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homeopathy me sahi dawa ko kaise chuna jata hai?

Dr. Pradeep Kushwaha, M.D. schedule3 min read Playing…

१) होम्योपैथी में सही रेमेडी को कैसे चुनें?


- होम्योपैथी ऐसी चिकित्सा पद्धति है जो केवल बीमारी का नहीं, पूरे व्यक्ति का इलाज करती है।

 - इसमें शरीर, मन तथा व्यक्ति के स्वभाव—तीनों को ध्यान में रख कर के दवा का चयन किया जाता है।

 - यही कारण है कि, एक ही बीमारी के लिए अलग-अलग लोगों को अलग दवा को दिया जाता हैं।

 

२) होम्योपैथी में किन चीज को ध्यान में रखा जाता है?


#1. पहले लक्षणों के जांच करना

 - होम्योपैथी में दवा को चुनने से पहला महत्वपूर्ण कदम , लक्षणों का सही से विश्लेषण करना।

 - सिर्फ यह जानना ही काफी नहीं होता है, कि कौन-सी बीमारी है,

 #ध्यान देने वाली बातें:

 - बीमारी शुरुआत कब से शुरू हुई है?

 - किन -किन समस्या के कारण से ज्यादा बढ़ती सकती है?

 - किन चीजों से आराम मिलता है,या कोई खास स्थिति?

 #2. मानसिक तथा भावनात्मक स्थिति के महत्व

 - होम्योपैथी शारीरिक लक्षणों तक ही सीमित नहीं है। पर व्यक्ति के मानसिक तथा भावनात्मक स्थिति भी जरुरी होती है.

 #कुछ महत्वपूर्ण मानसिक संकेत#

 - क्या - व्यक्ति को जल्दी से गुस्सा हो जाता है? 

 * क्या बार-बार डर या तो, चिंता रहती है?

 * क्या अकेलापन महसूस करता है?

 #3. समानता वाले सिद्धांत

 - होम्योपैथी का महत्वपूर्ण सिद्धांत है—“जैसा रोग, वैसी ही दवा”। 

 # 4. सही पोटेंसी का चयन करना

 - होम्योपैथिक दवा अलग पोटेंसी में होती हैं, और सही पोटेंसी को चुनना जरूरी होता है।

 - लो पोटेंसी 30C :: नई समस्याओं के लिए.

 - हाई पोटेंसी : पुरानी या तो,गहरी समस्याओं के लिए.

 # 5. दवा के सही मात्रा में लेने से

 - होम्योपैथी के दवा को बार - बार लेने की जरुरत नहीं होती है।

 #ध्यान रखें#

 - दिन में १-२ बार ही दवा को लेना होता है. और दवा को हाथ से नहीं छूना चाहिए।

 #5. इलाज के समय क्या सावधानियां रखना चाहिए?

 - होम्योपैथी को सुरक्षित इसलिए माना जाता है, की इसका कोई साइड - इफ़ेक्ट नहीं होता है.

 - डॉ. से कब मिलें 

 - यदि बीमारी ज्यादा से भी बनी हुई है. अगर लक्षण बार-बार लौट रहे हैं तब।

 # 7. अनुभवी ड़ॉ. से सलाह लेना क्यों जरूरी है? 

 - हर व्यक्ति के लक्षण अलग होते हैं, इसलिए अनुभवी डॉ. ही सही दवा , पोटेंसी का चयन कर सकता है। 

 - शारीरिक लक्षण , मानसिक स्थिति, जीवनशैली

 इन तीनों को मिला कर के ही व्यक्तिगत उपचार योजना को बनाता है।

 #8. जरूरी टिप्स

- होम्योपैथी के दवा को लेते समय छोटी-छोटी बात का ध्यान रखना बहुत जरूरी है, 

 - दवा को खाने से 15 मिनट पहले तथा दवा को खाने के बाद में कुछ भी न खाएं।
इलाज शुरू करने के लिए तैयार हैं?
डॉ. प्रदीप कुशवाहा से परामर्श बुक करें — ऑनलाइन या क्लीनिक पर।
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