रखना।
- नमक के प्रमाण को कम करना।
- सही से नींद लेना।
* शराब को पूरी तरह से बंद ही कर दे.
४) रोकथाम के लिए उपाय ?
* शराब को पूरी तरह से बंद ही कर दे.
* अगर पारिवारिक इतिहास है, तो शराब को बिल्कुल न पिएँ।
* हेल्दी लाइफस्टाइल को अपनाएँ।
इलाज शुरू करने के लिए तैयार हैं?
डॉ. प्रदीप कुशवाहा से परामर्श बुक करें — ऑनलाइन या क्लीनिक पर।
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