ibs kya hai or homeopathic me ibs ka ilaj
IBS का होमियोपैथी में सही इलाज ?
**परिचय** IBS पाचन के संबंधित विकार है, जिस में व्यक्ति को बार-बार पेट में दर्द का होना , गैस, और कब्ज या दस्त जैसी समस्याएँ होती रहती हैं।
- यह बीमारी कोई जानलेवा तो, नहीं है, पर मरीज के व्यक्ति के जीवन की गुणवत्ता को बहुत ही ज्यादा असर कर सकती है।
- IBS का मुख्य कारण पाचन तंत्र की संवेदनशीलता और मस्तिष्क के बीच खराब संचार, आंत्र की मांसपेशियों का असामान्य कार्य के बीच असंतुलन को माना जाता है।

१) IBS होने के मुख्य क्या लक्षण दिखाई देते है?
IBS के लक्षण अलग -अलग व्यक्ति में अलग हो सकते हैं, पर कुछ सामान्य लक्षण इस प्रकार से है
- **बार-बार पेट में तेज दर्द या ऐंठन का होना।
**कब्ज और दस्त
**पेट में गैस का बनना या पेट का फूल जाना या भारीपन जैसा महसूस होना
**मल त्याग के बाद राहत जैसा महसूस होना
**थकान और कमजोरी जैसा लगना
२) IBS के कितने प्रकार के होते हैं?
IBS के तीन तरह के होते हैं
.- A. IBS-C :: कब्ज ज़्यादा होता है.
B. IBS-D :: दस्त ज़्यादा होता है.
C. IBS-M :: इसमें कभी दस्त तो कभी कब्ज दोनों ही होता है।

३) IBS होने के क्या मुख्य कारण होते है?
IBS के पीछे कई मुख्य कारण हैं: जैसे की,
**तनाव और चिंता :: मानसिक तनाव से आंतों की गति और संवेदनशीलता को असर करता है।
**गलत खानपान :: ज्यादा तैलीय, और ज्यादा मसालेदार, इसके अलावा जंक फूड का सेवन करना ।
**हार्मोनल में बदलाव :: महिलाओं में मासिक धर्म के समय IBS के लक्षण को बढ़ा सकते हैं।
**संक्रमण :: पेट में कोई भी तरह संक्रमण के बाद भी IBS के लक्षण उभर सकते हैं।
## IBS का सही इलाज?
IBS का कोई स्थायी इलाज नहीं है , पर जीवनशैली, और खानपान के अलावा कुछ दवा की मदद से पूरी तरह कण्ट्रोल किया जा सकता है।
**1.आहार में सुधार**
IBS के इलाज में सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा भोजन का ही होता है। जिस में - **फाइबर युक्त भोजन लें :: जैसे की - ओट्स, फल, और सब्जियाँ ,साबुत अनाज।
** ऐसे भोजन से दुरी बनाये रखे की ,जो गैस या जलन को बढ़ाते हैं। (जैसे की - प्याज, लहसुन,गेहूं)।
**डेयरी उत्पाद को कम करें :: अगर लैक्टोज की समस्या है,तो दूध और चीज़ से पूरी तरह दूरी बनाये रखें।
**ज्यादा पानी को पिएँ ताकि शरीर में पानी की कमी न हो।
**अल्कोहल को कम करें।
**2. तनाव पर नियंत्रण**
** डेली कसरत करे। जिस से तनाव को कम करने में मदद मिलती है.
** 7–8 घंटे डेली पर्याप्त नींद ले।
** अपने काम और निजी जीवन में संतुलन को सही तरह से बनाये रखें।
**3. घरेलू उपचार**
**त्रिफला चूर्ण :: पाचन को मजबूत बनता है और कब्ज को दूर करता है।
**जीरा, सौंफ और अजवाइन के सेवन से गैस और अपच में फायदेमंद है।
** रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढाने के लिए आंवला और गिलोय का उपयोग करे।
* * छाछ और हल्का भोजन पेट को राहत देता है।
४) IBS में किन चीज़ों से दुरी बनाये रखे?
* बहुत ही मसालेदार भोजन ,या तला-भुना खाना से दुरी।
* चाय-कॉफी का सेवन न करे।
* धूम्रपान और शराब का सेवन नहीं करना चाहिए।
* ज्यादा तनाव
५)IBS से बचने के लिए क्या उपाय है?
- 1.नियमित सही समय पर भोजन करने का फिक्स करे.
- 2. डेली कसरत करना भी अच्छा होता है.
- 3. खाने को धीरे-धीरे से और अच्छी तरह से चबाकर खाना चाहिए.
- 4. रात के समय में मोबाइल या लैपटॉप से दूरी बनाये रखे.
-5. पानी और नींद दोनों को सही तरह से ले.
इलाज शुरू करने के लिए तैयार हैं?
डॉ. प्रदीप कुशवाहा से परामर्श बुक करें — ऑनलाइन या क्लीनिक पर।
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