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chronic calcified pancreas ka homeopathic treatment

Dr. Pradeep Kushwaha, M.D. schedule3 min read Playing…

१) क्रॉनिक कैल्सीफाइड पैंक्रियाटाइटिस का क्या इलाज है?


यह अग्न्याशय की बहुत ही गंभीर और लंबे समय तक चलने वाली बीमारी है। जिस में की अग्न्याशय में सूजन होने के साथ में ही कैल्शियम जमने लग जाता है.

-  समय के साथ में यह रोग तो पाचन तंत्र और इंसुलिन दोनों को असर करता है, जिस से  की **पाचन संबंधी की समस्या, लगातार दर्द का होना और मधुमेह ** जैसी स्थिति हो सकती है।

आज के आर्टिकल में  इसके **इलाज, दवा और आहार और आधुनिक विकल्पों** के बारे में बात करने वाले है.

२)इलाज उद्देश्य क्या है?


*दर्द को कण्ट्रोल करने के लिए *

 *पाचन की क्रिया को सुधारने के लिए *

 *पोषण कमी को पूरा करने में*

 * जीवन के गुणवत्ता में सुधार के लिए*

2. दवा से कैसे इलाज होता है?


* दर्द को कम करने के लिए पेनकिलर की दवा दी जाती है।

 * पाचन को सुधारने के लिए *(PERT)* देते है। जो की भोजन को तोड़ने में मदद करता है।

 * अगर मरीज को मधुमेह हो जाता है, तो इंसुलिन या ओरल एंटीडायबिटिक दवा की दे सकते है।

 *विटामिन-A, विटामिन-D, अन्य एंटीऑक्सीडेंट्स के कमी को पूरा करने में सप्लीमेंट्स दिए जाते हैं।

३) एंडोस्कोपिक उपचार?


*ERCP* के माध्यम से पित्त की नलिका और अग्न्याशय में नलि की रुकावट को हटाया जाता है।

 *स्टेंटिंग* :  नली में रुकावट हो जाने पर  स्टेंट डालते है ,जिस से की पाचक रस  सरलता से निकल सके। 

 * अगर कैल्सीफाइड स्टोन नलि में फंसे है, तो उन्हें एंडोस्कोप से बाहर निकाला जाता है.

४)शल्य चिकित्सा


अगर दवा और एंडोस्कोपिक इलाज से आराम नहीं मिल रहा है,तो ऑपरेशन की जरुरत होती है।

 - इसमें पैंक्रियाटिक डक्ट को आंत से जोड़ देते है. जिस से की पाचक रस का बहाव आसान हो जाता है।

 *अग्न्याशय के प्रभाव वाले भाग को  हटा दिया जाता है।


५)जीवनशैली और आहार के लिए क्या  प्रबंधन है?


* शराब और धूम्रपान से तो पूरी तरह  से दुरी बनाये रखना सही होता है। 

 * ज्यादा तेलीय, और मसालेदार भोजन या तली-भुनी चीज़ों से बचना चाहिए।

 *  पुरे दिन भर में  ३-४ बार छोटे-छोटे  हल्का भोजन करना सही है। *

 **प्रोटीन या विटामिन वाले  आहर का उपयोग करना चाहिए 

 ** * पानी को ज्यादा मात्रा में पीना सही होता है.

६) जटिलताओं का प्रबंधन


*मधुमेह* – :  इंसुलिन या दवाओं से कंट्रोल। 

 *पोषण की कमी के लिए ** विटामिन और मिनरल सप्लीमेंट्स का उपयोग करते है।

 *लंबे समय से चलने वाली क्रॉनिक पैंक्रियाटाइटिस से कैंसर का खतरा और भी बढ़ सकता है, इसलिए नियमित चेकअप  करना भी ज़रूरी है।
इलाज शुरू करने के लिए तैयार हैं?
डॉ. प्रदीप कुशवाहा से परामर्श बुक करें — ऑनलाइन या क्लीनिक पर।
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