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homeopathy me IgE ka ilaj or ige kya hota hai

Dr. Pradeep Kushwaha, M.D. schedule3 min read Playing…

# IGE का क्या इलाज है?


IgE  यह एक विशेष प्रकार की एंटीबॉडी है, जो की शरीर की **इम्यून सिस्टम** के  द्वारा बनाई जाती है। एंटीबॉडी मुख्य रूप से **एलर्जी और अस्थमा** जैसी समस्याओं से जुड़ी होती है।

- जब शरीर में किसी एलर्जन जैसे की , धूल,  पालतू जानवर का बाल, या इत्र  के संपर्क में आता है तो IgE ज्यादा एक्टिव हो जाता है.और हिस्टामिन जैसे रसायन रिलीज़ करता है।

- इससे  खुजली का होना , छींक का आना , साँस लेने में परेशानी , त्वचा पर लाल चकत्ते दिखाई देते है.


२ ) IGE होने पर क्या कारण हो सकते है?


- IgE के स्तर बढ़ने पर कई अलग- अलग  कारण हो सकते हैं: जैसे की,

 1. एलर्जी : – धूल, फंगस, इत्र, पालतू जानवर के बाल को छूने से. 

 2.फूड एलर्जी : - दूध, अंडा, मूंगफली, समुद्री भोजन आदि।

 3. अस्थमा :– जिन मरीज को अस्थमा है, उनमें अक्सर IgE  का लेवल बढ़ा पाया जाता है।

 4. त्वचा रोग: – जैसे एक्जिमा या एटोपिक डर्मेटाइटिस। 

 5. परजीवी संक्रमण : – वर्म से होने वाला संक्रमण से भी IgE बढ़ा सकते हैं। 

 6. परिवार में एलर्जी  का इतिहास होने पर भी

 

३) IGE के क्या लक्षण हो सकते है?


- लगातार छींक का आते रहना 

 - आँखों में से पानी और नाक में से पानी बहना

 - त्वचा पर लाल दाने का दिखाई देना

  -  सांस लेने में परेशानी का होना 

-  बार-बार खाँसी आते  रहना 

 -  भोजन करते समय रिएक्शन हो जाना

 

४) IGE की जाँच ?


-  सिरम IgE टेस्ट : – खून की जाँच से ही  IgE की मात्रा को नापा जाता  है।

-स्किन प्रिक टेस्ट : – अलग-अलग एलर्जन्स से  शरीर की प्रतिक्रिया को देखने के लिए किया जाता है। 

- फूड एलर्जी टेस्ट : – खाने-पीने की वस्तु से होने वाली एलर्जी।

५) HIGH  IGE का इलाज ?


- 1. एलर्जन से बचाव

 * जिस भी चीज़ से आपको एलर्जी हो, उनसे  दूरी बनाएँ।

 * पालतू जानवरों के बाल को छूने और इत्र  से दूरी रखें।

* जो भी खाद्य से एलर्जी हो तो उन  भोजन से पूरी तरह परहेज़ करें।

 2. इम्यूनोथेरेपी

  * इसमें मरीज को कम मात्रा में एलर्जन देते है, और धीरे-धीरे उसकी खुराक को  बढ़ाई जाती है।
 * इससे शरीर की एलर्जन  कम होती है।

 3. जीवनशैली और घरेलू उपाय
- भाप लेना में बहुत ही  परेशानी से कम करता है।
- हल्दी और शहद यह रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करते हैं।
 - अदरक और तुलसी से एलर्जिक लक्षणों को कम करने में सहायक होते है ।

 

#जटिलताएँ?


यदि IgE का लेवल लंबे समय तक ज्यादा रहे और इलाज न किया जाए तो:

 * लगातार अस्थमा का अटैक का आना
  * क्रॉनिक ब्रोंकाइटिस होना
  * स्किन पर  रैशेज़ का होना

#रोकथाम 


* अपने घर के आसपास सफाई रखे.
* मौसम के बदलने के समय 
* संतुलित आहार का सेवन करना ।
* डॉक्टर के द्वारा दी गई दवाइयों का सेवन करने से
इलाज शुरू करने के लिए तैयार हैं?
डॉ. प्रदीप कुशवाहा से परामर्श बुक करें — ऑनलाइन या क्लीनिक पर।
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