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H pylori treatment in homeopathy

Dr. Pradeep Kushwaha, M.D. schedule3 min read Playing…

१)एच. पाइलोरी क्या है?


**हेलिकोबैक्टर पाइलोरी** एक तरह का बैक्टीरिया है. जो की, पेट और छोटी आंत  की पर्त में संक्रमण कर देता है। यह बैक्टीरिया देश के आधी आबादी के पेट में देखने को मिलता है.

- कई बार लक्षण नहीं देखने को मिलता है, कुछ लोगों में यह तो, **गैस्ट्राइटिस, अल्सर ,पेट का दर्द,  यहाँ तक के पेट के कैंसर** का कारण भी बनता है। इसका सही समय पर इलाज करना भी जरूरी है।


२) H. pylori संक्रमण के क्या लक्षण होते है?


हर मरीज में लक्षण अलग-अलग होता  हैं।कुछ लक्षण इस तरह दिखाई देते हैं: जैसे की,

 -  पेट के ऊपरी वाले भाग में जलन या दर्द का होना 

 -  बार-बार खट्टी डकार का आना

- एसिडिटी का होना या तो पेट का फूल जाना

 -  भूख में कमी हो जाना 

 -  लंबे समय से  संक्रमण  होने से **अल्सर से खून का आना **

 

३) H. pylori संक्रमण की जांच ?


इलाज शुरू करने से पहले डॉक्टर कुछ जांचें करवाते हैं:

- Urea Breath Test :: सांस में यूरिया की जांच से बैक्टीरिया का पता किया जाता है। 

 - Stool Antigen Test :: मल में H. pylori एंटीजन की उपस्थिति होने  से। 

 - Blood Test :: H. pylori के एंटीबॉडी की जांच कर के । 

-  गंभीर मामलों में एंडोस्कोपी करके पेट की पर्त का सैंपल लेते  है।

 

४) H. pylori इलाज के दौरान क्या ध्यान देने योग्य बातें है?


* दवाएं का **पूरा कोर्स** करके ही लें,छोड़ना चाहिए।  बीच में कोर्स छोड़ने से बैक्टीरिया का रेसिस्टेंट हो सकता है।

 * शराब और धूम्रपान से दुरी बनाये रखना सही है। 

 * ज्यादा  मसालेदार और तैलीय खाना खाने से बचना चाहिए. 

 * उचित मात्रा में पानी को पिएं और पचने में आसान वाले भोजन को करें।

 * दवाओं के ४-५ हफ्ते के बाद में  **टेस्ट को दोहराया जाता है** जिससे की पुष्टि हो सके कि अब बैक्टीरिया  खत्म हुआ है।

 #घरेलू और सपोर्टिव उपाय?

H. pylori का इलाज दवाओं से संभव है, पर कुछ घरेलू उपाय से भी लक्षण को कम कर सकते है.

 * दही, छाछ के  सेवन से  बैक्टीरिया को खत्म कर के पेट की सेहत में सुधार होता  हैं।

 * **ग्रीन टी में एंटीबैक्टीरियल गुण होते हैं। जो की बहुत ही लाभदायी है. 

 * **शहद जो की बैक्टीरिया की वृद्धि को कम करने में मदद करता है। 

 * **ब्रोकली और ब्रोकोली स्प्राउट्स:** इनमें सल्फर कंपाउंड होते हैं जो H. pylori पर असर डालते हैं।
 

५) अगर इलाज न हो तो क्या जटिलताएं  होती है?


H. pylori संक्रमण का सही तरह से सही इलाज न किया जाये तो यह आगे जाकर  गंभीर बीमारियों का कारण  भी बन सकता है

* पेप्टिक अलसर 

 * ज्यादा लंबे समय से तक पेट में सूजन का होना 

 *पेट का कैंसर 

 *MALT Lymphoma (एक तरह पेट का कैंसर)
इलाज शुरू करने के लिए तैयार हैं?
डॉ. प्रदीप कुशवाहा से परामर्श बुक करें — ऑनलाइन या क्लीनिक पर।
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