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Sciatica ka homeopathic ilaj

Dr. Pradeep Kushwaha, M.D. schedule3 min read Playing…
Sciatica ka homeopathic ilaj

साइटिका (Sciatica):


आजकल बदलते जीवनशैली में , ज्यादा समय तक बैठकर काम करने और शारीरिक गतिविधियों की कमी के कारण से लोगों में कमर और पैर दर्द की समस्या देखने को ज्यादा मिल रही है.

- सबसे ज्यादा देखी जाने वाली समस्या है साइटिका (Sciatica)।

 - साइटिका केवल कमर का दर्द ही नहीं है, बल्कि एक विशेष प्रकार का दर्द है, जो की ,शरीर की सबसे लंबी नस साइटिक नर्व से जुड़ा होता है।
 
- साइटिक की नस कमर के निचले हिस्से से निकलकर जांघों और पिंडलियों से होती हुई पैर की उंगलियों तक जाती है। जब भी किसी कारणवश इस नस पर दबाव पड़ता है, तो दर्द, सुन्नपन या झुनझुनी महसूस होती है, जिसे साइटिका कहा जाता है।


२) साइटिका के मुख्य कारण?


साइटिका के कई कारण हो सकते हैं, जिनमें सबसे आम हैं:

 - स्लिप डिस्क : – रीढ़ की हड्डियो के बीच से डिस्क खिसक जाती है। और नस पर दबाव पड़ता है.

 - बोन स्पर :– हड्डी पर ज्यादा वृद्धि होकर नस को दबा सकती है।

 - चोट या दुर्घटना : – कमर या रीढ़ पर चोट लगने से नस को असर हो सकता है.

 - मांसपेशियों में खिंचाव : – पिरिफॉर्मिस मांसपेशी में खिंचाव होने से भी साइटिक नर्व पर दबाव पड़ता है।


३) साइटिका के लक्षण?


साइटिका के लक्षण अलग -अलग व्यक्ति में अलग होते है. जो की इस तरह से है,
 - कमर से लेकर पैर तक तेज जैसा दर्द का होना ।

 - पैरों या पंजों में सुन्नपन।

 - चलने, दौड़ने या झुकने में परेशानी का होना।

 - पैरों में कमजोरी या अकड़न।

 - गंभीर स्थिति में मूत्र या मल त्याग पर भी असर पड़ सकता है।

४) साइटिका का निदान (Diagnosis)?


सही इलाज के लिए सही जांच भी बहुत जरूरी है। डॉक्टर निम्नलिखित तरीकों से साइटिका का पता लगाते हैं:

 - शारीरिक परीक्षण : – डॉक्टर पेशेंट को झुकने, चलने या पैरों को उठाने जैसी गति विधियाँ करवाते हैं।

 - X-Ray: – हड्डियों में किसी कमी की जांच के लिए।

 #साइटिका का उपचार? 

साइटिका का इलाज मरीज की स्थिति पर निर्भर करता है। शुरुआती मामलों में दवाइयों और फिजियोथेरेपी से आराम मिल जाता है, लेकिन गंभीर स्थिति में अन्य उपायों की जरूरत होती है।

 - आराम : – ज्यादा मेहनत वाले काम से बचना चाहिए, लेकिन पूरी तरह से बिस्तर पर पड़े रहना भी सही नहीं है।

 - दवाइयाँ :– दर्द और सूजन कम करने के लिए दर्दनाशक दवाइयाँ दी जाती हैं।

 - फिजियोथेरेपी : – एक्सरसाइज और स्ट्रेचिंग से नस पर दबाव कम किया जा सकता है। 

 - गर्म या ठंडी सिकाईकरने पर भी मांसपेशियों के तनाव और दर्द में राहत मिलती है।

 - सर्जरी : – जब इलाज से राहत न मिले तो और समस्या गंभीर हो जाए, तब सर्जरी की जाती है।

५) साइटिका से बचाव के उपाय?


- डेली व्यायाम अच्छा होता है. 

 - हमेशा सही तरीके से बैठें और चलें।

 - भारी सामान उठाते समय कमर झुकाने के बजाय घुटनों से झुकें।

 - संतुलित आहार लें और वजन पर कण्ट्रोल रखें।

 - नियमित कसरत करना अच्छा है.
इलाज शुरू करने के लिए तैयार हैं?
डॉ. प्रदीप कुशवाहा से परामर्श बुक करें — ऑनलाइन या क्लीनिक पर।
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