celiac bimari ka homeopathic ilaj

१) सीलिएक क्या होता है?
सीलिएक एक तरह का *ऑटोइम्यून रोग* है, जो की शरीर के रोग-प्रतिरोधक प्रणाली में गेहूं, जौ ,राई जैसे अनाजों में मिलने वाले *ग्लूटेन* प्रोटीन को सहन नहीं कर पाता है.
- जिस के कारण छोटी आंत के आंतरिक पर्त को हानि हो सकता है. और पोषक तत्वों का अवशोषण भी बाधित होता है.
- यह समस्या का सही समय पर सही इलाज नहीं किया जाये तो, लगातार कमजोरी, दस्त, वजन का कम हो जाना अन्य पाचन संबंधी समस्याओं से जूझता है।

२)सीलिएक होने के मुख्य कारण क्या है?
सीलिएक के कारण निचे अनुसार हो सकते है, जैसे की,
- सीलिएक वंशानुगतर होता है, और आनुवंशिक मार्कर वाले लोगों में होने का जोखिम भी बढ़ जाता है.
- ग्लूटेन का सेवन करने से प्रतिरक्षा प्रणाली को एक्टिव कर देते है, जिस से की छोटी आंत को नुकसान होता है.
- कुछ वायरल संक्रमण से भी रोग के शुरू होने का चान्सेस होता है.
३) सीलिएक डिज़ीज़ का लक्षण क्या होता है?
सीलिएक के लक्षण निचे अनुसार हो सकते है, जैसे की,
- लगातार दस्त का होना
-पेट का फूल जाना और गैस, या अपच जैसा होना
-वजन का कम हो जाना
- थकान और कमजोरी जैसा लगना
- त्वचा पर लाल खुजलीदार चकत्ते दाने का होना
४ . सीलिएक डिज़ीज़ पर परहेज करने वाले खाद्य पदार्थ ?,
**परहेज करने वाले खाद्य पदार्थ के नाम **
- गेहूं में से बनने वाले पदार्थ(आटा, ब्रेड)
- राई
- सूजी, और मैदा या बेसन में मिलावट करने वाले आटा
- फास्ट फूड का ज्यादा मात्रा में उपयोग करना
**खाए जा सकने वाले खाद्य पदार्थ:**
- चावल, (कॉर्न)
- बाजरा और ज्वार
-ताजे फल और ताजे सब्जि का सेवन
५ ) सीलिएक से बचाव के उपाय क्या है?
इस बीमारी को रोका तो नहीं जा सकता, है लेकिन कुछ सावधानियाँ रख के स्वस्थ जीवन जी सकते हैं:
* हमेशा से ही *ग्लूटेन-फ्री लेबल* वाले प्रोडक्ट का उपयोग करना
* अपने घर में अलग बर्तन और चम्मच रखें।जिस से की ग्लूटेन-युक्त भोजन का मिश्रण न हो सके.
* बच्चों को शुरूआत से ही इस बीमारी के बारे में शिक्षित करें।
* बच्चों को शुरूआत से ही इस बीमारी के बारे में शिक्षित करें।
इलाज शुरू करने के लिए तैयार हैं?
डॉ. प्रदीप कुशवाहा से परामर्श बुक करें — ऑनलाइन या क्लीनिक पर।
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