CAPTCHA  

Already register click here to Login

Dont have account click here for Register

Thank You
Ok
play_circleVideo

H. pylori Infection treatment in homeopathy

Dr. Pradeep Kushwaha, M.D. schedule4 min read Playing…

१) H. pylori Infection का इलाज?


**परिचय:**

हेलिकोबैक्टर पाइलोरी एक तरह का बैक्टीरिया है,जो की हमारे पेट के अंदरूनी पर्त यानी की  गैस्ट्रिक म्यूकोसा में रहता है।
- विकासशील देशों में यह संक्रमण बहुत आम है, ज्यादातर मामलों में यह संक्रमण बचपन में होता है, और सही समय पर  सही इलाज नही  किया जाए तो यह **पेप्टिक अल्सर , और गैस्ट्राइटिस ** का कारण भी बन सकता है।


२) H. pylori संक्रमण होने के क्या कारण हो सकते है ?


यह संक्रमण निम्न कारणों से फैलता है: जैसे की,

 1. संक्रमित हुए व्यक्ति के लार, उल्टी  के संपर्क के कारण।

 2. दूषित भोजन या दूषित पानी पीने से।

 3. एक ही बर्तन में खाये हुए भोजन  या टूथब्रश को साझा करने से।

 4. अपने आस - पास में साफ़ - सफाई नहीं हो।
  

३) H. pylori संक्रमण होने के क्या लक्षण हो सकते है?


हर व्यक्ति में लक्षण अलग हो सकते हैं, पर आमतौर पर ये देखने को मिलते हैं: जैसे की,

 * पेट में जलन या दर्द का होना

 * उल्टी या मिचली का आना

 * भूख भी नही लगना या तो कम लगना

 * खट्टी डकार का आना या पेट में गैस बनना

 * वजन घट जाना  या कम हो जाना और  थकान जैसा लगना अगर संक्रमण ज्यादा लंबे समय तक बना रहे तो **गंभीर अल्सर या तो, गैस्ट्रिक ब्लीडिंग** भी हो सकता है।


४)  H. pylori Infection जांच के लिए डॉक्टर  किस तरह के जाँच करते है? 



H. pylori संक्रमण का पता करने के लिए डॉ. कुछ खास तरह के जांचें करवाते हैं: जैसे की,

 1. **यूरेज ब्रीथ टेस्ट** इसमें दर्दी विशेष तरल को पीता है, और सांस के नमूने से बैक्टीरिया के मौजूदगी का पता चलता है।

 2. **स्टूल एंटीजन टेस्ट**   मल के सैंपल से H. pylori की उपस्थिति के जाँच किया जाता है.

 3. **ब्लड टेस्ट** शरीर में H. pylori के एंटीबॉडी की जांच होती है, पर पुराना संक्रमण भी दिखा सकता है। 

 4. **एंडोस्कोपी** अगर गंभीर लक्षणों में पेट के अंदर कैमरे द्वारा जांच कर ऊतक को लिया जाता है।

 

#इलाज के दौरान ध्यान देने योग्य क्या बातें है?


1. दवाएं को डॉ. के सलाह अनुसार पूरी अवधि तक लें — कभी भी बीच में बंद नही  करें। 

 2. ज्यादा मसालेदार और तले भोजन से बचें। और सही समय पर भोजन करे। 

 3. धूम्रपान और शराब से पूरी तरह से परहेज करें, क्योंकि ये पेट की परत को हानि पहुंचाते हैं। 

 4. इलाज के बाद में भी डॉ दोबारा टेस्ट करवाने को कहते है, ताकि सुनिश्चित किया जा सके कि, अब  बैक्टीरिया पूरी तरह से खत्म हो गया है।

 

५) H. pylori Infection के लिए क्या घरेलू उपाय है?


दवा के साथ में  कुछ घरेलू उपाय भी संक्रमण को कम करने में मदद कर सकते हैं: जैसे की,

 - **ग्रीन टी** सूजन और संक्रमण को कम करती है।

 - **लहसुन** प्राकृतिक एंटीबैक्टीरियल गुण रखता है।

 - **शहद** संक्रमण को घटाने और पेट की परत की मरम्मत में मदद करता है।

 - **फाइबर युक्त भोजन** जैसे के  फल, सब्जियाँ, ओट्स, दलिया — पाचन को सुधारते हैं। पर याद रखें, की यह सहायक उपाय हैं — **डॉक्टर के कहने पर ही ले**।

६) H. pylori से **बचाव** के लिए क्या ध्यान देना चाहिए?


H. pylori से बचाव के लिए स्वच्छता और खानपान पर खास करके  ध्यान देना जरूरी है: जैसे की,

 1. हमेशा से हल्का गर्म  किया हुआ पानी या फिल्टर किया हुआ पानी को पीएँ।

 2. दूषित भोजन को न खाएँ।

 3. खाना को खाने से पहले और शौच करने के बाद में अपने  हाथ को अच्छे से साबुन से  धोएँ।

 4. संक्रमित हुए मरीज के बर्तन, गिलास , टोवेल को साझा न करें।

 5. सड़क किनारे लगाए हुए स्टॉल पर से  पैकेट फ़ूड और  बाहर का खाना को कम खाएँ, ।

इलाज शुरू करने के लिए तैयार हैं?
डॉ. प्रदीप कुशवाहा से परामर्श बुक करें — ऑनलाइन या क्लीनिक पर।
event_availableBook Appointment

forumComments

अभी तक कोई कमेंट नहीं — पहला आप कीजिए।

अपना कमेंट लिखें
कमेंट जांच के बाद प्रकाशित किया जाएगा।
Brahm homeo Logo
Brahm Homeopathy
Typically replies within an hour
Brahm homeo
Hi there 👋

How can we help you?
NOW
×
Chat with Us